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आबादी के बीच खनन का विरोध, किया प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो/सोनभद्र
Updated Wed, 14 Dec 2016 10:52 PM IST
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बिल्ली-मारकुंडी में आबादी के बीच हो रही खनन से चार सौ केवीए का अनपरा-आजमगढ़ हाई ट्रांसमिशन लाइन, 220 केवी ओबरा-इलाहाबाद ट्रांसमिशन लाइन और 132 केवी का ओबरा-छपका राबर्ट्सगंज कभी भी ध्वस्त हो सकता है। इससे पूर्वांचल के तमाम हिस्सों में बिजली आपूर्ति ठप हो जाएगी। यह आरोप है क्षेत्र के लोगों का। बुधवार को क्षेत्रीय लोगों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया और डीएम को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की।
संघर्ष समिति बिल्ली-मारकुंडी के सदस्यों ने बुधवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन के बाद डीएम को ज्ञापन सौंपा। इसमेें आरोप लगाया कि पिछले 14 माह से बिल्ली-मारकुंडी में आबादी के निकटवर्ती नए खनन पट्टों में ब्लास्टिंग कर खनन किया जा रहा है। इससे भू-गर्भ जल दोहन हो रहा। ब्लास्टिंग से लोगों के घरों में दरारें पड़ रहीं और घरों के गिरने का खतरा बना हुआ है। इसको लेकर कई बार प्रदर्शन किया गया और ज्ञापन सौंपा गया लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि यदि ब्लास्टिंग और अवैध खनन नहीं बंद हुआ तो भविष्य में पेयजल संकट के साथ ही अनपरा-आजमगढ़, ओबरा- इलाहाबाद और ओबरा-छपका लाइन क्षतिग्रस्त हो जाएगी। कभी भी तार टूटकर गिर जाएंगे। फिर किसी भी बड़ी एजेंसी द्वारा मरम्मत का कार्य साल भर में भी पूरा नहीं किया जाना संभव नहीं होगा।। लोगों ने ज्ञापन सौंपकर डीएम से पूरे मामले की जांच कराने और तत्काल कार्रवाई करने की मांग की है। प्रदर्शन में रामलाल, सीपी माली, रामकरन, मनीष कुमार मिश्रा, ओबरा डिग्री कालेज के छात्रसंघ अध्यक्ष अमरेश यादव, इंटक जिलाध्यक्ष हरदेव तिवारी, दीपक, मुकेश, राकेश सिंह, चंदेल, नंदू, शिवशंकर, शोभनाथ, आरपी जायसवाल मौजूद रहे।
संघर्ष समिति बिल्ली-मारकुंडी के सदस्यों ने बुधवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन के बाद डीएम को ज्ञापन सौंपा। इसमेें आरोप लगाया कि पिछले 14 माह से बिल्ली-मारकुंडी में आबादी के निकटवर्ती नए खनन पट्टों में ब्लास्टिंग कर खनन किया जा रहा है। इससे भू-गर्भ जल दोहन हो रहा। ब्लास्टिंग से लोगों के घरों में दरारें पड़ रहीं और घरों के गिरने का खतरा बना हुआ है। इसको लेकर कई बार प्रदर्शन किया गया और ज्ञापन सौंपा गया लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि यदि ब्लास्टिंग और अवैध खनन नहीं बंद हुआ तो भविष्य में पेयजल संकट के साथ ही अनपरा-आजमगढ़, ओबरा- इलाहाबाद और ओबरा-छपका लाइन क्षतिग्रस्त हो जाएगी। कभी भी तार टूटकर गिर जाएंगे। फिर किसी भी बड़ी एजेंसी द्वारा मरम्मत का कार्य साल भर में भी पूरा नहीं किया जाना संभव नहीं होगा।। लोगों ने ज्ञापन सौंपकर डीएम से पूरे मामले की जांच कराने और तत्काल कार्रवाई करने की मांग की है। प्रदर्शन में रामलाल, सीपी माली, रामकरन, मनीष कुमार मिश्रा, ओबरा डिग्री कालेज के छात्रसंघ अध्यक्ष अमरेश यादव, इंटक जिलाध्यक्ष हरदेव तिवारी, दीपक, मुकेश, राकेश सिंह, चंदेल, नंदू, शिवशंकर, शोभनाथ, आरपी जायसवाल मौजूद रहे।
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