{"_id":"60fda0618ebc3ef75b30e7ce","slug":"naxalites-set-fire-to-the-company-s-office-building-a-road-sonbhadra-news-vns6024409142","type":"story","status":"publish","title_hn":"सड़क बना रही कंपनी के दफ्तर पर नक्सलियों ने की आगजनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सड़क बना रही कंपनी के दफ्तर पर नक्सलियों ने की आगजनी
विज्ञापन
झारखंड के गढ़वा जिले के थाना धुरकी के गांव घघरी में नक्सली घटना में जला वाहन।(फोटो संबाद)
- फोटो : SONBHADRA
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विंढमगंज। उत्तर प्रदेश की सीमा से सटे झारखंड प्रांत के गढ़वा जिले में शनिवार की रात नक्सलियों ने वीआरएस कंपनी के कैंप कार्यालय पर धावा बोलकर कई वाहनों को फूंक दिए। धुरकी थाना क्षेत्र के घघरी गांव में हुई इस घटना में कई वाहनों को तोड़फोड़ दिया और आगजनी की।
सोनभद्र के विंढमगंज थाना क्षेत्र से महज पांच किमी घघरी गांव में रांची-रीवां मार्ग का निर्माण करा रही वीआरएस कंपनी के कैंप कार्यालय पर शनिवार की रात छह-सात की संख्या में हथियारबंद नक्सली पहुंचे। कैंप में सो रहे सभी कर्मियों को वहां से बाहर निकालकर एक जगह एकत्रित किया और कैंप में रखे डीजल को वाहनों पर छिड़ककर आग लगा दी। इस घटना में दो हाइवा, एक ग्रेडर और एक रोलर जला दिया और दो जेसीबी को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। नक्सलियों ने लगभग आधा घंटे तक उपद्रव किया। इसके बाद गंभीर अंजाम भुगतने की चेतावनी देते हुए चले गए। हमले में एक करोड़ रुपये से अधिक से नुकसान का अनुमान है। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस-प्रशासन मौके पर पहुंचे। गढ़वा के एसडीपीओ प्रमोद कुमार केशरी ने बताया कि हथियार बंद अपराधियों ने वाहनों को जलाया है। मामले की जांच की जा रही है। दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
एक माह पूर्व इंजीनियर को किया था अगवा
एक माह पूर्व गत 25 जून को नक्सलियों ने वीआरएस कंपनी के खुटिया गांव स्थित कैंप ऑफिस से साइड इंजीनियर नागेंद्र सिंह को दिनदहाडे़ अगवा करके जंगल में ले गए थे और चार घंटे बाद मुक्त किया था। नक्सलियों ने दो प्रतिशत लेवी के लिए उनको अगवा किया था। भारतीय पब्लिक कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी के कथित जोनल प्रभारी नितेश कुमार ने फोन पर इंजीनियर के अपहरण की जिम्मेदारी लेते हुए कहा था कि लेवी न देने, अधिग्रहीत भूमि का मुआवजा न देने, घटिया निर्माण के कारण इंजीनियर का अपहरण किया गया। पहले भी फोन पर कई बार कंपनी से लेवी मांगी जा चुकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सोनभद्र के विंढमगंज थाना क्षेत्र से महज पांच किमी घघरी गांव में रांची-रीवां मार्ग का निर्माण करा रही वीआरएस कंपनी के कैंप कार्यालय पर शनिवार की रात छह-सात की संख्या में हथियारबंद नक्सली पहुंचे। कैंप में सो रहे सभी कर्मियों को वहां से बाहर निकालकर एक जगह एकत्रित किया और कैंप में रखे डीजल को वाहनों पर छिड़ककर आग लगा दी। इस घटना में दो हाइवा, एक ग्रेडर और एक रोलर जला दिया और दो जेसीबी को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। नक्सलियों ने लगभग आधा घंटे तक उपद्रव किया। इसके बाद गंभीर अंजाम भुगतने की चेतावनी देते हुए चले गए। हमले में एक करोड़ रुपये से अधिक से नुकसान का अनुमान है। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस-प्रशासन मौके पर पहुंचे। गढ़वा के एसडीपीओ प्रमोद कुमार केशरी ने बताया कि हथियार बंद अपराधियों ने वाहनों को जलाया है। मामले की जांच की जा रही है। दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
एक माह पूर्व इंजीनियर को किया था अगवा
एक माह पूर्व गत 25 जून को नक्सलियों ने वीआरएस कंपनी के खुटिया गांव स्थित कैंप ऑफिस से साइड इंजीनियर नागेंद्र सिंह को दिनदहाडे़ अगवा करके जंगल में ले गए थे और चार घंटे बाद मुक्त किया था। नक्सलियों ने दो प्रतिशत लेवी के लिए उनको अगवा किया था। भारतीय पब्लिक कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी के कथित जोनल प्रभारी नितेश कुमार ने फोन पर इंजीनियर के अपहरण की जिम्मेदारी लेते हुए कहा था कि लेवी न देने, अधिग्रहीत भूमि का मुआवजा न देने, घटिया निर्माण के कारण इंजीनियर का अपहरण किया गया। पहले भी फोन पर कई बार कंपनी से लेवी मांगी जा चुकी है।
विज्ञापन