फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sonebhadra News ›   Monkey distribution of fertilizer: 45 thousand quintals more were distributed than last year, yet farmers did not get it

खाद की बंदरबांट : पिछले साल से 45 हजार क्विंटल ज्यादा बांटी गई, फिर भी किसानों को नहीं मिली

Wed, 13 Aug 2025 12:28 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 13 Aug 2025 12:28 AM IST
विज्ञापन
Monkey distribution of fertilizer: 45 thousand quintals more were distributed than last year, yet farmers did not get it
अमवार में यूरिया खाद वितरण कराते नायब तहसीलदार व लेखपाल। - फोटो : संवाद
सोनभद्र। बदइंतजामी और खाद वितरण में मनमानी से किसान परेशान हैं खरीफ सीजन में पिछले साल 31 अगस्त तक जिले में 297410 क्विंटल खाद का वितरण हुआ था।
विज्ञापन

इस बार अगस्त के पहले पखवाड़े तक ही 3.40 लाख क्लिंटल से ज्यादा खाद बांटी जा चुकी है, बावजूद इसके किसानों के हाथ खाली हैं। समितियों पर रोज यूरिया, डीएपी के लिए लंबी कतारें लग रही हैं लेकिन भी खाद नहीं मिल रही।
बदइंतजामी और खाद वितरण में मनमानी किसानों पर भारी पड़ रही है। हालांकि विभाग समय से बारिश और खेती का रकबा बढ़ने को भी कारण बता रहा है।
खरीफ सीजन में धान जिले की मुख्य फसल है। इसके अलावा किसान मिर्च, टमाटर सहित अन्य फसलों की भी खेती करते हैं। बोवाई के वक्त डीएपी, एनपीके और अब यूरिया की के छिड़काव को फसलों की वृद्धि के लिए बेहतर माना जाता है।
विज्ञापन

इसी कारण किसान सहकारी समितियों से खाद लेने पहुंच रहे हैं। किसानों को सस्ते दर पर खाद-बीज उपलब्ध कराने के लिए जिले में 62 समितियां क्रियाशील हैं।
अधिकांश समितियों पर पहले डीएपी की किल्लत थी और अब यूरिया के लिए मारामारी मची हुई है। कई दिनों तक भटकने के बाद भी किसान समितियों से खाद नहीं ले पा रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed