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Sonebhadra News: आयुष अस्पताल में मरीजों की जान से खिलवाड़, आयुर्वेद के डॉक्टर बांट रहे होम्योपैथ और यूनानी दवाएं

Wed, 24 Jun 2026 12:06 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 24 Jun 2026 12:06 AM IST
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Patients' lives put at risk at Ayush hospital; Ayurvedic doctors are dispensing Homeopathic and Unani medicines
लोढ़ी स्थित 50 बेड के आयुष अस्पताल में मरीज क़ो एक ही पर्ची पर लिखी गई आयुर्वेद, होम्योपैथ और यून
सोनभद्र। लोढ़ी स्थित 50 शय्या आयुष अस्पताल में मरीजों की सेहत के साथ खिलवाड़ का मामला सामने आया है। यहां तैनात चिकित्सा अधीक्षक मरीजों को आयुर्वेद के साथ-साथ होम्योपैथ और यूनानी पद्धति की भी दवाएं धड़ल्ले से लिख रहे हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि उनके पास सिर्फ आयुर्वेद की डिग्री है। इसके बावजूद वह दूसरी पद्धतियों की दवाएं देने से नहीं हिचक रहे हैं। नियमों को ताक पर रखकर एक ही मरीज को एक ही पर्ची पर तीनों तरह की दवाएं एक साथ लिखकर दी जा रही हैं। ऐसा तब हो रहा है, जब अस्पताल में दूसरी विधाओं के विशेषज्ञ डॉक्टर पहले से तैनात हैं। कोरोना काल में बेहद कारगर रही आयुष चिकित्सा पद्धति को आम लोगों तक आसानी से पहुंचाने के लिए करीब तीन साल पहले लोढ़ी में इस 50 बेड के आयुष अस्पताल की स्थापना की गई थी। यहां मरीजों को आयुर्वेद, होम्योपैथ, यूनानी के अलावा फिजियोथेरेपी और नैचुरोपैथी विधि से उपचार की सुविधा एक ही छत के नीचे मुहैया कराई जाती है। इसके लिए हर विधा के विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती भी की गई है ताकि मरीजों की जरूरत के अनुसार सही पद्धति से इलाज हो सके। अस्पताल में सभी विधाओं के लिए पर्याप्त संसाधन और दवाएं भी उपलब्ध हैं। पिछले कुछ समय से अस्पताल में दवा और उपचार को लेकर भारी मनमानी चल रही है। नियमों के मुताबिक मरीजों को उनकी बीमारी के आधार पर अलग-अलग विभागों (काउंटर्स) में भेजा जाना चाहिए लेकिन ऐसा करने के बजाय एक ही चेंबर से तीनों विधियों से उपचार किया जा रहा है। मरीजों को तीनों तरह की दवाएं एक साथ लेने की सलाह भी दी जा रही है। चिकित्सा नियमों के तहत कोई भी डॉक्टर सिर्फ अपनी ही विशेषज्ञता वाली पद्धति में दवा-उपचार कर सकता है। आयुर्वेद के डॉक्टरों को कुछ विशेष और आपातकालीन मामलों में एलोपैथ की सामान्य दवाएं देने की सीमित अनुमति तो है लेकिन गंभीर मरीजों को बिना विशेषज्ञता के होम्योपैथ और यूनानी दवाएं एक साथ मिक्स करके देना बेहद खतरनाक माना जाता है। इस लापरवाही से मरीजों की जान पर बन सकती है।
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