सोनभद्र। मेडिकल कॉलेज में सर्जरी ओटी और वार्ड क्षेत्र के एसी खराब होने से मरीजों की सर्जरी प्रभावित हो रही है। आर्थो और इमरजेंसी में भी एसी की दिक्कत बताई जा रही है। हालात यह हैं कि जहां रोजाना 12 से 15 ऑपरेशन किए जा रहे थे, वहीं अब सिर्फ दो से तीन ऑपरेशन ही हो पा रहे हैं। बुधवार को ऑपरेशन के लिए निर्धारित 10 मरीजों की सर्जरी ओटी की खराब स्थिति के कारण टालनी पड़ी। सर्जरी और आर्थो के ऑपरेशन रूम के साथ सर्जरी वार्ड में सेंट्रल एसी समेत कुल छह एसी लगे हैं। ओटी में सामान्य दिनों में रोजाना 12 से 15 मरीजों की सर्जरी होती है। एसी खराब होने के कारण फिलहाल दो से तीन मरीजों का ही ऑपरेशन हो पा रहा है। बुधवार को सर्जरी विभाग में निर्धारित 10 मरीजों की सर्जरी टाल दी गई। मरीजों से मिली जानकारी के आधार पर डॉक्टर से संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि ऑपरेशन से पहले ओटी की स्थिति और निर्धारित तापमान बनाए रखना जरूरी होता है। बुधवार को ओटी की स्थिति अनुकूल न होने के कारण मरीजों की सर्जरी स्थगित करनी पड़ी। इस संबंध में प्राचार्य को अवगत करा दिया गया है और ओटी को जल्द दुरुस्त कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि मेडिकल कॉलेज में एसी के रखरखाव और मरम्मत के लिए हर वर्ष किसी कंपनी को जिम्मेदारी दी जाती है। इस वर्ष अनुबंध का नवीनीकरण नहीं होने के कारण मरम्मत का काम संभालने वाली कंपनी ने भी हाथ खड़े कर दिए हैं। एसी बंद रहने से ओटी के साथ आईसीयू में भी सीलन की स्थिति बन रही है, जिससे मरीजों को परेशानी हो रही है। प्रबंधन की ओर से जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो सर्जरी सेवाएं कई दिनों तक प्रभावित रह सकती हैं। सर्जरी विभाग की ओर से अनंत सिंह, निशा मौर्या, राजकुमारी, जोगिंदर, राकेश कुमार, कृष्णानंद, विकास, लवकुश, रमाशंकर और छोटू को ऑपरेशन की तारीख दी गई थी। ओटी की स्थिति ठीक नहीं होने के कारण फिलहाल इन सभी की सर्जरी टाल दी गई है। ओटी और आईसीयू में तापमान और नमी को नियंत्रित रखना संक्रमण से बचाव के लिए जरूरी है। एसी की व्यवस्था प्रभावित होने पर तापमान और आर्द्रता बढ़ने से संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। गर्म और नम वातावरण में बैक्टीरिया व फंगस पनपने की आशंका रहती है, जो सर्जरी के बाद मरीजों के लिए गंभीर समस्या पैदा कर सकते हैं। इसके अलावा ओटी और आईसीयू में वेंटिलेटर, मॉनिटर समेत कई उपकरण लगातार चलते हैं और गर्मी पैदा करते हैं। पर्याप्त तापमान नियंत्रण नहीं होने पर इन उपकरणों के संचालन पर भी असर पड़ सकता है। गर्मी और उमस से गंभीर मरीजों की स्थिति बिगड़ने की आशंका भी रहती है। मेडिकल कॉलेज के सभी एसी करीब ढाई साल पहले लगे थे। सर्जरी विभाग में एसी 15 दिन से खराब है। इमरजेंसी में करीब एक सप्ताह से एसी खराब होने से लोग समस्या झेल रहे हैं। इसी बीच बुधवार को आर्थो विभाग का एसी भी खराब हो गया। ये एसी लोड नहीं ले पाने के कारण चालू ही नहीं हो पा रहे हैं। अस्पताल प्रबंधन ने लोकल मैकेनिक बुलाकर उसे ठीक कराने का प्रयास किया लेकिन मैकेनिक फॉल्ट ही नहीं पकड़ पाया। जिस कंपनी से अस्पताल में एसी का टेंडर है, उसके लिए टेंडर रिन्यू नहीं हुआ है। कंपनी का पुराना भुगतान भी बकाया बताया जा रहा है।