फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sonebhadra News ›   Now cases will be registered under the new law, action will be taken in due time

Sonebhadra News: अब नए कानून में दर्ज होंगे मुकदमे, तय समय में होगी कार्रवाई

Sun, 30 Jun 2024 10:32 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 30 Jun 2024 10:32 PM IST
विज्ञापन
Now cases will be registered under the new law, action will be taken in due time
एक जुलाई से लागू हो रहे तीन नए कानूनों में काफी बदलाव किए गए हैं। अब एफआईआर लिखवाने के लिए थाने पर नहीं जाना होगा। ऑनलाइन माध्यम से भी एफआईआर दर्ज कराई जा सकेगी। थाने से लेकर कोर्ट के चक्कर लगाने से भी मुक्ति मिलेगी।
विज्ञापन

नए कानून के तहत न्याय प्रक्रिया से जुड़े सभी संस्थानों के लिए समयबद्ध कार्यवाही और न होने पर जवाबदेही भी तय होगी। इसके तहत 35 आपराधिक धाराओं में कार्यवाही के लिए समय सीमा भी तय कर दी गई है, ताकि तारीख पर तारीख वाली व्यवस्था को खत्म किया जा सके।
विज्ञापन

पहले से दर्ज मामलों में सुनवाई पुराने कानून के तहत ही होगी। आईपीसी और सीआरपीसी की जगह एक जुलाई से भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता व भारतीय साक्ष्य अधिनियम लागू हो जाएगा। अब सभी तरह के मुकदमे इसी के तहत दर्ज होंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

इसी के तहत सुनवाई चलेगी और सजा भी सुनाई जाएगी। रविवार को इसे लेकर पुलिस लाइन सभागार में पुलिस कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी दिया गया। विशेष लोक अभियोजन अधिकारी नीरज कुमार सिंह, दिनेश कुमार अग्रहरी व लोक अभियोजन अधिकारी वीरेंद्र नाथ ने सभी थानों से पुलिस कर्मियों को नए प्रावधानों के बारे में बताया। एएसपी कालू सिंह ने नई प्रक्रिया को समझकर उसके अनुसार कामकाज करने के लिए प्रेरित किया।

---
यह होगा नए कानून में खास
नए आपराधिक कानून के तहत तीन वर्ष के अंदर न्याय दिलाने की व्यवस्था की गई है। कोर्ट में पहली सुनवाई के 60 दिनों के अंदर आरोप तय करना होगा। वहीं आपराधिक मामलों में सुनवाई पूरी होने के 45 दिनों के भीतर फैसला भी सुनाना होगा। यौन उत्पीड़न के मामले में जांच सात दिन में पूरी करनी होगी। यही नहीं किसी का मुकदमा वापस लेने से पहले पीड़ित को सुनवाई को मौका दिया जाएगा। आवाज का नमूना लेने के लिए हिरासत में लेना जरूरी नहीं होगा। सात साल से अधिक की सजा के मामलों में तकनीकी सबूत के लिए फॉरेंसिक विशेषज्ञ को मौके पर जाना होगा।

यह भी होंगे बदलाव::
- इलेक्ट्रॉनिक तरीके से शिकायत दायर करने के 3 दिनों में दर्ज एफआईआर करनी होगी।
- यौन उत्पीड़न के मामले में 7 दिनों जांच पूरी करनी होगी।
- पहली सुनवाई 60 दिनों के भीतर आरोप तय करने का प्रावधान।
- भगोड़े अपराधियों की गैर मौजूदगी में 90 दिनों के भीतर केस दर्ज होगा.
- 45 दिनों के अंदर पूरी होगी आपराधिक मामलों की सुनवाई.
- छोटे मामलों में सामुदायिक दंड का प्रावधान, विधि भारतीय दर्शन के अनुरूप.
- पांच हज़ार रुपये से कम की चोरी में सामुदायिक सेवा का प्रावधान।
- सामूहिक बलात्कार पर 20 साल की कारागार या उम्रकैद।
- नाबालिग से गैंगरेप में होगी उम्रकैद या मौत की सजा।
- झूठ बोलकर यौन संबंध बनाना होगा अपराध। पीड़िता का बयान महिला अधिकारी की मौजूदगी में होगा।
-पुलिस और अदालती कार्यवाही का होगा कम्प्यूटराइजेशन।
- सात साल या उससे अधिक सजा के मामलों में फॉरेंसिक जांच अनिवार्य।
- पुलिस कार्यवाही की पूरी प्रक्रिया की होगी वीडियोग्राफी.
- बलात्कार पीड़िता के ई- बयान का होगा प्रावधान।
- अदालत में ऑडियो, वीडियो पेश करने का प्रावधान।
- इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल साक्ष्य अब साक्ष्य के रूप में माने जाएंगे।
- पहली बार अपराध करने वाले को एक तिहाई मिली सजा पूरी करने पर मिल सकेगी जमानत।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed