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Sonbhadra News: नाबालिग मुक्त कराए गए; बालश्रम के लिए सोनभद्र से ले जा रहे थे पंजाब, तस्कर पकड़े गए
Tue, 20 May 2025 08:29 PM IST
नितीश कुमार पांडेय
अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र
अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र
Published by: नितीश कुमार पांडेय
Updated Tue, 20 May 2025 08:29 PM IST
सार
एएचटीयू और आरपीएफ की संयुक्त टीम को रेणुकूट स्टेशन से सफलता मिली। 450 रुपये की दिहाड़ी पर बच्चों से कराई जानी थी मजदूरी, पुलिस गिरोह के नेटवर्क को खंगालने में जुटी है।
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पुलिस अधिकारी
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
अच्छी मजदूरी दिलाने का झांसा देकर बच्चों को पंजाब ले जा रहे एक व्यक्ति को पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार किया। मानव तस्करी रोधी इकाई (एएचटीयू) व आरपीएफ की संयुक्त टीम ने उसके कब्जे से चार नाबालिग समेत पांच मजदूरों को मुक्त कराया। बच्चों को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेशकर परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया।
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पुलिस बाल श्रमिकों को अन्य प्रांतों में ले जाने वाले गिरोह के अन्य सदस्यों की भी छानबीन में जुटी है। आदिवासी बहुल जिले से बड़ी संख्या में पैसे का लालच देकर नाबालिग बच्चों को दूसरे राज्यों में पहुंचाने की शिकायतें अक्सर आती रही हैं। वहां उनसे मजदूरी या अन्य कार्य कराए जाते हैं।
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बाल श्रमिकों को पंजाब ले जाने की सूचना पर सोमवार की रात एएचटीयू व आरपीएफ की संयुक्त टीम ने रेणुकूट रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर दो पर घेरेबंदी की। वहां से एक व्यक्ति को पकड़ा गया। उसके साथ चार नाबलिग समेत पांच मजदूर थे। पूछताछ में उसकी पहचान बभनी के हथियार गांव निवासी प्रजापति सिंह के रुप में हुई।
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उसने बताया कि वह पांचों को जम्मूतवी एक्सप्रेस से लेकर पंजाब के अंबाला जा रहा था। वहां उनसे मजदूरी कराना था। इसके बदले उन्हें रोजाना 450 रुपये दिए जाते। एएसपी ऑपरेशन त्रिभुवन नाथ त्रिपाठी ने बताया कि पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
बच्चों को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत कर परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया। उस नेटवर्क को भी खंगाला जा रहा है, जिसके जरिए यहां से बच्चों को बाहर ले जाकर बालश्रम जैसे अवैध कार्य में लगाया जाता है।