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सप्ताह भर की मोहलत देकर आंदोलन किया स्थगित
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शक्तिनगर। कंपनी प्रबंधन को सप्ताह भर की मोहलत देने के साथ ही शनिवार की रात मजदूरों ने आंदोलन स्थगित कर दिया। आंदोलन के चलते एनसीएल खड़िया कोयला क्षेत्र में अधिभार हटाने का कार्य रात में भी प्रभावित रहा। नागरिक मंच के नेताओं व श्रमिकों ने चेतावनी दी है कि उनकी मांगें नहीं मानी गई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
आश्वासन के बाद समायोजन नहीं होने से नाराज मजदूरों ने एनसीएल खडिय़ा कोयला खदान में घुस कर शनिवार दोपहर बाद कार्य बंद करा दिया था। इसके चलते अधिभार (ओबी) हटाने का कार्य बाधित हो गया। श्रमिकों के आंदोलन को नेताओं का समर्थन मिलने से रात तक जिच कायम रही। खड़िया खदान में आउटसोर्सिंग के जरिए अधिभार हटाने का कार्य करने वाली वीपीआर कंपनी ने करीब कुछ माह पहले करीब 50 से अधिक मजदूरों को एनसीएल की दुद्धीचुआ कोयला क्षेत्र में शर्तों के साथ समायोजित किया था। शर्त थी कि दुद्धीचुआ में कार्य समाप्त होने के बाद सभी को पुन: खड़िया में ड्यूटी दे दी जाएगी। मजदूरों का आरोप है कि दुद्धीचुआ से उन्हें हटा दिया गया। लेकिन वादे के मुताबिक खड़िया में ड्यूटी नहीं दी है गई। इसके चलते कामगारों की रोजीरोटी का संकट पैदा हो गया। इस मामले में कंपनी के अधिकारी महज आश्वासन की घुटी पीला रहे हैं। इसी को लेकर श्रमिकों में नाराजगी है। शनिवार को ओबी निस्तारण का काम बंद हुआ तो मजदूरों के समर्थन में नागरिक मंच के पदाधिकारियों सहित कई जनप्रतिनिधि भी पहुंच गए। इससे कामगारों की आवाज को बल मिला। शक्तिनगर के प्रभारी निरीक्षक मिथिलेश मिश्रा के हस्तक्षेप के बाद यह तय हुआ कि फिलहाल आंदोलन इस शर्त पर स्थगित होगा कि सप्ताह भर में आउटसोर्सिंग कंपनी प्रबंधन श्रमिकों की रोजी पर रूख साफ करेगा। रात नौ बजे तक आंदोलनकारियों के खदान में जमे रहने से रात्रि पाली का कार्य भी आंशिक प्रभावित रहा। श्रमिकों के समर्थन में पन्नालाल, रविंद्र यादव व बृजबिहारी यादव, प्रधान प्रमोद तिवारी सहित कई ने मौजूदगी दर्ज कराई। एनसीएल खड़िया प्रोजेक्ट के सुरक्षा अधिकारी एसपी सिंह ने बताया कि बातचीत के जरिए मामले को सुलझाने की कोशिश की जा रही है।
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इनसेट
कोरोना कर्फ्यू के बीच तीसरा आंदोलन
शक्तिनगर। कोरोना महामारी के बीच ऊर्जांचल में आंदोलन का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। इससे पहले कई माह से पगार नहीं मिलने के बाद एनसीएल दुद्धीचुआ में श्रमिकों ने प्रदर्शन किया था। इसके बाद कृष्णशिला कोयला क्षेत्र में रोजगार के लिए विस्थापितों ने एकजुटता दिखाई। रोजगार के मसले पर एनसीएल खड़िया कोयला क्षेत्र में आंदोलन का यह तीसरा मामला है।
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आश्वासन के बाद समायोजन नहीं होने से नाराज मजदूरों ने एनसीएल खडिय़ा कोयला खदान में घुस कर शनिवार दोपहर बाद कार्य बंद करा दिया था। इसके चलते अधिभार (ओबी) हटाने का कार्य बाधित हो गया। श्रमिकों के आंदोलन को नेताओं का समर्थन मिलने से रात तक जिच कायम रही। खड़िया खदान में आउटसोर्सिंग के जरिए अधिभार हटाने का कार्य करने वाली वीपीआर कंपनी ने करीब कुछ माह पहले करीब 50 से अधिक मजदूरों को एनसीएल की दुद्धीचुआ कोयला क्षेत्र में शर्तों के साथ समायोजित किया था। शर्त थी कि दुद्धीचुआ में कार्य समाप्त होने के बाद सभी को पुन: खड़िया में ड्यूटी दे दी जाएगी। मजदूरों का आरोप है कि दुद्धीचुआ से उन्हें हटा दिया गया। लेकिन वादे के मुताबिक खड़िया में ड्यूटी नहीं दी है गई। इसके चलते कामगारों की रोजीरोटी का संकट पैदा हो गया। इस मामले में कंपनी के अधिकारी महज आश्वासन की घुटी पीला रहे हैं। इसी को लेकर श्रमिकों में नाराजगी है। शनिवार को ओबी निस्तारण का काम बंद हुआ तो मजदूरों के समर्थन में नागरिक मंच के पदाधिकारियों सहित कई जनप्रतिनिधि भी पहुंच गए। इससे कामगारों की आवाज को बल मिला। शक्तिनगर के प्रभारी निरीक्षक मिथिलेश मिश्रा के हस्तक्षेप के बाद यह तय हुआ कि फिलहाल आंदोलन इस शर्त पर स्थगित होगा कि सप्ताह भर में आउटसोर्सिंग कंपनी प्रबंधन श्रमिकों की रोजी पर रूख साफ करेगा। रात नौ बजे तक आंदोलनकारियों के खदान में जमे रहने से रात्रि पाली का कार्य भी आंशिक प्रभावित रहा। श्रमिकों के समर्थन में पन्नालाल, रविंद्र यादव व बृजबिहारी यादव, प्रधान प्रमोद तिवारी सहित कई ने मौजूदगी दर्ज कराई। एनसीएल खड़िया प्रोजेक्ट के सुरक्षा अधिकारी एसपी सिंह ने बताया कि बातचीत के जरिए मामले को सुलझाने की कोशिश की जा रही है।
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शक्तिनगर। कोरोना महामारी के बीच ऊर्जांचल में आंदोलन का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। इससे पहले कई माह से पगार नहीं मिलने के बाद एनसीएल दुद्धीचुआ में श्रमिकों ने प्रदर्शन किया था। इसके बाद कृष्णशिला कोयला क्षेत्र में रोजगार के लिए विस्थापितों ने एकजुटता दिखाई। रोजगार के मसले पर एनसीएल खड़िया कोयला क्षेत्र में आंदोलन का यह तीसरा मामला है।
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