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Sonebhadra News: चोपन चेयरमैन उस्मान अली के विरुद्ध गैर जमानती वारंट
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सोनभद्र। चोपन नगर पंचायत के पूर्व चेयरमैन इम्तियाज अहमद हत्याकांड के मामले में सिविल जज जूनियर डिविजन की कोर्ट ने मौजूदा चेयरमैन उस्मान अली के विरुद्ध गैर जमानती वारंट जारी किया है। उन पर कोर्ट में कूटरचित व जाली साक्ष्य प्रस्तुत करने का आरोप है। कोर्ट के इस आदेश से खलबली मची है। मामले में अब सुनवाई 15 जुलाई को होगी।
25 अक्तूबर 2018 को चोपन के तत्कालीन चेयरमैन इम्तियाज अहमद की ग्रेनवॉल पार्क में गोली मारकर कर दी गई थी। इसी प्रकरण में खनन व्यवसायी राकेश जायसवाल, रवि जालान और सर्वेंद्र मिश्रा को भी नामजद किया गया था। मामले में सीबीसीआईडी ने विवेचना की। राकेश जायसवाल, रवि जालान और सर्वेंद्र मिश्रा की नामजदगी गलत पाई गई। इनके खिलाफ क्लोजर रिपोर्ट और अन्य आरोपियों के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। सीजेएम की ओर से स्वीकृत क्लोजर रिपोर्ट के विरुद्ध सत्र न्यायालय में निगरानी प्रस्तुत की गई। इसमें नामजद आरोपी राकेश जायसवाल के खिलाफ षड्यंत्र करके मुकदमा के वादी उस्मान अली ने कूटरचित जाली दस्तावेज कोर्ट में पेश कर कार्रवाई की मांग की थी। राकेश जायसवाल के विरुद्ध पुनः जांच का आदेश कोर्ट ने दे दिया। दूसरे पक्ष ने जब पत्रावली का अध्ययन किया तो वादी उस्मान अली की कूटरचना पकड़ी गई। कोर्ट में जांच के दौरान उस्मान अली को दोषी पाया गया और झूठा साक्ष्य प्रस्तुत करने पर मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया। कोर्ट के आदेश पर उस्मान अली के विरुद्ध जालसाजी का मुकदमा दर्ज कर विवेचना रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल किया गया। सिविल जज जूनियर डिविजन ने मामले का संज्ञान लेते हुए उस्मान अली को उपस्थित होने के लिए आदेश जारी किया। इस पर न्यायालय को दोबारा गुमराह करते हुए प्रथम सूचना रिपोर्ट पर हाईकोर्ट से मिले गिरफ्तारी की राहत का सहारा लेते हुए कार्यवाही को स्थगित करने की याचना की। सिविल जज जूनियर डिविजन यादवेंद्र सिंह ने बृहस्पतिवार को दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद आरोपी उस्मान अली के विरुद्ध गैर जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया।
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25 अक्तूबर 2018 को चोपन के तत्कालीन चेयरमैन इम्तियाज अहमद की ग्रेनवॉल पार्क में गोली मारकर कर दी गई थी। इसी प्रकरण में खनन व्यवसायी राकेश जायसवाल, रवि जालान और सर्वेंद्र मिश्रा को भी नामजद किया गया था। मामले में सीबीसीआईडी ने विवेचना की। राकेश जायसवाल, रवि जालान और सर्वेंद्र मिश्रा की नामजदगी गलत पाई गई। इनके खिलाफ क्लोजर रिपोर्ट और अन्य आरोपियों के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। सीजेएम की ओर से स्वीकृत क्लोजर रिपोर्ट के विरुद्ध सत्र न्यायालय में निगरानी प्रस्तुत की गई। इसमें नामजद आरोपी राकेश जायसवाल के खिलाफ षड्यंत्र करके मुकदमा के वादी उस्मान अली ने कूटरचित जाली दस्तावेज कोर्ट में पेश कर कार्रवाई की मांग की थी। राकेश जायसवाल के विरुद्ध पुनः जांच का आदेश कोर्ट ने दे दिया। दूसरे पक्ष ने जब पत्रावली का अध्ययन किया तो वादी उस्मान अली की कूटरचना पकड़ी गई। कोर्ट में जांच के दौरान उस्मान अली को दोषी पाया गया और झूठा साक्ष्य प्रस्तुत करने पर मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया। कोर्ट के आदेश पर उस्मान अली के विरुद्ध जालसाजी का मुकदमा दर्ज कर विवेचना रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल किया गया। सिविल जज जूनियर डिविजन ने मामले का संज्ञान लेते हुए उस्मान अली को उपस्थित होने के लिए आदेश जारी किया। इस पर न्यायालय को दोबारा गुमराह करते हुए प्रथम सूचना रिपोर्ट पर हाईकोर्ट से मिले गिरफ्तारी की राहत का सहारा लेते हुए कार्यवाही को स्थगित करने की याचना की। सिविल जज जूनियर डिविजन यादवेंद्र सिंह ने बृहस्पतिवार को दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद आरोपी उस्मान अली के विरुद्ध गैर जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया।
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