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सोन पंप कैनाल के कार्यों की गुणवत्ता पर भड़के मंत्री, जांच के निर्देश
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सोनलिफ्ट कैनाल का निरीक्षण करते कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह।
- फोटो : SONBHADRA
प्रदेश सरकार के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने सोमवार को जिले की पेयजल और सिंचाई परियोजनाओं का हाल जाना। सोन पंप कैनाल के कार्य की गुणवत्ता संतोषजनक न होने पर कड़ी नाराजगी जताते हुए मंत्री ने डीएम को टीम गठित कर जांच कराने का निर्देश दिया। कमियां मिलने पर संबंधित अधिकारी और ठेकेदार पर मुकदमा दर्ज कराने को कहा। हर घर जल योजना के तहत पेयजल परियोजनाओं को तय समय सीमा में हर हाल में पूरा करने की हिदायत दी।
ग्राम समूह पेयजल योजना बेलाही के औचक निरीक्षण के दौरान उन्होंने एडीएम नमामि गंगे आशुतोष दुबे से इसके प्रगति की जानकारी ली। करमांव गांव में बन रहे परियोजना के फिल्टर प्लांट, टंकी आदि का विस्तृत जायजा लिया। नवंबर 2022 तक की समय सीमा में हर हाल में काम पूरा कराने का निर्देश दिया। इस परियोजना से करीब 233 गांवों के 1.60 लाख आबादी को पानी मिलना है। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि यह मुख्यमंत्री की प्राथमिकता की योजना में है। इसमें किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने गांव में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से वार्ता कर उन्हें समूह के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। यहां ग्राम प्रधान राजकुमारी ने कैबिनेट मंत्री का पुष्प देकर स्वागत किया।
इसके बाद जलशक्ति मंत्री सोन पंप कैनाल पहुंचे। कैनाल की क्षमता वृद्धि का कार्य चल रहा है। काम की गुणवत्ता देख भड़के मंत्री ने निर्माण सामग्री का सैंपल लेकर जांच को भेजने और कमियां मिलने पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया। इस मौके पर समाज कल्याण विभाग के राज्य मंत्री संजीव गोंड, सांसद पकौड़ी लाल कोल, रामसकल, जिलाध्यक्ष अजीत चौबे, विधायक भूपेश चौबे, डॉ. अनिल कुमार मौर्या, रामदुलार, ब्लाक प्रमुख अजीत रावत आदि मौजूद रहे। इसके पहले सहिजन खुर्द गांव में ग्राम प्रधान रश्मि सिंह, सोनू कोल के यहां पहुंचकर उपस्थित लोगों की समस्याएं सुनी।
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सवालों का जवाब नहीं दे सकेे अफसर, मंत्री ने लगाई लताड़
जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने सर्किट हाउस में मंडलीय अधिकारियों के साथ बैठक कर विभागीय योजनाओं के प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अफसरों को हिदायत दी कि सिर्फ वही प्रस्ताव दें, जिन पर कार्य करने की आवश्यकता है। अनावश्यक कार्यों के लिए प्रस्ताव बनाकर न भेजें। जनता के पैसे का दुरुपयोग किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कनहर सिंचाई परियोजना के संबंध में मुख्य अभियंता ने बताया कि 75 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। मार्च 2024 तक यह निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। इस परियोजना से जिले के दुद्धी, ओबरा और सदर तहसील क्षेत्र में पेयजल व सिंचाई की समस्या दूर होगी। सोन पंप कैनाल की क्षमता वृद्धि के संबंध में मुख्य अभियंता से पूछा तो बताया गया कि 300 क्यूसेफ क्षमता वाले इस कैनाल की क्षमता अब 600 क्यूसेक करने पर कार्य चल रहा है। क्षमता वृद्धि के कारण के संबंध में संबंधित अधिकारियों से पूछा तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इस पर मंत्री ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि मार्च 2022 के बाद जिन ठेकेदारों के नाम वर्क आर्डर जारी किए गए हैं उसकी सूची और उनके बांड, टेंडर आदि की लिस्ट बनाकर जांच कराएं। डीएम चंद्र विजय सिंह ने निर्देशों का निर्धारित समय के अंतर्गत पालन कराने का भरोसा दिया। बैठक में राज्य मंत्री संजीव गोंड, सांसद पकौड़ी लाल कोल, रामसकल आदि मौजूद रहे।
डाला में पेयजल संकट दूर कराने को सौंपा ज्ञापन
डाला नगर पंचायत में पेयजल समस्या को दूर करने के लिए भाजपा मंडल उपाध्यक्ष मनीष तिवारी ने जल शक्ति मंत्री स्वत्रंत देव सिंह को ज्ञापन सौंपा। बताया कि डाला में पेयजल की जटिल समस्या बनी हुई है। डाला क्षेत्र में सरकारी हैंडपंप लगभग सभी घरों में निजी हैंडपंप बने हुए हैं। भूजल का स्तर नीचे होने से पेयजल दुर्लभ हो गया है। जिन हैंडपंपों में पानी आता है, उसमें आयरन व अमोनिया की मात्रा ज्यादा है। इस दौरान मंडल अध्यक्ष दीपक दुबे, मदन साहू, राजू शुक्ला, हिमांशु कुमार, संतोष मिश्रा आदि मौजूद रहे।
जब विधायक पर भड़का मंत्री का सुरक्षा कर्मी
हर घर जल योजना के कार्यों के निरीक्षण के लिए धंधरौल बांध पहुंचे जलशक्ति मंत्री की सुरक्षा में लगा कर्मी सदर विधायक भूपेश चौबे पर भड़क उठा। विधायक अल्टो कार पर सवार थे जबकि मंत्री के काफिले में सभी बड़े वाहन थे। अचानक से काफिले में कार को देख सुरक्षाकर्मी भड़क गया। उसने तत्काल कार रोककर उसे दूर करने को कहा। बाद में जब लोगों ने विधायक का परिचय दिया तब मामला शांत हुआ।
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ग्राम समूह पेयजल योजना बेलाही के औचक निरीक्षण के दौरान उन्होंने एडीएम नमामि गंगे आशुतोष दुबे से इसके प्रगति की जानकारी ली। करमांव गांव में बन रहे परियोजना के फिल्टर प्लांट, टंकी आदि का विस्तृत जायजा लिया। नवंबर 2022 तक की समय सीमा में हर हाल में काम पूरा कराने का निर्देश दिया। इस परियोजना से करीब 233 गांवों के 1.60 लाख आबादी को पानी मिलना है। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि यह मुख्यमंत्री की प्राथमिकता की योजना में है। इसमें किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने गांव में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से वार्ता कर उन्हें समूह के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। यहां ग्राम प्रधान राजकुमारी ने कैबिनेट मंत्री का पुष्प देकर स्वागत किया।
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इसके बाद जलशक्ति मंत्री सोन पंप कैनाल पहुंचे। कैनाल की क्षमता वृद्धि का कार्य चल रहा है। काम की गुणवत्ता देख भड़के मंत्री ने निर्माण सामग्री का सैंपल लेकर जांच को भेजने और कमियां मिलने पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया। इस मौके पर समाज कल्याण विभाग के राज्य मंत्री संजीव गोंड, सांसद पकौड़ी लाल कोल, रामसकल, जिलाध्यक्ष अजीत चौबे, विधायक भूपेश चौबे, डॉ. अनिल कुमार मौर्या, रामदुलार, ब्लाक प्रमुख अजीत रावत आदि मौजूद रहे। इसके पहले सहिजन खुर्द गांव में ग्राम प्रधान रश्मि सिंह, सोनू कोल के यहां पहुंचकर उपस्थित लोगों की समस्याएं सुनी।
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सवालों का जवाब नहीं दे सकेे अफसर, मंत्री ने लगाई लताड़
जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने सर्किट हाउस में मंडलीय अधिकारियों के साथ बैठक कर विभागीय योजनाओं के प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अफसरों को हिदायत दी कि सिर्फ वही प्रस्ताव दें, जिन पर कार्य करने की आवश्यकता है। अनावश्यक कार्यों के लिए प्रस्ताव बनाकर न भेजें। जनता के पैसे का दुरुपयोग किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कनहर सिंचाई परियोजना के संबंध में मुख्य अभियंता ने बताया कि 75 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। मार्च 2024 तक यह निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। इस परियोजना से जिले के दुद्धी, ओबरा और सदर तहसील क्षेत्र में पेयजल व सिंचाई की समस्या दूर होगी। सोन पंप कैनाल की क्षमता वृद्धि के संबंध में मुख्य अभियंता से पूछा तो बताया गया कि 300 क्यूसेफ क्षमता वाले इस कैनाल की क्षमता अब 600 क्यूसेक करने पर कार्य चल रहा है। क्षमता वृद्धि के कारण के संबंध में संबंधित अधिकारियों से पूछा तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इस पर मंत्री ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि मार्च 2022 के बाद जिन ठेकेदारों के नाम वर्क आर्डर जारी किए गए हैं उसकी सूची और उनके बांड, टेंडर आदि की लिस्ट बनाकर जांच कराएं। डीएम चंद्र विजय सिंह ने निर्देशों का निर्धारित समय के अंतर्गत पालन कराने का भरोसा दिया। बैठक में राज्य मंत्री संजीव गोंड, सांसद पकौड़ी लाल कोल, रामसकल आदि मौजूद रहे।
डाला में पेयजल संकट दूर कराने को सौंपा ज्ञापन
डाला नगर पंचायत में पेयजल समस्या को दूर करने के लिए भाजपा मंडल उपाध्यक्ष मनीष तिवारी ने जल शक्ति मंत्री स्वत्रंत देव सिंह को ज्ञापन सौंपा। बताया कि डाला में पेयजल की जटिल समस्या बनी हुई है। डाला क्षेत्र में सरकारी हैंडपंप लगभग सभी घरों में निजी हैंडपंप बने हुए हैं। भूजल का स्तर नीचे होने से पेयजल दुर्लभ हो गया है। जिन हैंडपंपों में पानी आता है, उसमें आयरन व अमोनिया की मात्रा ज्यादा है। इस दौरान मंडल अध्यक्ष दीपक दुबे, मदन साहू, राजू शुक्ला, हिमांशु कुमार, संतोष मिश्रा आदि मौजूद रहे।
जब विधायक पर भड़का मंत्री का सुरक्षा कर्मी
हर घर जल योजना के कार्यों के निरीक्षण के लिए धंधरौल बांध पहुंचे जलशक्ति मंत्री की सुरक्षा में लगा कर्मी सदर विधायक भूपेश चौबे पर भड़क उठा। विधायक अल्टो कार पर सवार थे जबकि मंत्री के काफिले में सभी बड़े वाहन थे। अचानक से काफिले में कार को देख सुरक्षाकर्मी भड़क गया। उसने तत्काल कार रोककर उसे दूर करने को कहा। बाद में जब लोगों ने विधायक का परिचय दिया तब मामला शांत हुआ।