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अब वितरण प्रणाली की दुकानों पर भी मिलेगा ई-स्टांप, यात्रा टिकट
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सोनभद्र। अब जिले के वितरण प्रणाली की दुकानों पर चावल, गेहूं के अलावा ई-स्टांप, सभी प्रकार के यात्रा टिकट समेत अन्य सुविधाएं मुहैया होगी। पहले चरण में जिले की 75 राशन की दुकानों को मॉडल शॉप के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए आपूर्ति विभाग ने दुकानों का चयन कर आयुक्त खाद्य तथा रसद विभाग को रिपोर्ट भेज दी है। निगमित सामाजिक जिम्मेदारी (सीएसआर) मद से दुकानों को मॉडल शॉप के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया गया है।
आपूर्ति विभाग की मानें तो कोटे की दुकानों से जल्द ही ई-स्टांप भी मिलना शुरू हो जाएगा। यूपी सरकार के निर्देशों पर इन दुकानों को सहज जन सेवा केंद्र बनाने की दिशा में पहल तेज कर दी गई है। इसके लिए बकायदा कोटे की दुकान के लाइसेंस पर दुकानदार को पांच लाख रुपये तक ई-मुद्रा लोन भी दिया जाएगा। शासन का निर्देश मिलते ही आपूर्ति विभाग ने कार्ययोजना बनाने में जुट गया है। पहले चरण में राबर्ट्सगंज, घोरावल, चतरा, नगवां, करमा, चोपन, कोन, दुद्दी, म्योरपुर और बभनी ब्लॉक क्षेत्र में 75 वितरण प्रणाली की दुकानों का चयन करने की कार्यवाही पूर्ण की गई है। राशन की दुकानों के मॉडल के रूप शुरू होने से ग्रामीणों को यहां ई-स्टांप, आधार, पेंशन, यात्रा टिकट, आय, जाति, जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र समेत तमाम सुविधाएं ऑन लाइन शुरू हो जाएंगी। अभी तक वितरण प्रणाली की दुकानों से मात्र गेहूं, चावल, नमक, तेल और चना मिलता है। सरकार की मंशा है कि गांवों में ग्राम सचिवालय की तरह कोटेदार भी एक ही छत के नीचे सरकार की सारी योजनाओं के लिए काम करते हुए ग्रामीणों को सुविधाएं मुहैया कराए। जिलापूर्ति अधिकारी गौरीशंकर शुक्ला की ओर से चयनित कोटे की दुकानों की सूची शासन को भेज दी गई है।
सोनभद्र। कोटे की दुकानें में सहज जन सेवा केंद्र की सुविधाएं शुरू होने से कोटेदारों की आमदनी भी बढ़ेगी। इसके साथ ही दुकानों के आसपास रोजगार भी बढ़ेगा। दुकानदार अनाज के साथ अन्य जरूरी सामान भी अपने यहां रख सकते हैं ताकि उनकी आय बढ़ सकें। आपूर्ति विभाग की मानें तो आने वाले दिनों में और कोटे की दुकानों को मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा।
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प्रथम चरण में जिले के 75 वितरण प्रणाली की दुकानों को मॉडल शॉप के रूप में विकसित किया जाएगा। चयनित दुकानों की रिपोर्ट आयुक्त खाद्य तथा रसद विभाग को भेज दी गई है। गौरीशंकर शुक्ला, जिलापूर्ति अधिकारी
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आपूर्ति विभाग की मानें तो कोटे की दुकानों से जल्द ही ई-स्टांप भी मिलना शुरू हो जाएगा। यूपी सरकार के निर्देशों पर इन दुकानों को सहज जन सेवा केंद्र बनाने की दिशा में पहल तेज कर दी गई है। इसके लिए बकायदा कोटे की दुकान के लाइसेंस पर दुकानदार को पांच लाख रुपये तक ई-मुद्रा लोन भी दिया जाएगा। शासन का निर्देश मिलते ही आपूर्ति विभाग ने कार्ययोजना बनाने में जुट गया है। पहले चरण में राबर्ट्सगंज, घोरावल, चतरा, नगवां, करमा, चोपन, कोन, दुद्दी, म्योरपुर और बभनी ब्लॉक क्षेत्र में 75 वितरण प्रणाली की दुकानों का चयन करने की कार्यवाही पूर्ण की गई है। राशन की दुकानों के मॉडल के रूप शुरू होने से ग्रामीणों को यहां ई-स्टांप, आधार, पेंशन, यात्रा टिकट, आय, जाति, जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र समेत तमाम सुविधाएं ऑन लाइन शुरू हो जाएंगी। अभी तक वितरण प्रणाली की दुकानों से मात्र गेहूं, चावल, नमक, तेल और चना मिलता है। सरकार की मंशा है कि गांवों में ग्राम सचिवालय की तरह कोटेदार भी एक ही छत के नीचे सरकार की सारी योजनाओं के लिए काम करते हुए ग्रामीणों को सुविधाएं मुहैया कराए। जिलापूर्ति अधिकारी गौरीशंकर शुक्ला की ओर से चयनित कोटे की दुकानों की सूची शासन को भेज दी गई है।
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सोनभद्र। कोटे की दुकानें में सहज जन सेवा केंद्र की सुविधाएं शुरू होने से कोटेदारों की आमदनी भी बढ़ेगी। इसके साथ ही दुकानों के आसपास रोजगार भी बढ़ेगा। दुकानदार अनाज के साथ अन्य जरूरी सामान भी अपने यहां रख सकते हैं ताकि उनकी आय बढ़ सकें। आपूर्ति विभाग की मानें तो आने वाले दिनों में और कोटे की दुकानों को मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा।
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प्रथम चरण में जिले के 75 वितरण प्रणाली की दुकानों को मॉडल शॉप के रूप में विकसित किया जाएगा। चयनित दुकानों की रिपोर्ट आयुक्त खाद्य तथा रसद विभाग को भेज दी गई है। गौरीशंकर शुक्ला, जिलापूर्ति अधिकारी