एमबीबीएस की छात्राओं ने छेड़ी Corona के खिलाफ जंग, गांव-गांव जाकर ग्रामीणों को जागरूक करने का उठाया बीड़ा
बेटियों के पास भी पंख होते हैंं। कभी उनके अरमानों को देखें,एक मौका और थोड़ा सा हौसला दें, फिर उनकी ऊंची उड़ान देखें। कुछ इसी हौसले-जज्बे के साथ मेडिकल की पढ़ाई कर रहीं सोनभद्र के दुद्धी निवासी पांच बेटियों (चार एमबीबीएस, एक डी फार्मा) ने कोरोना के खिलाफ जंग छेड़ दी है। गांव-गांव जाकर ग्रामीणों को जागरूक करने और उन्हें मास्क एवं अन्य जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने का बीड़ा उठाते हुए धनौरा गांव से अभियान की शुरुआत कर दी है।
येरीवान स्टेट गवर्नमेंट मेडिकल यूनिवर्सिटी अर्मेनिया में एमबीबीएस अंतिम वर्ष की छात्रा दुद्धी सदर निवासी मु. शमीम अंसारी की बड़ी पुत्री एमन अंसारी, छोटी बेटी एमबीबीएस द्वितीय वर्ष की छात्रा एरम अंसारी, यूनिवर्सल कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेस नेपाल में एमबीबीएस तृतीय वर्ष की छात्रा पूर्व चैयरमैन कमल कानू की पुत्री मुस्कान गुप्ता, यूनान यूनिवर्सिटी ऑफ ट्रेडिशनल चाइनीस मेडिसिन चीन में एमबीबीएस तृतीय वर्ष की छात्रा सपा नेता जुबेर आलम की पुत्री शबनम परवीन ने घर-घर जाकर ग्रामीणों खासकर महिलाओं, युवतियों को सावधान रहिए, सतर्क रखिए, खुश रहिए.. का मंत्र दिया और बचाव के कई टिप्स सुझाए।
कहा कि किसी भी चीज़ पर वायरस का असर 48 घंटे तक रहता है। इसलिए किसी भी जगह हाथ रखने या छूने के बाद अपने हाथ को कोहनी तक लगभग 20 सेकेंड तक धोएं। हथेली के पीछे उंगलियों के बीच में और नाखूनों के अंदर भी सफाई से धोएं। मुंह में मास्क लगाए रखें।
मास्क को बहुत देर तक लगा कर न रखें, क्योंकि ऐसा करने से, इसमें बैक्टीरिया आ जाते हैं। जहां तक संभव हो, मास्क के बाहरी हिस्से को न छुएं। ऐसा होने पर हाथ धो लें। बीमार लोगों से ज्यादा न मिलें, न ही अपने व्यक्तिगत सामान, जैसे खाना, बर्तन, कप, तौलिया आदि शेयर करें। जरा भी बीमार महसूस कर रहें है तो डॉक्टर को दिखाएं। टीम ने दवा व्यवसायियों की तरफ से उपलब्ध कराई गई दवाएं, प्रतिष्ठित संस्थानों से मिले मास्क, ग्लब्स का वितरण कर प्रयोग के तरीके भी बताए।