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अब व्यवसायिक जमीन पर ही संचालित होंगे क्रशर प्लांट
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अब कोई भी क्रशर प्लांट सिर्फ व्यावसायिक जमीन पर ही संचालित होगा। अभी तक जिन संचालकों ने जमीन अकृषक नहीं कराई है, उन्हें पखवाड़े भर की मोहलत दी गई है। निर्धारित समय सीमा के भीतर अकृषक न कराने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी। इसके लिए एडीएम सहदेव मिश्रा ने सभी एसडीएम समेत अन्य अधिकारियों को निर्देशित कर दिया है।
खनिज विभाग की मानें तो बिल्ली-मारकुंडी खनन क्षेत्र और सुकृत खनन क्षेत्र में करीब 292 क्रशर प्लांट स्थापित हैं। हालांकि वर्तमान में मानक पूरा न करने के आरोप में सुकृत क्षेत्र के 12 प्लांट बंद चल रहे हैं। वहीं बिल्ली-मारकुंडी खनन क्षेत्र में लगभग 281 क्रशर प्लांट संचालित हो रहे हैं। इनमें से गिने-चुने प्लांट ही अकृषक जमीन पर स्थापित है। अधिकांश प्लांट कृषि भूमि पर ही स्थापित है। मामला संज्ञान में आने पर एडीएम ने सभी क्रशर प्लांट संचालकों को जिन जमीन पर प्लांट स्थापित हैं, उन्हें नियमानुसार व्यवसायिक कराने का निर्देश दिया है। एडीएम सहदेव मिश्रा ने कहा कि बैठक में शामिल अधिकांश क्रशर प्लांट संचालकों का कहना था कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी कि प्लांट अकृषक भूमि पर लगाना है। कहा कि कारोबारियों को 15 दिनों में जिन भूमि पर प्लांट संचालित हो रहे हैं, उन्हें अकृषक कराते हुए सूचनाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। निर्धारित समयसीमा के भीतर न कराने वाले क्रशर प्लांट संचालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी, इसके लिए वे स्वयं जिम्मेदार होंगे।
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खनिज विभाग की मानें तो बिल्ली-मारकुंडी खनन क्षेत्र और सुकृत खनन क्षेत्र में करीब 292 क्रशर प्लांट स्थापित हैं। हालांकि वर्तमान में मानक पूरा न करने के आरोप में सुकृत क्षेत्र के 12 प्लांट बंद चल रहे हैं। वहीं बिल्ली-मारकुंडी खनन क्षेत्र में लगभग 281 क्रशर प्लांट संचालित हो रहे हैं। इनमें से गिने-चुने प्लांट ही अकृषक जमीन पर स्थापित है। अधिकांश प्लांट कृषि भूमि पर ही स्थापित है। मामला संज्ञान में आने पर एडीएम ने सभी क्रशर प्लांट संचालकों को जिन जमीन पर प्लांट स्थापित हैं, उन्हें नियमानुसार व्यवसायिक कराने का निर्देश दिया है। एडीएम सहदेव मिश्रा ने कहा कि बैठक में शामिल अधिकांश क्रशर प्लांट संचालकों का कहना था कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी कि प्लांट अकृषक भूमि पर लगाना है। कहा कि कारोबारियों को 15 दिनों में जिन भूमि पर प्लांट संचालित हो रहे हैं, उन्हें अकृषक कराते हुए सूचनाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। निर्धारित समयसीमा के भीतर न कराने वाले क्रशर प्लांट संचालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी, इसके लिए वे स्वयं जिम्मेदार होंगे।
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