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अति नक्सल क्षेत्रों के विकास का रास्ता साफ
ब्यूरो/ अमर उजाला /सोनभद्र
Updated Tue, 15 Mar 2016 10:46 PM IST
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बिहार और झारखंड की सीमा से सटे इलाकों में विकास का रास्ता साफ हो गया है। चोपन ब्लाक में सोन नदी पर चांचीकला में पुल निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग ने 4.8042 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहीत कर ली है। किसानों को 10 करोड़ रुपये मुआवजा बांट दिया गया है। अब निर्माण कार्य शुरू होगा।
चोपन ब्लाक का दक्षिणी हिस्सा बिहार और झारखंड की सीमा से सटा है। यह क्षेत्र अति नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में आता है। पूर्व में इन इलाकों में ताबड़तोड़ कई नक्सल घटनाएं हुईं। इससे क्षेत्र का विकास काफी हद तक प्रभावित हुआ था। पहले इन इलाकों में आवागमन तक की ठीकठाक व्यवस्था नहीं थी जिससे पुलिस को भी कांबिंग करने में दिक्कत होती थी। जिससे नक्सली बड़ी आसानी से बिहार और झारखंड के सीमावर्ती इलाकों में घटनाओं को अंजाम देने के लिए बाद जंगलों में छिप जाते थे।
इसको देखते हुए यूपी सरकार ने अति नक्सल प्रभावित गांव चांचीकला-मझगवां के बीच सोन नदी पर पुल के निर्माण का निर्णय लिया था। इसके लिए करीब 70 करोड़ रुपये पहली किश्त जारी भी हुई, लेकिन किसानों के जमीनों के अधिग्रहण को लेकर पेंच फंस गया था। सरकार को इस पुल के निर्माण के लिए 4.8042 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहीत करनी थी। अब करीब तीन सौ किसानों की जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई लोक निर्माण विभाग ने पूर्ण कर लिया है।
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पिछले दिनों विभाग के खंड दो के अधिशासी अभियंता चंद्र प्रकाश, सहायक अभियंता हरिशंकर यादव, इकरार अहमद बेग और राजीव कुमार ने किसानों को मुआवजा राशि भी बांट दिया। सहायक अभियंता ने बताया कि दस करोड़ रुपये मुआवजे के तौर पर किसानों को दे दिया गया है। अब जल्द ही पुल के निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। बता दें कि इस पुल के बनने से रानीडीह, चकरिया, बसुहारी, पिंडारी, अडग़ुड़, कोन, देवाटन, चांचीकला, नकतवार, मझिगांवा आदि गांव लाभान्वित होंगे। साथ ही पड़ोसी राज्यों के सीमावर्ती गांवों का भी कोन बाजार से सीधा संपर्क हो जाएगा।
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चोपन ब्लाक का दक्षिणी हिस्सा बिहार और झारखंड की सीमा से सटा है। यह क्षेत्र अति नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में आता है। पूर्व में इन इलाकों में ताबड़तोड़ कई नक्सल घटनाएं हुईं। इससे क्षेत्र का विकास काफी हद तक प्रभावित हुआ था। पहले इन इलाकों में आवागमन तक की ठीकठाक व्यवस्था नहीं थी जिससे पुलिस को भी कांबिंग करने में दिक्कत होती थी। जिससे नक्सली बड़ी आसानी से बिहार और झारखंड के सीमावर्ती इलाकों में घटनाओं को अंजाम देने के लिए बाद जंगलों में छिप जाते थे।
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इसको देखते हुए यूपी सरकार ने अति नक्सल प्रभावित गांव चांचीकला-मझगवां के बीच सोन नदी पर पुल के निर्माण का निर्णय लिया था। इसके लिए करीब 70 करोड़ रुपये पहली किश्त जारी भी हुई, लेकिन किसानों के जमीनों के अधिग्रहण को लेकर पेंच फंस गया था। सरकार को इस पुल के निर्माण के लिए 4.8042 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहीत करनी थी। अब करीब तीन सौ किसानों की जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई लोक निर्माण विभाग ने पूर्ण कर लिया है।
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पिछले दिनों विभाग के खंड दो के अधिशासी अभियंता चंद्र प्रकाश, सहायक अभियंता हरिशंकर यादव, इकरार अहमद बेग और राजीव कुमार ने किसानों को मुआवजा राशि भी बांट दिया। सहायक अभियंता ने बताया कि दस करोड़ रुपये मुआवजे के तौर पर किसानों को दे दिया गया है। अब जल्द ही पुल के निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। बता दें कि इस पुल के बनने से रानीडीह, चकरिया, बसुहारी, पिंडारी, अडग़ुड़, कोन, देवाटन, चांचीकला, नकतवार, मझिगांवा आदि गांव लाभान्वित होंगे। साथ ही पड़ोसी राज्यों के सीमावर्ती गांवों का भी कोन बाजार से सीधा संपर्क हो जाएगा।