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अधीक्षण अभियंता के निलंबन पर जताया विरोध
sonebhadra news
Updated Mon, 19 Nov 2018 11:53 PM IST
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सभा को संबोधित करते वक्ता।
ओबरा। तापीय परियोजना के ब ताप विद्युत गृह में केबल गैलरी में हुए अग्निकांड के लिए अधीक्षण अभियंता मुख्यालय इं. सुरेश के निलंबन से विद्युत अभियंताओं और कर्मचारियों में असंतोष है।
सोमवार को झरियानाला गेट पर विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने निलंबन के विरोध में आम सभा किया। अभियंता संघ ओबरा-पिपरी क्षेत्र के क्षेत्रीय सचिव इं. अदालत वर्मा एवं हाइड्रो इलेक्ट्रिक इंप्लाइज यूनियन के कार्यवाहक अध्यक्ष हरदेव तिवारी ने कहा कि प्रबंधन बिजली कर्मियों को आवश्यक मैन, मैटीरियल एवं बुनियादी सुविधायें उपलब्ध कराने में पूरी तरह विफल रहा है। अपने विफलता को छुपाने एवं ध्यान भटकाने के लिए दंड एवं भय पैदा कर बिजली कर्मियों का मनोबल तोड़ना चाहता है। केबल गैलरी में इकाइयों की स्थापना वर्ष 1983 से ही फायर प्रोटेक्शन सिस्टम नहीं लगा था। वर्ष 1984 में इसी तरह केबल गैलरी में भयानक आग लगने के बाद भी फायर प्रोटेक्शन सिस्टम प्रबंधन ने क्यों नहीं लगवाया। वक्ताओं ने कहा कि दो सौ मेगावाट की पांचों इकाइयों के जीर्णोद्धार कार्य को मेसर्स बीएचईएल से कराने के दौरान केबल गैलरी में फायर प्रोटेक्शन सिस्टम लगाने का प्रस्ताव परियोजना स्तर से निगम मुख्यालय को भेजा गया था, लेकिन इस महत्वपूर्ण प्रस्ताव को निगम प्रबंधन के तत्कालीन जिम्मेदार अधिकारियों ने बीएचईएल के स्कोप से हटा दिया था। अपने इस बड़ी भूल पर निगम प्रबंधन पर्दा डालकर वर्तमान अधीक्षण अभियंता को जिम्मेदार ठहरा रहा है। वक्ताओं ने चेताया कि यदि अधीक्षण अभियंता का निलंबन वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा। इस मौके पर मनीष मिश्रा, ओपी पाल, दिनेश यादव, सत्य प्रकाश, विजय सिंह, शाहिद अख्तर, बीएन सिंह, सीबी सिंह, बीडी तिवारी, मनोज कुमार मौजूद रहे। सभा की अध्यक्षता बीडी विश्वकर्मा, संचालन नरसिंह त्रिपाठी ने किया।
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सोमवार को झरियानाला गेट पर विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने निलंबन के विरोध में आम सभा किया। अभियंता संघ ओबरा-पिपरी क्षेत्र के क्षेत्रीय सचिव इं. अदालत वर्मा एवं हाइड्रो इलेक्ट्रिक इंप्लाइज यूनियन के कार्यवाहक अध्यक्ष हरदेव तिवारी ने कहा कि प्रबंधन बिजली कर्मियों को आवश्यक मैन, मैटीरियल एवं बुनियादी सुविधायें उपलब्ध कराने में पूरी तरह विफल रहा है। अपने विफलता को छुपाने एवं ध्यान भटकाने के लिए दंड एवं भय पैदा कर बिजली कर्मियों का मनोबल तोड़ना चाहता है। केबल गैलरी में इकाइयों की स्थापना वर्ष 1983 से ही फायर प्रोटेक्शन सिस्टम नहीं लगा था। वर्ष 1984 में इसी तरह केबल गैलरी में भयानक आग लगने के बाद भी फायर प्रोटेक्शन सिस्टम प्रबंधन ने क्यों नहीं लगवाया। वक्ताओं ने कहा कि दो सौ मेगावाट की पांचों इकाइयों के जीर्णोद्धार कार्य को मेसर्स बीएचईएल से कराने के दौरान केबल गैलरी में फायर प्रोटेक्शन सिस्टम लगाने का प्रस्ताव परियोजना स्तर से निगम मुख्यालय को भेजा गया था, लेकिन इस महत्वपूर्ण प्रस्ताव को निगम प्रबंधन के तत्कालीन जिम्मेदार अधिकारियों ने बीएचईएल के स्कोप से हटा दिया था। अपने इस बड़ी भूल पर निगम प्रबंधन पर्दा डालकर वर्तमान अधीक्षण अभियंता को जिम्मेदार ठहरा रहा है। वक्ताओं ने चेताया कि यदि अधीक्षण अभियंता का निलंबन वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा। इस मौके पर मनीष मिश्रा, ओपी पाल, दिनेश यादव, सत्य प्रकाश, विजय सिंह, शाहिद अख्तर, बीएन सिंह, सीबी सिंह, बीडी तिवारी, मनोज कुमार मौजूद रहे। सभा की अध्यक्षता बीडी विश्वकर्मा, संचालन नरसिंह त्रिपाठी ने किया।
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