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ओले से किसानों की उम्मीदों पर फिरा पानी
Updated Wed, 15 Apr 2015 10:45 PM IST
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जिले में बुधवार को ओला, आंधी और पानी ने किसानों को बर्बादी के कगार पर पहुंचा दिया। जगह-जगह तड़क और गरज के साथ झमाझम बारिश हुई। वहीं कुछ क्षेत्रों में ओला गिड़ने से किसान तड़प उठे। दलहनी, तिलहनी, गेहूं के साथ ही आम और महुआ पर बारिश की बूंदे आफत बनकर गिरी है।
राबर्ट्सगंज और आसपास के गांवों में बुधवार को शाम तीन से चार के बीच में बूंदाबांदी हुई। मधुपुर संवाददाता के मुताबिक तड़क-गरज के साथ पांच मिनट तक सुकृत, लोहरा और गौरही गांव में ओलावृष्टि हुई। इससे गेहूं की खड़ी फसल बर्बाद हो गई। वैनी, रामगढ़ प्रतिनिधि के मुताबिक आंधी के साथ हल्की बूंदाबांदी भी हुई। आंधी से गांवों कई घरों के छप्पर उड़ गए। पनिकअप कला गांव निवासी किसान राहुल, पवन, शिवपुर निवासी रवि प्रकाश देव पांडेय, बगौरा निवासी राजनारायण सिंह, अशोक सिंह का कहना है कि इसी तरह मौसम रहा तो आने वाले दिनों में बरसात कम होगी, इसका असर आने वाले दिनों में धान की खेती पर भी पड़ेगा। चोपन संवाददाता के मुताबिक ब्लाक क्षेत्र के रेणुकापार के गांवों जुगैल, नेवारी, भरहरी, सेमिया, घोरिया, कुड़ारी, कुरछा, मदाइन, छितिकपुरवा, जमुअल, बरगवां,चौरा, बिजौरा में बुधवार की दोपहर बाद चार बजे अचानक बारिश के साथ ओले पड़ने से गेहूं की फसल चौपट हो गई।
शाहगंज प्रतिनिधि के मुताबिक दोपहर बाद 3:30 बजे हुई बारिश की वजह से खजुरी, बरसोत, दुगौलिया, राजपुर, डोहरी, टेटी, सिद्धि, ओदार, धनावल गांवों की फसलों को नुकसान हुआ है। करमा और केकराही संवाददाता के मुताबिक क्षेत्र के मदैनिया, भरकवाह, चाड़ी, पगिया, बारी महेवा, रानीतारा, टिकुरिया, भरूहा, ऐलाही, खैराही, असना, पांपी केकराही और करमा में बारिश के साथ पचास से सौ ग्राम के ओले पड़ने से फसलें बर्बाद हो गई। डीएम संजय कुमार ने तीनों तहसीलों के एसडीएम को 24 घंटे के भीतर ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों का सर्वे करवा कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। ताकि उन्हेें मुआवजा दिया जा सके।
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राबर्ट्सगंज और आसपास के गांवों में बुधवार को शाम तीन से चार के बीच में बूंदाबांदी हुई। मधुपुर संवाददाता के मुताबिक तड़क-गरज के साथ पांच मिनट तक सुकृत, लोहरा और गौरही गांव में ओलावृष्टि हुई। इससे गेहूं की खड़ी फसल बर्बाद हो गई। वैनी, रामगढ़ प्रतिनिधि के मुताबिक आंधी के साथ हल्की बूंदाबांदी भी हुई। आंधी से गांवों कई घरों के छप्पर उड़ गए। पनिकअप कला गांव निवासी किसान राहुल, पवन, शिवपुर निवासी रवि प्रकाश देव पांडेय, बगौरा निवासी राजनारायण सिंह, अशोक सिंह का कहना है कि इसी तरह मौसम रहा तो आने वाले दिनों में बरसात कम होगी, इसका असर आने वाले दिनों में धान की खेती पर भी पड़ेगा। चोपन संवाददाता के मुताबिक ब्लाक क्षेत्र के रेणुकापार के गांवों जुगैल, नेवारी, भरहरी, सेमिया, घोरिया, कुड़ारी, कुरछा, मदाइन, छितिकपुरवा, जमुअल, बरगवां,चौरा, बिजौरा में बुधवार की दोपहर बाद चार बजे अचानक बारिश के साथ ओले पड़ने से गेहूं की फसल चौपट हो गई।
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शाहगंज प्रतिनिधि के मुताबिक दोपहर बाद 3:30 बजे हुई बारिश की वजह से खजुरी, बरसोत, दुगौलिया, राजपुर, डोहरी, टेटी, सिद्धि, ओदार, धनावल गांवों की फसलों को नुकसान हुआ है। करमा और केकराही संवाददाता के मुताबिक क्षेत्र के मदैनिया, भरकवाह, चाड़ी, पगिया, बारी महेवा, रानीतारा, टिकुरिया, भरूहा, ऐलाही, खैराही, असना, पांपी केकराही और करमा में बारिश के साथ पचास से सौ ग्राम के ओले पड़ने से फसलें बर्बाद हो गई। डीएम संजय कुमार ने तीनों तहसीलों के एसडीएम को 24 घंटे के भीतर ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों का सर्वे करवा कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। ताकि उन्हेें मुआवजा दिया जा सके।
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