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रीवा-रांची राष्ट्रीय राज्य मार्ग पर 14 किमी तक जगह-जगह गड्ढे
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विण्ढमगंज रीवा रांची मार्ग की क्षतिग्रस्त सड़क।
- फोटो : SONBHADRA
विंढमगंज। रांची रींवा राष्ट्रीय राजमार्ग 75 पर विंढमगंज से दुद्धी तक (14 किलोमीटर) बिल्कुल जर्जर हो गया है। जगह-जगह दो से तीन फीट गहरे गड्ढे बने हैं जिसमें पानी भरने से राहगीरों को पता नहीं चलता और वे दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं। स्थिति यह है कि सिर्फ 14 किमी की दूरी तय करने में एक घंटे लग जाता है। पिछले दिनों मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आजमगढ़ मंडल की वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान मऊ की सड़कों पर चिंता जताई थी। इसको लेकर क्षेत्र के लोगों में भी एनएच के दुरुस्त होने की आस जगी है।
व्यापार मंडल के अध्यक्ष अमल कुमार जायसवाल ने कहा कि झारखंड से उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाली रांची रींवा मार्ग पर विंढमगंज से दुद्धी तक बने गड्ढों में फंसकर दो पहिया वाहन चालक और पैदल राहगीर गिरकर घायल हो रहे हैं। चार पहिया वाहन चालक विंढमगंज से दुद्धी तक की 14 किमी की दूरी दो घंटे में तय करते हैं। इस इलाके के दर्जनों गांव के लोगों को सरकारी कार्यों के लिए दुद्धी तहसील, ब्लाक और गंभीर बीमारियों के इलाज-डिलेवरी हेतु दुद्धी जाने के लिए यही एक रास्ता है। राजकमल यादव अक्षयवरनाथ केशरी, विजय यादव, महेंद्र कुमार, पवन कुमार, सुरेंद्र कुमार पासवान, राजाराम राजन दुबे के मुताबिक बारिश के बाद सड़क पर बने गढ्ढों में पानी भर जाने से दुश्वारियां और बढ़ जाती हैं। अक्सर दुर्घटना होने का भय रहता है। रोड के पटरियों पर बिखरी गिट्टियां भी दुर्घटना की वजह बन रही हैं। बड़े वाहनों के टायर से दबकर छिटकी गिट्टियां राहगीरों को जा लगती हैं जिससे वे घायल हो जाते हैं। इनमें बने गढ्ढे जानलेवा साबित हो रहे हैं। विभागीय अधिकारियों ने अब तक इसकी कोई सुधि नहीं ली। नागरिकों ने इस समस्या की ओर जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट करते हुए तत्काल मार्ग के मरम्मत कराने की मांग की है। अगर तत्काल इस रोड की मरम्मत नहीं हुई तो कभी भी बड़ी दुर्घटना घट सकती है।
कोट
सात वर्ष पूर्व यह मार्ग बना था। हाथीनाला से विंढमगंज तक सड़क का मरम्मत कराने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। टेंडर की प्रक्रिया भी पूरी की जा चुकी है।-सीपी गुप्ता, अवर अभियंता, एनएएचआई
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व्यापार मंडल के अध्यक्ष अमल कुमार जायसवाल ने कहा कि झारखंड से उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाली रांची रींवा मार्ग पर विंढमगंज से दुद्धी तक बने गड्ढों में फंसकर दो पहिया वाहन चालक और पैदल राहगीर गिरकर घायल हो रहे हैं। चार पहिया वाहन चालक विंढमगंज से दुद्धी तक की 14 किमी की दूरी दो घंटे में तय करते हैं। इस इलाके के दर्जनों गांव के लोगों को सरकारी कार्यों के लिए दुद्धी तहसील, ब्लाक और गंभीर बीमारियों के इलाज-डिलेवरी हेतु दुद्धी जाने के लिए यही एक रास्ता है। राजकमल यादव अक्षयवरनाथ केशरी, विजय यादव, महेंद्र कुमार, पवन कुमार, सुरेंद्र कुमार पासवान, राजाराम राजन दुबे के मुताबिक बारिश के बाद सड़क पर बने गढ्ढों में पानी भर जाने से दुश्वारियां और बढ़ जाती हैं। अक्सर दुर्घटना होने का भय रहता है। रोड के पटरियों पर बिखरी गिट्टियां भी दुर्घटना की वजह बन रही हैं। बड़े वाहनों के टायर से दबकर छिटकी गिट्टियां राहगीरों को जा लगती हैं जिससे वे घायल हो जाते हैं। इनमें बने गढ्ढे जानलेवा साबित हो रहे हैं। विभागीय अधिकारियों ने अब तक इसकी कोई सुधि नहीं ली। नागरिकों ने इस समस्या की ओर जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट करते हुए तत्काल मार्ग के मरम्मत कराने की मांग की है। अगर तत्काल इस रोड की मरम्मत नहीं हुई तो कभी भी बड़ी दुर्घटना घट सकती है।
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सात वर्ष पूर्व यह मार्ग बना था। हाथीनाला से विंढमगंज तक सड़क का मरम्मत कराने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। टेंडर की प्रक्रिया भी पूरी की जा चुकी है।-सीपी गुप्ता, अवर अभियंता, एनएएचआई
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