{"_id":"640cd253155a0c04d90a4234","slug":"people-were-shocked-to-see-the-condition-of-the-dead-body-sonbhadra-news-c-20-1-98914-2023-03-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sonebhadra News: शव की हालत देख बिफरे लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sonebhadra News: शव की हालत देख बिफरे लोग
विज्ञापन
घोरावल। पेढ़ निवासी अनुराग पाल की हत्या के मामले में शनिवार की शाम पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचने पर मामला फिर गर्म हो गया। कुछ देर पहले ही प्रशासनिक अफसरों को ज्ञापन देकर सड़क खाली करने वाले ग्रामीण शव लेकर दोबारा मुख्य मार्ग पर बैठ गए। वह डीएम, एसपी को मौके पर बुलाने की मांग कर रहे थे। पुलिस-प्रशासन के अफसर उन्हें समझाने में लगे रहे।
सुबह नौ बजे से पेढ़ गांव के पास घोरावल-मिर्जापुर मुख्य मार्ग पर जाम लगाए लोगों ने शाम करीब साढ़े पांच बजे रास्ता खाली कर दिया। आजाद समाज पार्टी व भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष रविकांत सिंह के नेतृत्व में जाम लगाए लोगों ने एएसपी कालू सिंह और एसडीएम प्रभाकर सिंह को मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। पोस्टमार्टम के बाद शव आते ही सभी लोग मंगल पाल के घर की ओर रवाना हो गए। परिजन शव लेकर अंदर गए। वहां शव की हालत देख लोग फिर उग्र हो गए। पानी में रहने से शव क्षत-विक्षत हो गया था। उससे दुर्गंध उठ रहा था। वापस लोग शव लेकर सड़क पर आए और फिर धरने पर बैठ गए। मौके पर मौजूद अधिकारी उन्हें मनाने में जुटे रहे।
एसपी को बुलाने की होती रही मांग
हृदय विदारक घटना से आक्रोशित लोगों को मनाने में अफसरों के पसीने छूट गए। हजारों की भीड़ के बीच वह बेबस नजर आए। सड़क पर बैठे लोग जाम हटाने के लिए डीएम-एसपी को मौके पर बुलाने और आरोपियों पर ठोस कार्रवाई के लिए आश्वासन चाह रहे थे। वह लगातार यह मांग करते रहे, बावजूद जिले से अधिकारी नहीं पहुंचे। पुलिस विभाग से एएसपी मुख्यालय कालू सिंह मोर्चा संभाले रहे तो प्रशासन से एसडीएम मौजूद रहे। घटना को लेकर पुलिस के प्रति गहरी नाराजगी के बावजूद एसपी के मौके पर न आने से भी लोग असंतुष्ट दिखे। लोगों का कहना था कि अगर एसपी मौके पर आ गए होते तो शायद जाम काफी पहले ही खत्म हो चुका होता।
विज्ञापन
भाजपा राज में कानून-व्यवस्था फेल
सोनभद्र। घोरावल में हुई हृदय विदारक घटना पर कांग्रेस ने पुलिस-प्रशासन को आड़े हाथों लिया है। पार्टी प्रवक्ता शत्रुंजय मिश्र ने कहा कि भाजपा सरकार में अपराधी बेलगाम हो चुके हैं। सुशासन का नारा देकर सत्ता में आई भाजपा सरकार में जंगलराज कायम है। कानून व्यवस्था चरमरा गई है। अभी हाल में होली के दिन कुछ युवकों ने किशोर को बेरहमी से पीटकर अधमरा कर दिया था। इसके बाद एक चिकित्सा कर्मी के घर में चोरी और अब बालक के अपहरण कर हत्या की वारदात ने जिले में कानून व्यवस्था की पोल खोल दी है। इस मामले में दोषी पुलिसकर्मियों को निलंबित करने और पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग की। उधर, भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष रविकांत ने भी घटना की निंदा करते हुए लापरवाह पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई को पीड़ित परिवार के लिए मुआवजा की मांग की।
पुलिस की लापरवाही से हुई घटना : धर्मवीर
सोनभद्र। भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष धर्मवीर तिवारी ने घोरावल के पेढ़ में हुई घटना पर दुख जताया है। उन्होंने कहा कि मामले में पुलिस का रवैया शुरू से ही लचर रहा। सूचना देने और मुकदमा दर्ज कराने के बाद भी पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। अलबत्ता बालक के पिता पर ही उल्टे शक जताया जाता रहा। नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी में ही चार दिन लग गए। यह स्थिति तब रही, जब भाजपा के कार्यकर्ता से जुड़ा हुआ था। इससे अन्य मामलों में पुलिस की सक्रियता का अंदाजा लगाया जा सकता है। कहा कि जिले में लगातार आपराधिक घटनाएं बढ़ रही हैं, मगर पुलिस उस पर लगाम लगाने में विफल है।
विज्ञापन
सुबह नौ बजे से पेढ़ गांव के पास घोरावल-मिर्जापुर मुख्य मार्ग पर जाम लगाए लोगों ने शाम करीब साढ़े पांच बजे रास्ता खाली कर दिया। आजाद समाज पार्टी व भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष रविकांत सिंह के नेतृत्व में जाम लगाए लोगों ने एएसपी कालू सिंह और एसडीएम प्रभाकर सिंह को मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। पोस्टमार्टम के बाद शव आते ही सभी लोग मंगल पाल के घर की ओर रवाना हो गए। परिजन शव लेकर अंदर गए। वहां शव की हालत देख लोग फिर उग्र हो गए। पानी में रहने से शव क्षत-विक्षत हो गया था। उससे दुर्गंध उठ रहा था। वापस लोग शव लेकर सड़क पर आए और फिर धरने पर बैठ गए। मौके पर मौजूद अधिकारी उन्हें मनाने में जुटे रहे।
विज्ञापन
एसपी को बुलाने की होती रही मांग
हृदय विदारक घटना से आक्रोशित लोगों को मनाने में अफसरों के पसीने छूट गए। हजारों की भीड़ के बीच वह बेबस नजर आए। सड़क पर बैठे लोग जाम हटाने के लिए डीएम-एसपी को मौके पर बुलाने और आरोपियों पर ठोस कार्रवाई के लिए आश्वासन चाह रहे थे। वह लगातार यह मांग करते रहे, बावजूद जिले से अधिकारी नहीं पहुंचे। पुलिस विभाग से एएसपी मुख्यालय कालू सिंह मोर्चा संभाले रहे तो प्रशासन से एसडीएम मौजूद रहे। घटना को लेकर पुलिस के प्रति गहरी नाराजगी के बावजूद एसपी के मौके पर न आने से भी लोग असंतुष्ट दिखे। लोगों का कहना था कि अगर एसपी मौके पर आ गए होते तो शायद जाम काफी पहले ही खत्म हो चुका होता।
विज्ञापन
भाजपा राज में कानून-व्यवस्था फेल
सोनभद्र। घोरावल में हुई हृदय विदारक घटना पर कांग्रेस ने पुलिस-प्रशासन को आड़े हाथों लिया है। पार्टी प्रवक्ता शत्रुंजय मिश्र ने कहा कि भाजपा सरकार में अपराधी बेलगाम हो चुके हैं। सुशासन का नारा देकर सत्ता में आई भाजपा सरकार में जंगलराज कायम है। कानून व्यवस्था चरमरा गई है। अभी हाल में होली के दिन कुछ युवकों ने किशोर को बेरहमी से पीटकर अधमरा कर दिया था। इसके बाद एक चिकित्सा कर्मी के घर में चोरी और अब बालक के अपहरण कर हत्या की वारदात ने जिले में कानून व्यवस्था की पोल खोल दी है। इस मामले में दोषी पुलिसकर्मियों को निलंबित करने और पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग की। उधर, भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष रविकांत ने भी घटना की निंदा करते हुए लापरवाह पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई को पीड़ित परिवार के लिए मुआवजा की मांग की।
पुलिस की लापरवाही से हुई घटना : धर्मवीर
सोनभद्र। भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष धर्मवीर तिवारी ने घोरावल के पेढ़ में हुई घटना पर दुख जताया है। उन्होंने कहा कि मामले में पुलिस का रवैया शुरू से ही लचर रहा। सूचना देने और मुकदमा दर्ज कराने के बाद भी पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। अलबत्ता बालक के पिता पर ही उल्टे शक जताया जाता रहा। नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी में ही चार दिन लग गए। यह स्थिति तब रही, जब भाजपा के कार्यकर्ता से जुड़ा हुआ था। इससे अन्य मामलों में पुलिस की सक्रियता का अंदाजा लगाया जा सकता है। कहा कि जिले में लगातार आपराधिक घटनाएं बढ़ रही हैं, मगर पुलिस उस पर लगाम लगाने में विफल है।