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नई व्यवस्था : पोर्टल पर बिल अपलोड करें तभी होगा भुगतान
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ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के नाम पर अब मनमानी नहीं हो सकेगी। ग्राम पंचायतों में होने वाले खर्च के बिल, मस्टर रोल और बाउचर ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य कर दिया गया है।
शासन की तरफ से नई व्यवस्था पांच जून से लागू कर दी गई है। किसी ग्राम पंचायत में होने वाले कार्यों का पहले बिल पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। इसके बाद ही उस काम का भुगतान होगा। इससे विकास कार्यों में पारदर्शिता आएगी।
सोनभद्र में ग्राम पंचायतों की कुल संख्या 629 है। राजस्व गांव 1400 से अधिक हैं। केंद्र व प्रदेश सरकार की तरफ से गांवों के विकास के लिए धनराशि भेजी जाती है। केंद्रीय व राज्य वित्त से मिलने वाली धनराशि ग्राम पंचायत के सीधे खाते में आता है।
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अभी तक इस धनराशि से ग्राम प्रधान और सचिव डोंगल के जरिए सामग्री उपलब्ध कराने वाली फर्म को भुगतान करते थे। इस भुगतान राशि का जिक्र पोर्टल पर तो किया जाता था, मगर, बिल एवं वाउचर अपलोड करने की अनिवार्यता नहीं थी। इसके चलते इन धनराशि से ग्राम पंचायतों में कराए जाने वाले विकास कार्यों को लेकर सवाल भी उठते रहते थे।
कई मामलों में तो जिम्मेदार कार्य कराते नहीं थे और उसका भुगतान करा लेते थे। बिना बिल व वाउचर के जिम्मेदार बड़े खेल कर देते थे। नई व्यवस्था के तहत ग्राम पंचायतों में कराए गए हर काम का बिल व वाउचर ऑनलाइन अपलोड करना होगा। ऐसा न करने पर ग्राम पंचायत निधि खाते से भुगतान नहीं हा सकेगा। जब ग्राम पंचायतों के हर कार्य का बिल व वाउचर आॅनलाइन अपलोड होगा तो लेखा परीक्षको को ऑडिट करने में आसानी होगी।
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शासन की तरफ से नई व्यवस्था पांच जून से लागू कर दी गई है। किसी ग्राम पंचायत में होने वाले कार्यों का पहले बिल पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। इसके बाद ही उस काम का भुगतान होगा। इससे विकास कार्यों में पारदर्शिता आएगी।
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सोनभद्र में ग्राम पंचायतों की कुल संख्या 629 है। राजस्व गांव 1400 से अधिक हैं। केंद्र व प्रदेश सरकार की तरफ से गांवों के विकास के लिए धनराशि भेजी जाती है। केंद्रीय व राज्य वित्त से मिलने वाली धनराशि ग्राम पंचायत के सीधे खाते में आता है।
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अभी तक इस धनराशि से ग्राम प्रधान और सचिव डोंगल के जरिए सामग्री उपलब्ध कराने वाली फर्म को भुगतान करते थे। इस भुगतान राशि का जिक्र पोर्टल पर तो किया जाता था, मगर, बिल एवं वाउचर अपलोड करने की अनिवार्यता नहीं थी। इसके चलते इन धनराशि से ग्राम पंचायतों में कराए जाने वाले विकास कार्यों को लेकर सवाल भी उठते रहते थे।
कई मामलों में तो जिम्मेदार कार्य कराते नहीं थे और उसका भुगतान करा लेते थे। बिना बिल व वाउचर के जिम्मेदार बड़े खेल कर देते थे। नई व्यवस्था के तहत ग्राम पंचायतों में कराए गए हर काम का बिल व वाउचर ऑनलाइन अपलोड करना होगा। ऐसा न करने पर ग्राम पंचायत निधि खाते से भुगतान नहीं हा सकेगा। जब ग्राम पंचायतों के हर कार्य का बिल व वाउचर आॅनलाइन अपलोड होगा तो लेखा परीक्षको को ऑडिट करने में आसानी होगी।