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नौकरी में खत्म होे ठेका प्रथा
ब्यूररो,अमर उजाला/सोनभद्र
Updated Thu, 11 Aug 2016 11:14 PM IST
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विकास भवन में धरने पर बैठे राज्य कर्मचारी सयुक्त परिषद के लोग।
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केंद्रीय कर्मचारियों के समान राज्य कर्मियों को भत्ता दिए जाने समेत अन्य मांगों को लेकर गुरुवार को राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के बैनर तले विकास भवन परिसर में कर्मचारियों ने धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों ने नौकरी में ठेकेदारी प्रथा समाप्त करने की मांग उठाई। कर्मचारियों के हड़ताल पर होने से सरकारी दफ्तरों में सन्नाटा पसरा रहा।
विकास भवन, कोषागार, उपसंभागीय परिवहन कार्यालय, लोक निर्माण विभाग, समस्त तहसील और ब्लॉक कार्यालय परिसा में मीटिंग हुई। सभा को संबोधित करते हुए अश्वनी सिंह, इसरार अहमद, संतोष सिंह और महेंद्र पाल सिंह ने कहा कि कर्मचारियों के इलाज की व्यवस्था में भ्रष्टाचार बंद हो तथा कैशलेश सुविधा प्रदान किया जाए। किसी जिले में किराए पर मकान निश्चित धनराशि पर ही सभी को मिलता है, फिर केंद्रीय कर्मचारियों को अधिक भुगतान क्यों किया जा रहा है।
इं. ओपी सिंह, शैलेंद्र त्रिपाठी, आरएन सिन्हा ने कहा कि पूर्व में की गई सेवाओं यथा तदर्थ, अंशदायी, सामयिक, वर्कचार्ज, दैनिक, वेतन, अतिथिवक्ताओं की अवधि को जोड़कर पेंशन का लाभ प्रदान करते हुए पेंशन पूर्व की भांति जिस विभाग का कर्मचारी हों उसी विभाग की स्वीकृति की जाए।
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ठेकेदारी व्यवस्था में भ्रष्टाचार का बोलबाला रहा है। इस व्यवस्था को समाप्त करके सीधी नौकरी के रास्ते खोलकर रोजगार देकर इनको समाहित करें। कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्र्री, रसोइयां, ग्राम रोजगार सेवकों, मनरेगाकर्मी, एनआरएचएम कर्मियों, कंप्यूटर आपरेटर, पीआरडी समेत अन्य कर्मचारियों को राजकीय कर्मचारी घोषित किया जाए। इस मौके पर अरूण कुमार श्रीवास्तव, महेंद्र प्रताप सिंह, मो. सलाउद्दीन, शिव नारायण सिंह, अश्वनी दूबे, आरसी सरोज, अवधेश सिंह, हेमनाथ पांडेय, शफीउल्ला, संतोष पाल मौजूद रहे।
उधर जिला अस्पताल में सुबह आठ बजे से 11 बजे तक कर्मचारी हड़ताल पर रहे। इस मौके पर अजय श्रीवास्तव, आरडी कौशल, विनय अग्रवाल, जे बालर, अमरावती, किरन, उर्मिला आदि मौजूद रही। वहीं सदर तहसील परिसर में राजस्व संग्रह अमीन संघ के बैनर तले अमीनों ने भी विरोध प्रदर्शन किया। इस मौके पर जिलाध्यक्ष शैलेंद्र त्रिपाठी, प्रेमनाथ, शिव गोविंद गिरी, मुरली पांडेय, गोपाल यादव, विनोद यादव, आशाराम, विनोद पांडेय आदि मौजूद रहे।
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विकास भवन, कोषागार, उपसंभागीय परिवहन कार्यालय, लोक निर्माण विभाग, समस्त तहसील और ब्लॉक कार्यालय परिसा में मीटिंग हुई। सभा को संबोधित करते हुए अश्वनी सिंह, इसरार अहमद, संतोष सिंह और महेंद्र पाल सिंह ने कहा कि कर्मचारियों के इलाज की व्यवस्था में भ्रष्टाचार बंद हो तथा कैशलेश सुविधा प्रदान किया जाए। किसी जिले में किराए पर मकान निश्चित धनराशि पर ही सभी को मिलता है, फिर केंद्रीय कर्मचारियों को अधिक भुगतान क्यों किया जा रहा है।
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इं. ओपी सिंह, शैलेंद्र त्रिपाठी, आरएन सिन्हा ने कहा कि पूर्व में की गई सेवाओं यथा तदर्थ, अंशदायी, सामयिक, वर्कचार्ज, दैनिक, वेतन, अतिथिवक्ताओं की अवधि को जोड़कर पेंशन का लाभ प्रदान करते हुए पेंशन पूर्व की भांति जिस विभाग का कर्मचारी हों उसी विभाग की स्वीकृति की जाए।
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ठेकेदारी व्यवस्था में भ्रष्टाचार का बोलबाला रहा है। इस व्यवस्था को समाप्त करके सीधी नौकरी के रास्ते खोलकर रोजगार देकर इनको समाहित करें। कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्र्री, रसोइयां, ग्राम रोजगार सेवकों, मनरेगाकर्मी, एनआरएचएम कर्मियों, कंप्यूटर आपरेटर, पीआरडी समेत अन्य कर्मचारियों को राजकीय कर्मचारी घोषित किया जाए। इस मौके पर अरूण कुमार श्रीवास्तव, महेंद्र प्रताप सिंह, मो. सलाउद्दीन, शिव नारायण सिंह, अश्वनी दूबे, आरसी सरोज, अवधेश सिंह, हेमनाथ पांडेय, शफीउल्ला, संतोष पाल मौजूद रहे।
उधर जिला अस्पताल में सुबह आठ बजे से 11 बजे तक कर्मचारी हड़ताल पर रहे। इस मौके पर अजय श्रीवास्तव, आरडी कौशल, विनय अग्रवाल, जे बालर, अमरावती, किरन, उर्मिला आदि मौजूद रही। वहीं सदर तहसील परिसर में राजस्व संग्रह अमीन संघ के बैनर तले अमीनों ने भी विरोध प्रदर्शन किया। इस मौके पर जिलाध्यक्ष शैलेंद्र त्रिपाठी, प्रेमनाथ, शिव गोविंद गिरी, मुरली पांडेय, गोपाल यादव, विनोद यादव, आशाराम, विनोद पांडेय आदि मौजूद रहे।