सोनभद्र। वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग पर 115 किमी के सफर के लिए पिछले पांच वर्षों में टोल शुल्क 50 रुपये बढ़ चुका है। टोल वसूलने के लिए अहरौरा में एक अस्थायी बैरियर भी लगा दिया गया। बावजूद इसके सड़क की हालत पहले से भी खराब हो गई है। सोनभद्र की सीमा वाली 80 किमी सड़क पर 12 ब्लैक स्पॉट तो हैं ही, जगह-जगह गड्ढों की भी भरमार होती जा रही है। बारिश के दिनों में पानी भरने से गड्ढे खतरनाक हो चुके हैं। इनकी मरम्मत और रखरखाव पर टोल वसूल रही कंपनी का कोई ध्यान नहीं है। अफसर भी बेपरवाह बने हुए हैं। मिर्जापुर के नरायनपुर से सोनभद्र के हाथीनाला तक वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग का 115 किमी हिस्सा स्टेट हाईवे के अधीन है। इस मार्ग के रखरखाव का जिम्मा संभाल रही एसीपी टोलवेज ने पहले नरायनपुर के फत्तेपुर, रॉबर्ट्सगंज के लोढ़ी और हाथीनाला के पास मालोघाट में तीन टोल बूथ स्थापित किए थे। सफर के दौरान कार, जीप, वैन जैसे छोटे वाहनों को इन बूथों पर कुल 300 रुपये टोल देना पड़ता था। वर्ष 2022 के बाद कंपनी ने घाटा बताते हुए सुकृत घाटी से आगे अहरौरा में एक अस्थायी टोल बूथ स्थापित कर दिया। दलील दी गई थी कि इससे उन वाहनों से भी टोल वसूला जा सकेगा, जो नरायनपुर न जाकर अहरौरा से आगे चुनार या चकिया के रास्ते निकल जाते थे। टोल की वसूली बढ़ेगी तो सड़क का रखरखाव और मरम्मत भी ठीक से हो पाएगा। अस्थायी बूथ लगाकर टोल वसूली तो बढ़ा दी गई, मगर सड़क की दशा में कोई खास सुधार नहीं हुआ है। प्रदेश के पांच एक्सप्रेसवे से भी महंगा टोल देने के बाद भी राहगीर धंसी, दबी और गड्ढे वाली सड़क पर जान जोखिम में रखकर सफर के लिए मजबूर हैं। हाईवे की सबसे ज्यादा खराब हालत पश्चिमी लेन (हाथीनाला से सुकृत की तरफ) की है। खनिज लदे भारी वाहनों के कारण सड़क कई जगह उखड़ी और धंस गई है। कहने के लिए बारिश से पहले अप्रैल-मई में इस लेन की पैचिंग भी कराई गई लेकिन सड़क की हालत ठीक नहीं हुई। चोपन पुल पार करते ही पटवध, सलखन, गुरमा, मारकुंडी में कई जगह सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। पानी लगने से सड़क टूट गई है। घाटी चढ़ते समय पहले मोड़ पर ही काफी दूर तक सड़क की गिट्टियां उखड़ गईं हैं। इससे आगे ईको प्वाइंट तक दो किमी के बीच 20 से ज्यादा खतरनाक गड्ढे हैं, जो बारिश का पानी भरने से बढ़ते जा रहे हैं। दुर्गा मंदिर के पास एक ही जगह छह से सात बड़े गड्ढे बन गए हैं। चढ़ाई खत्म होने से ठीक पहले सड़क किनारे से दबकर नाली सरीखी हो गई है। बाइक चालक इसमें लड़खड़ाते रहते हैं।