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Sonebhadra News: बेमौसम बारिश से धान की फसल चौपट, किसानों को बढ़ी क्षति
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सोनभद्र। जिले में पिछले सप्ताह हुई बारिश में रही कसर दो दिन से हो रही बारिश ने पूरी कर दी। किसानों को धान की फसल को लेकर जो उम्मीदें थी, अब वह भी धराशाई हो गई। बेमौसम बारिश में धान की फसल भींगने से किसानों को लागत निकालना मुश्किल हो गया है। नम खेतों में रबी फसलों की हुई बोवाई प्रभावित होने का अंदेशा है। कृषि वैज्ञानिक बारिश को रबी की फसलों के लिए फायदेमंद बता रहे हैं।
जिले में बीते सप्ताह तीन दिनों तक रुक-रुक कर बारिश हुई। इससे धान की फसलें भींग गई थी। बीच में चार दिन तक मौसम साफ रहा। इस बीच किसान धान की फसलें सुखाने में जुटे रहे। कुछ किसान धान की मड़ाई में लगे थे। बुधवार से हो रही तेज बारिश से पुन: धान की फसलें भींग गई। खेतों-खलिहानों में जगह-जगह पानी जमा होने से धान अंकुरित होने लगे हैं। हालांकि की फसलों के लिए इस बारिश को फायदेमंद बताया जा रहा है।
सलखन: सदर ब्लॉक के न्याय पंचायत सलखन क्षेत्र के अन्तर्गत गुरमा, मारकुंडी, सलखन, केवटा, बेलछ, रुदौली, रजधन, महुआव कला, महुआंव खुर्द, पईका, बेलकप, चिरहुली, बघनार, भभाईच आदि गांवों में खेतों में धान की कटी फसल पानी से भीग कर अब खराब होने की स्थिति में आ गई है। किसानों का कहना है कि यदि एक-दो दिन के अंदर धूप नहीं दिखाई दिया तो किसानों की लागत को कौन कहे किसान भुखमरी के कगार पर आ जाएंगें। किसान वशिष्ठ कुशवाहा, मदन मोहन यादव, कपिलमुनी पांडेय, राजेश मिश्रा आदि का कहना है कि क्षेत्र में आधा से अधिक किसानों के धान की फसल खेतों में और कुछ खलिहानों में पड़े हुए हैं।
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दलहन, तिलहन की फसल को फायदा
करमा। क्षेत्र में बृहस्पतिवार को रुक-रुक कर हुई बारिश से दलहन व तिलहन की फसल को तो फायदा हो रहा है, लेकिन जिन किसानों का धान कटकर खलिहान में रखा है उनका नुकसान हो रहा है। मदैनिया गांव के किसान इंद्रजीत ने बताया कि उनका धान काटकर खलिहान में रखा हुआ है। बारिश से खराब हो जाएगा, लेकिन सरसों, अलसी, मसूर, चना की फसल को फायदा होगा। खेत में नमी कम होने के कारण जिन फसलों का जमाव कम हुआ था, उनका जमाव अब हो सकता है। अंजनी तिवारी का कहना है कि बरसात से गेहूं की बुआई एक सप्ताह बिलंब से हो पाएगी। उनका धान काटकर रखा गया है, अब धान का चावल भी खराब हो जाएगा। इसी तरह से धौरहरा के रमेश सिंह का धान खलिहान में खराब हो रहा है।
बारिश में कीचड़ से सनी कोन की सड़कें
कोन। दो दिन से हो रही बारिश से कोन कस्बा के साथ ही कोन- विंण्डमगंज मार्ग पर स्थित बस स्टैंड, थाना रोड, अस्पताल, इंटर कॉलेज जाने वाली सड़कें गड्ढायुक्त व जर्जर होने के कारण कीचड़ से सन गई हैं। इससे मार्ग पर गुजरने वाले राहगीर और ग्रामीण परेशान हैं। कीचड़ से सड़कों पर चलना दुश्वार हो गया है। मार्ग पर फिसल कर गिरकर चोटिल हो रहे हैं। यही हाल कचनरवा बाजार की है।
कुछ विद्यालयों में कर दी गई छुट्टी
बीजपुर। क्षेत्र में लगातार बारिश से जहां किसानों की चिंता बढ़ गई है। वहीं बारिश से स्कूली बच्चों को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। लगातार हो रही बारिश को देखते हुए क्षेत्र के कुछ विद्यालयों में छुट्टी कर दी गई। जरहा न्याय पंचायत क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों में जहां बच्चों की उपस्थिति काफी कम रहीं। स्कूली बच्चे कहीं रेनकोट तो कहीं छाता लगाकर बचते बचाते स्कूल पहुंचे।
बारिश से धान की फसलों को क्षति पहुंची है। दूसरी तरफ चना, मसूर, मटर, गेहूं व सरसों सहित रबी के अन्य फसलों को बारिश से फायदा हुआ है। जो किसान अभी रबी फसलों की बुआई नहीं कर सके हैं, वे मौसम साफ होने पर फसलों की बुआई में जीरो ट्रिल का प्रयोग करें। इस विधि से फसलों का जमाव अच्छा होगा। - डाॅ. एमपी सिंह, वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक-केवीके सोनभद्र।
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जिले में बीते सप्ताह तीन दिनों तक रुक-रुक कर बारिश हुई। इससे धान की फसलें भींग गई थी। बीच में चार दिन तक मौसम साफ रहा। इस बीच किसान धान की फसलें सुखाने में जुटे रहे। कुछ किसान धान की मड़ाई में लगे थे। बुधवार से हो रही तेज बारिश से पुन: धान की फसलें भींग गई। खेतों-खलिहानों में जगह-जगह पानी जमा होने से धान अंकुरित होने लगे हैं। हालांकि की फसलों के लिए इस बारिश को फायदेमंद बताया जा रहा है।
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सलखन: सदर ब्लॉक के न्याय पंचायत सलखन क्षेत्र के अन्तर्गत गुरमा, मारकुंडी, सलखन, केवटा, बेलछ, रुदौली, रजधन, महुआव कला, महुआंव खुर्द, पईका, बेलकप, चिरहुली, बघनार, भभाईच आदि गांवों में खेतों में धान की कटी फसल पानी से भीग कर अब खराब होने की स्थिति में आ गई है। किसानों का कहना है कि यदि एक-दो दिन के अंदर धूप नहीं दिखाई दिया तो किसानों की लागत को कौन कहे किसान भुखमरी के कगार पर आ जाएंगें। किसान वशिष्ठ कुशवाहा, मदन मोहन यादव, कपिलमुनी पांडेय, राजेश मिश्रा आदि का कहना है कि क्षेत्र में आधा से अधिक किसानों के धान की फसल खेतों में और कुछ खलिहानों में पड़े हुए हैं।
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दलहन, तिलहन की फसल को फायदा
करमा। क्षेत्र में बृहस्पतिवार को रुक-रुक कर हुई बारिश से दलहन व तिलहन की फसल को तो फायदा हो रहा है, लेकिन जिन किसानों का धान कटकर खलिहान में रखा है उनका नुकसान हो रहा है। मदैनिया गांव के किसान इंद्रजीत ने बताया कि उनका धान काटकर खलिहान में रखा हुआ है। बारिश से खराब हो जाएगा, लेकिन सरसों, अलसी, मसूर, चना की फसल को फायदा होगा। खेत में नमी कम होने के कारण जिन फसलों का जमाव कम हुआ था, उनका जमाव अब हो सकता है। अंजनी तिवारी का कहना है कि बरसात से गेहूं की बुआई एक सप्ताह बिलंब से हो पाएगी। उनका धान काटकर रखा गया है, अब धान का चावल भी खराब हो जाएगा। इसी तरह से धौरहरा के रमेश सिंह का धान खलिहान में खराब हो रहा है।
बारिश में कीचड़ से सनी कोन की सड़कें
कोन। दो दिन से हो रही बारिश से कोन कस्बा के साथ ही कोन- विंण्डमगंज मार्ग पर स्थित बस स्टैंड, थाना रोड, अस्पताल, इंटर कॉलेज जाने वाली सड़कें गड्ढायुक्त व जर्जर होने के कारण कीचड़ से सन गई हैं। इससे मार्ग पर गुजरने वाले राहगीर और ग्रामीण परेशान हैं। कीचड़ से सड़कों पर चलना दुश्वार हो गया है। मार्ग पर फिसल कर गिरकर चोटिल हो रहे हैं। यही हाल कचनरवा बाजार की है।
कुछ विद्यालयों में कर दी गई छुट्टी
बीजपुर। क्षेत्र में लगातार बारिश से जहां किसानों की चिंता बढ़ गई है। वहीं बारिश से स्कूली बच्चों को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। लगातार हो रही बारिश को देखते हुए क्षेत्र के कुछ विद्यालयों में छुट्टी कर दी गई। जरहा न्याय पंचायत क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों में जहां बच्चों की उपस्थिति काफी कम रहीं। स्कूली बच्चे कहीं रेनकोट तो कहीं छाता लगाकर बचते बचाते स्कूल पहुंचे।
बारिश से धान की फसलों को क्षति पहुंची है। दूसरी तरफ चना, मसूर, मटर, गेहूं व सरसों सहित रबी के अन्य फसलों को बारिश से फायदा हुआ है। जो किसान अभी रबी फसलों की बुआई नहीं कर सके हैं, वे मौसम साफ होने पर फसलों की बुआई में जीरो ट्रिल का प्रयोग करें। इस विधि से फसलों का जमाव अच्छा होगा। - डाॅ. एमपी सिंह, वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक-केवीके सोनभद्र।