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वेतन के लिए संविदा श्रमिकों का प्रदर्शन
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शक्तिनगर। दो माह से वेतन नहीं मिलने से नाराज संविदा श्रमिकों ने मंगलवार को एनसीएल दुद्धीचुआ के महाप्रबंधक कार्यालय पर प्रदर्शन किया। इस दौरान सुरक्षा कर्मियों से हल्की झड़प हुई लेकिन मामला शांत करा लिया गया।
दुद्धीचुआ कोयला क्षेत्र में अधिभार (ओबी) हटाने का कार्य आउटसोर्सिंग कंपनी गजराज माइनिंग कर रही है। श्रमिकों का आरोप था कि पगार के नाम पर कंपनी ने उनको एक पाई का भुगतान नहीं किया। इसके चलते उनका परिवार भूखमरी के कगार पर आ गया है। करीब पचास की संख्या में जुटे श्रमिकों ने निजी कंपनी व एनसीएल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी शुरू किया तो सुरक्षा कर्मियों ने मुख्य द्वार से हटाने की कोशिश किया लेकिन मामला बिगड़ गया। इस दौरान दोनों पक्षों में नोक झोंक हुई लेकिन मौजूद लोगों ने बीच बचाव कर मामला शांत करा दिया। श्रमिकों ने बताया कि मार्च महीने से वेतन भुगतान नहीं किया है। भुगतान के लिए आठ अप्रैल को त्रिपक्षीय वार्ता हुई। वार्ता में श्रमिकों के साथ कंपनी प्रबंधन व एनसीएल यूनियनों के पदाधिकारी शामिल हुए थे। लेकिन कंपनी प्रबंधन ने समझौते दरकिनार दिया। श्रमिक आनंद सिंह ने बताया कि अब आंदोलन के अलावा श्रमिकों के पास कोई रास्ता नहीं बचा है। पूरे मामले पर दुद्धीचुआ प्रबंधन का पक्ष जानने की काशिश की गई तो प्रोजेक्ट की स्टाफ अधिकारी (कार्मिक) कविता गुप्ता मीटिंग होने की बात कहते हुए फोन काट दिया।
एनसीएल ने नहीं किया भुगतान
शक्तिनगर। श्रमिकों के वेतन भुगतान पर गजराज माइनिंग के अधिकारी राजेश राय का कहना था कि एनसीएल द्वारा कंपनी को अभी तक मार्च महीने का भुगतान नहीं किया गया है। इसी वजह से वेतन देने में देर हुई है। इस मामले पर अधिकारी जल्द कोई ठोस निर्णय लेंगे।
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दुद्धीचुआ कोयला क्षेत्र में अधिभार (ओबी) हटाने का कार्य आउटसोर्सिंग कंपनी गजराज माइनिंग कर रही है। श्रमिकों का आरोप था कि पगार के नाम पर कंपनी ने उनको एक पाई का भुगतान नहीं किया। इसके चलते उनका परिवार भूखमरी के कगार पर आ गया है। करीब पचास की संख्या में जुटे श्रमिकों ने निजी कंपनी व एनसीएल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी शुरू किया तो सुरक्षा कर्मियों ने मुख्य द्वार से हटाने की कोशिश किया लेकिन मामला बिगड़ गया। इस दौरान दोनों पक्षों में नोक झोंक हुई लेकिन मौजूद लोगों ने बीच बचाव कर मामला शांत करा दिया। श्रमिकों ने बताया कि मार्च महीने से वेतन भुगतान नहीं किया है। भुगतान के लिए आठ अप्रैल को त्रिपक्षीय वार्ता हुई। वार्ता में श्रमिकों के साथ कंपनी प्रबंधन व एनसीएल यूनियनों के पदाधिकारी शामिल हुए थे। लेकिन कंपनी प्रबंधन ने समझौते दरकिनार दिया। श्रमिक आनंद सिंह ने बताया कि अब आंदोलन के अलावा श्रमिकों के पास कोई रास्ता नहीं बचा है। पूरे मामले पर दुद्धीचुआ प्रबंधन का पक्ष जानने की काशिश की गई तो प्रोजेक्ट की स्टाफ अधिकारी (कार्मिक) कविता गुप्ता मीटिंग होने की बात कहते हुए फोन काट दिया।
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एनसीएल ने नहीं किया भुगतान
शक्तिनगर। श्रमिकों के वेतन भुगतान पर गजराज माइनिंग के अधिकारी राजेश राय का कहना था कि एनसीएल द्वारा कंपनी को अभी तक मार्च महीने का भुगतान नहीं किया गया है। इसी वजह से वेतन देने में देर हुई है। इस मामले पर अधिकारी जल्द कोई ठोस निर्णय लेंगे।
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