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एनसीएल ने 22.38 रैक कोयले की ही भरी हामी
ब्यूरो/ अमर उजाला /सोनभद्र
Updated Thu, 09 Jun 2016 10:07 PM IST
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एनसीएल के कोल उत्पादन में रिकार्ड बढ़ोत्तरी के बावजूद रेल मार्ग से कोयला परिवहन बढ़ाने की चल रही कवायद को झटका लगा है। एनसीएल ने फिलहाल रेल रैक लोडिंग संख्या में बढ़ोत्तरी से साफ इंकार कर दिया है। प्रबंधन की ओर से रेलवे को एक दिन में अधिकतम 22.38 रैक कोयला ही लोड कर पाने का पत्र भी थमा दिया गया है। इससे रेलवे में उच्च स्तर से कोयला ढुलाई के जरिए आय बढ़ाने की कवायद भी थम गई है।
सड़क मार्ग से कोयला ढुलाई के चलते बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए एनजीटी की ओर से सड़क मार्ग से इसकी कम से कम ढुलाई के आदेश दिए गए हैं। वहीं एनसीएल में कोयले का रिकार्ड उत्पादन इसका भंडारण भी बढ़ाता जा रहा है। इसको देखते हुए रेलवे के अधिकारी एनसीएल से होने वाली कोल रैक लोडिंग में बढ़ोत्तरी की कवायद में जुटे थे।
पिछले दिनों ऊर्जांचल के दौरे पाए आए नवागत डीआरएम एमके अखोरी ने भी एनसीएल के सीएमडी से जाकर मुलाकात की और इसको लेकर जरूरी पहल का अनुरोध किया था, लेकिन तीन दिन पूर्व एनसीएल प्रबंधन की ओर से थमाए गए पत्र ने सारी कवायदों पर विराम लगा दिया है। उधर, डीटीएम चोपन विश्वरंजन ने बताया कि अभी एनसीएल एक दिन में 22 से 23 रैक ही कोयला लोड कर पा रहा था।
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पत्र में भी फिलहाल औसतन एक दिन में 22.38 रैक कोयला लोड कर पाने की बात कही गई है। बस इस बात का भरोसा दिया गया है कि छह माह बाद इसे बढ़ाकर 25 रैक कर दिया जाएगा। उन्हें उम्मीद थी कि एनसीएल की ओर से कम से कम एक दिन में तीस रैक लोड करने की हामी भर दी जाएगी। लेकिन एनसीएल द्वारा हाथ खड़े कर लिए जाने के बाद, फिलहाल रेल मार्ग से कोयला ढुलाई में बढ़ोत्तरी की उम्मीद नहीं रह गई है।
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सड़क मार्ग से कोयला ढुलाई के चलते बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए एनजीटी की ओर से सड़क मार्ग से इसकी कम से कम ढुलाई के आदेश दिए गए हैं। वहीं एनसीएल में कोयले का रिकार्ड उत्पादन इसका भंडारण भी बढ़ाता जा रहा है। इसको देखते हुए रेलवे के अधिकारी एनसीएल से होने वाली कोल रैक लोडिंग में बढ़ोत्तरी की कवायद में जुटे थे।
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पिछले दिनों ऊर्जांचल के दौरे पाए आए नवागत डीआरएम एमके अखोरी ने भी एनसीएल के सीएमडी से जाकर मुलाकात की और इसको लेकर जरूरी पहल का अनुरोध किया था, लेकिन तीन दिन पूर्व एनसीएल प्रबंधन की ओर से थमाए गए पत्र ने सारी कवायदों पर विराम लगा दिया है। उधर, डीटीएम चोपन विश्वरंजन ने बताया कि अभी एनसीएल एक दिन में 22 से 23 रैक ही कोयला लोड कर पा रहा था।
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पत्र में भी फिलहाल औसतन एक दिन में 22.38 रैक कोयला लोड कर पाने की बात कही गई है। बस इस बात का भरोसा दिया गया है कि छह माह बाद इसे बढ़ाकर 25 रैक कर दिया जाएगा। उन्हें उम्मीद थी कि एनसीएल की ओर से कम से कम एक दिन में तीस रैक लोड करने की हामी भर दी जाएगी। लेकिन एनसीएल द्वारा हाथ खड़े कर लिए जाने के बाद, फिलहाल रेल मार्ग से कोयला ढुलाई में बढ़ोत्तरी की उम्मीद नहीं रह गई है।