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Sonebhadra News: नए कानून लागू होने के पहले दिन 22 में से 19 थानों में नहीं दर्ज हुआ कोई केस

Tue, 02 Jul 2024 03:43 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 02 Jul 2024 03:43 AM IST
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No case registered in 19 out of 22 police stations
तीन नए कानूनों के लागू होने के बाद पुलिस के साथ नया संयोग भी जुड़ गया। चोरी, तस्करी, मारपीट जैसी घटनाओं में हर दिन कार्रवाई करने वाली पुलिस की जीडी (जनरल डायरी) में सोमवार को कोई केस दर्ज नहीं हुआ।
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जिले के 22 थानों में से 19 की जीडी में रात आठ बजे तक एक जुलाई की तिथि में कोई मुकदमा पंजीकृत नहीं हुआ था। सिर्फ रायपुर और घोरावल में एक-एक केस लिखा गया तो वह भी सामान्य मारपीट से जुड़ा था।
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अंग्रेजों के जमाने से चले आ रहे आईपीसी और सीआरपीसी को खत्म कर दिया गया है। इसकी जगह सरकार ने भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम लागू किया है। 30 जून की रात 12 बजे से लागू इन कानूनों में कई बदलाव हुए हैं।
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अपराध की सभी धाराएं बदल गई हैं तो पुलिस की जांच, गिरफ्तारी सहित अन्य कार्यों में भी बदलाव आया है। पिछले 15 दिनों से पुलिस जगह-जगह गोष्ठियां कर लोगों को नए कानूनों के प्रावधानों से अवगत करा रही है, ताकि बदली धाराओं में कामकाज में सहूलियत मिले।
पुलिस को भी इसका अभ्यास कराया जा रहा है, मगर अभी भी नए कानूनों में कामकाज को लेकर पुलिसकर्मी पूरी तरह तैयार नहीं हुए हैं। इसी का असर रहा कि सोमवार को नए कानून लागू होने के बाद जिले के थानों में कोई केस दर्ज ही नहीं हुआ।
आमतौर पर हर रोज थानों में एक-दो मुकदमे जरूर दर्ज होते हैं। सदर, चोपन, अनपरा, ओबरा जैसे थानों में यह संख्या और भी अधिक रहती है। संयोग रहा कि सोमवार को रात आठ बजे तक जिले के 22 में से 19 थानों में न कोई अपराध हुआ और न ही कोई मुकदमा दर्ज हुआ।
हालांकि पुलिस अधिकारी इसके लिए कोई तहरीर न आने की भी वजह बता रहे हैं। उनका कहना है कि नए कानूनों में कामकाज शुरू कर दिया गया है। किसी भी पीड़ित के आने पर इसी के तहत कार्रवाई होगी।

पहले दर्ज होता था 151, अब लगा 170
घोरावल कोतवाली क्षेत्र के नेवारी गांव में बोई हुई फसल में हिस्सा हक मांगने को लेकर विवाद हुआ।जिसमें एक व्यक्ति का चालान किया गया। प्रभारी निरीक्षक कमलेश पाल ने बताया कि नेवारी गांव निवासी तिलक पाल बोई हुई लहसुन की फसल में परिवार से हक-हिस्सा मांग रहे थे। इसी बात को लेकर परिजनों से उसका विवाद हो गया। शिकायत उनके परिवार की एक महिला ने किया है। नए कानून लागू होने के बाद नए कानून के तहत धारा 170 के तहत तिलक पाल का चालान किया गया। इसी तरह रायपुर थाने में भी मारपीट के मामले में शांति भंग की आशंका में 170 के तहत चालान किया गया।


सदर में मारपीट का मुकदमा दर्ज
सदर कोतवाली में नए कानून के तहत पहला मामला मारपीट का दर्ज हुआ। कुरथा निवासी कुसुम पटेल ने घर में घुसकर मारपीट और तोड़-फोन करने का आरोप लगाते हुए पति के ममेरे भाई के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 332 (सी) 115, 352, 324(2), 351(2) के तहत आरोपी महेव निवास विशाल पटेल, अनिल पटेल, विकास पर केस दर्ज किया है। पहले ऐसे मामलों में 323, 504, 506 के तहत केस दर्ज होता था।
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