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अब बिल में संसोधन कराने के लिए नहीं लगाने होंगे चक्कर
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सोनभद्र। विद्युत वितरण निगम ने बिजली बिल में संशोधन के लिए गांवों में कैंप लगाना शुरू कर दिया है। इससे उन उपभोक्ताओं को सहूलियत होगी जो बिल में त्रुटि की चलते इसकी अदायगी नहीं कर पा रहे हैं। साथ ही बिल जमा होने से विद्युत विभाग का राजस्व भी बढ़ेगा। विद्युत वितरण निगम ने लाइन लास कम करने और राजस्व बढ़ाने की दिशा में यह कवायद शुरू की है। कैंपों में ई-पास मशीन से बिल भुगतान के लिए उपभोक्ताओं को प्रेरित किया जा रहा है। अगर किसी का बिल अधिक आया होगा या उसमें कोई त्रुटि होगी तो उसे ठीक किया जाएगा। अब तक उपभोक्ताओं को बिल के गड़बड़ी दुर कराने के लिए अधिकारियों के यहां चक्कर लगाने पड़ते थे।
विद्युत विभाग की ओर से चेतावनी देने के बाद भी अधिकांश बकाएदार बकाया बिल जमा करने में रुचि नहीं ले रहे हैं। इसकी वजह से बकाएदारों की आपूर्ति ठप की जा रही है। पिछले डेढ़ माह में 1200 से अधिक बकाएदारों की आपूर्ति ठप की जा चुकी है। राबर्ट्सगंज, घोरावल, ओबरा एवं दुद्धी तहसील क्षेत्र के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में करीब 248863 विद्युत उपभोक्ता हैं। इनमें से लगभग 75000 उपभोक्ताओं के ऊपर दस हजार या उससे अधिक बकाया है। इनके ऊपर अगस्त 2020 तक उपभोक्ताओं पर करीब 422.83 करोड़ बिल बकाया था। हालांकि आपूर्ति ठप न हो, इससे बचने के लिए सितंबर में बकाएदारों ने पांच करोड़ 37 लाख, अक्तूबर में छह करोड़ 67 लाख रुपये जमा कर दिया। वहीं बिजलीकर्मियों को यह भी शिकायत मिलती है कि उन्हें समय से बिल नहीं मिलता है, इसलिए जमा नहीं कर पाते हैं। कई माह या साल का एक बार बिल आने से उन्हें जमा करने में परेशानी होती है। इससे निजात दिलाने के लिए विद्युत निगम ने गांवों में कैंप लगाकर उपभोक्ताओं को बिल देने, बिल की गड़बड़ी को दूर करने आदि समस्याओं को समाधान करना शुरू कर दिया है। इससे उपभोक्ताओं को बिल से जुड़े कार्य के लिए संबंधित अधिकारियों, कर्मियों के चक्कर नहीं लगाने होंगे।
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इनसेट
शहरी क्षेत्र के उपभोक्ताओं पर करोड़ों बकाया
सोनभद्र। बकाया बिल जमा कराने के लिए विद्युत विभाग अभियान चला रहा है। इसके बाद भी शहरी क्षेत्रों के उपभोक्ता बिल जमा नहीं कर रहे हैं। यहीं हाल ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ताओं का है। विद्युत वितरण निगम की मानें तो राबर्ट्सगंज, पिपरी, रेणुकूट व ओबरा शहरी क्षेत्र के 2823 उपभोक्ताओं पर करीब 19 करोड़ 50 लाख बकाया है। क्षेत्रीय अवर अभियंता समेत अन्य कर्मी बकाया जमा करने के लिए कई बार उपभोक्ताओं को सूचित कर चुके हैं लेकिन अभी तक बिल नहीं जमा किया। हालांकि विद्युत निगम कर्मियों ने बिल जमा न करने वालों की आपूर्ति ठप करना शुरू कर दिया है।
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वर्जन
गांवों में कैंप लगाकर बिल जमा कराने का कार्य शुरू कर दिया गया है। कैंप में बिल देने के साथ ही बिल की गड़बड़ी दूर की जा रही है। ई-पास मशीन से बिल भुगतान करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। नोटिस के बाद भी बकाया जमा न करने वालों की आपूर्ति ठप की जा रही है। -एसके सिंह, अधिशासी अभियंता।
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विद्युत विभाग की ओर से चेतावनी देने के बाद भी अधिकांश बकाएदार बकाया बिल जमा करने में रुचि नहीं ले रहे हैं। इसकी वजह से बकाएदारों की आपूर्ति ठप की जा रही है। पिछले डेढ़ माह में 1200 से अधिक बकाएदारों की आपूर्ति ठप की जा चुकी है। राबर्ट्सगंज, घोरावल, ओबरा एवं दुद्धी तहसील क्षेत्र के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में करीब 248863 विद्युत उपभोक्ता हैं। इनमें से लगभग 75000 उपभोक्ताओं के ऊपर दस हजार या उससे अधिक बकाया है। इनके ऊपर अगस्त 2020 तक उपभोक्ताओं पर करीब 422.83 करोड़ बिल बकाया था। हालांकि आपूर्ति ठप न हो, इससे बचने के लिए सितंबर में बकाएदारों ने पांच करोड़ 37 लाख, अक्तूबर में छह करोड़ 67 लाख रुपये जमा कर दिया। वहीं बिजलीकर्मियों को यह भी शिकायत मिलती है कि उन्हें समय से बिल नहीं मिलता है, इसलिए जमा नहीं कर पाते हैं। कई माह या साल का एक बार बिल आने से उन्हें जमा करने में परेशानी होती है। इससे निजात दिलाने के लिए विद्युत निगम ने गांवों में कैंप लगाकर उपभोक्ताओं को बिल देने, बिल की गड़बड़ी को दूर करने आदि समस्याओं को समाधान करना शुरू कर दिया है। इससे उपभोक्ताओं को बिल से जुड़े कार्य के लिए संबंधित अधिकारियों, कर्मियों के चक्कर नहीं लगाने होंगे।
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शहरी क्षेत्र के उपभोक्ताओं पर करोड़ों बकाया
सोनभद्र। बकाया बिल जमा कराने के लिए विद्युत विभाग अभियान चला रहा है। इसके बाद भी शहरी क्षेत्रों के उपभोक्ता बिल जमा नहीं कर रहे हैं। यहीं हाल ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ताओं का है। विद्युत वितरण निगम की मानें तो राबर्ट्सगंज, पिपरी, रेणुकूट व ओबरा शहरी क्षेत्र के 2823 उपभोक्ताओं पर करीब 19 करोड़ 50 लाख बकाया है। क्षेत्रीय अवर अभियंता समेत अन्य कर्मी बकाया जमा करने के लिए कई बार उपभोक्ताओं को सूचित कर चुके हैं लेकिन अभी तक बिल नहीं जमा किया। हालांकि विद्युत निगम कर्मियों ने बिल जमा न करने वालों की आपूर्ति ठप करना शुरू कर दिया है।
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गांवों में कैंप लगाकर बिल जमा कराने का कार्य शुरू कर दिया गया है। कैंप में बिल देने के साथ ही बिल की गड़बड़ी दूर की जा रही है। ई-पास मशीन से बिल भुगतान करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। नोटिस के बाद भी बकाया जमा न करने वालों की आपूर्ति ठप की जा रही है। -एसके सिंह, अधिशासी अभियंता।