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Sonebhadra News: तीन डिग्री लुढ़का अधिकतम पारा, दिन में भी छूटी कंपकंपी
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सोनभद्र। शीतलहर और ठंड के तेवर कम नहीं पड़ रहे। न्यूनतम तापमान में गिरावट से अब तक रातें सर्द थीं। बुधवार को दिन सीजन का सबसे ठंडा रहा। तीन डिग्री की गिरावट के साथ अधिकतम तापमान 17.2 डिग्री तक पहुंच गया। सुबह 11 बजे तक वातावरण में घने कोहरे की चादर तनी रही। इसके बाद धूप खिली, लेकिन सर्द हवाओं के कारण गलन से राहत नहीं मिल सकी। ठंड से बचने के लिए शाम होते ही लोग घरों में दुबक गए।
जिले में दो दिन पहले सोमवार को सीजन की सबसे सर्द रात थी। तापमान 3.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। तब अधिकतम तापमान 18.8 डिग्री होने के कारण दिन में लोग राहत महसूस करते रहे। बुधवार की स्थिति इससे ठीक उलट थी। न्यूनतम तापमान तीन डिग्री बढ़कर 7.2 तक पहुंच गया तो दिन में दर्ज अधिकतम तापमान 17.8 डिग्री रहा। सुबह 11 बजे तक सूर्य के दर्शन नहीं हुए।
वाहनों को हेडलाइट जलाकर चलना पड़ा। दोपहर में कुछ देर के लिए धूप खिली, मगर सर्द हवाओं के कारण लोग बेहाल रहे। सर्दी के इस मिजाज से जनजीवन बेहाल है। लोग सुबह देर से बाहर निकल रहे हैं तो शाम होते ही अंदर दुबक जा रहे हैं। हीटर, ब्लोअर और अलाव तापकर सर्दी से राहत पाने की जुगत में लगे हैं। मौसम विज्ञान केंद्र चुर्क के प्रेक्षक राजन सिंह ने बताया कि बुधवार को दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई।
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ऐसे रहा तापमान में उतार-चढ़ाव::
तारीख: न्यूनतम: अधिकतम
15 जनवरी: 3.8: 18.8
16 जनवरी: 4.1: 20.2
17 जनवरी: 7.2: 17.8
आठवीं तक के स्कूल 19 तक बंद
सोनभद्र। अत्यधिक ठंड एवं शीतलहर के मद्देनजर जिले में आठवीं तक के स्कूलों में 19 तक पढ़ाई बंद रहेगी। बीएसए नवीन कुमार पाठक ने बताया कि डीएम के निर्देश पर कक्षा 1 से 8 तक संचालित परिषदीय, राजकीय, मान्यता प्राप्त सभी बोर्ड के विद्यालयों में 18 व 19 जनवरी को बच्चों के लिए अवकाश घोषित किया गया है। इस दौरान विभागीय एवं प्रशासकीय कार्यों के लिए सभी शिक्षक, शिक्षामित्र व अनुदेशक उपस्थित रहेंगे।
ठंड से ठिठुर रहे मरीज, कंबल नहीं बन पा रहा सहारा
सोनभद्र। ठंड के कारण मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। कोल्ड डायरिया के मरीज बढ़े हैं। ओपीडी के अलावा वार्डों में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या में भी वृद्धि हुई है। बीमारों को अस्पताल के वार्डों में ठंड से राहत नहीं मिल पा रही। इसी कंबल में मरीज और उनके साथ तीमारदार दुबककर किसी तरह रात बीता रहे हैं। अस्पताल में डॉक्टरों के लिए कमरों में ब्लोअर व हीटर लगाए गए हैं, जबकि मरीजों के लिए ऐसा कोई प्रबंध नहीं है।
एक माह में कई बुजुर्गों ने तोड़ा दम, अलाव जलवाने की मांग
कोन। कड़ाके की ठंड से बच्चे, जवान तो परेशान हैं ही, बुजुर्गों का सबसे बुरा हाल है। तापमान में गिरावट के बीच उनका शरीर ठंडा पड़ रहा है। ग्राम पंचायत कुड़वा के विभिन्न टोलों में पिछले एक माह में कई बुजुर्गों ने दम तोड़ा है। ग्रामीण इसके लिए कड़ाके की ठंड को ही असर मान रहे हैं। क्षेत्र पंचायत सदस्य समोद ने बताया कि वंशरुप गोंड, तुमिया, जासमती पांडुचट्टान, मानकी, विरझू, पार्वती, नक्कू, बच्चन, सुकवरिया, गोपाल, जवाहिर की एक माह के अंदर जान गई है। बावजूद क्षेत्र में कंबल वितरण और पर्याप्त अलाव का इंतजाम नहीं है। ऐसे में लोग ठिठुरने को विवश हैं।
गांवों में नहीं जल रहे अलाव
केकराही/रामगढ़। नगरीय क्षेत्रों में अलाव की व्यवस्था निकायों के जिम्मे हैं। यहां रैन बसेरा भी स्थापित है। इसका लाभ लोगों को मिल रहा है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में अलाव की व्यवस्था नहीं हो पा रही। करमा ब्लॉक के केकराही, करकी, पापी, खैराही आदि गांवों व चट्टी चौराहों पर अलाव नहीं जलाए जा रहे। चंद्रबली विश्वकर्मा, ब्रह्मानंद सिंह, मुलायम यादव, मोहम्मद अफतर आलम आदि ने अलाव जलवाने की मांग की है। उधर, पन्नूगंज थाना क्षेत्र के रामगढ़ कस्बे में अलाव न जलने से आम नागरिक और सुरक्षा में लगे होमगार्ड और चौकीदार लकड़ी की जगह कूड़ा जलाकर ठंड में अपनी जान बचाने को विवश हैं।
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जिले में दो दिन पहले सोमवार को सीजन की सबसे सर्द रात थी। तापमान 3.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। तब अधिकतम तापमान 18.8 डिग्री होने के कारण दिन में लोग राहत महसूस करते रहे। बुधवार की स्थिति इससे ठीक उलट थी। न्यूनतम तापमान तीन डिग्री बढ़कर 7.2 तक पहुंच गया तो दिन में दर्ज अधिकतम तापमान 17.8 डिग्री रहा। सुबह 11 बजे तक सूर्य के दर्शन नहीं हुए।
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वाहनों को हेडलाइट जलाकर चलना पड़ा। दोपहर में कुछ देर के लिए धूप खिली, मगर सर्द हवाओं के कारण लोग बेहाल रहे। सर्दी के इस मिजाज से जनजीवन बेहाल है। लोग सुबह देर से बाहर निकल रहे हैं तो शाम होते ही अंदर दुबक जा रहे हैं। हीटर, ब्लोअर और अलाव तापकर सर्दी से राहत पाने की जुगत में लगे हैं। मौसम विज्ञान केंद्र चुर्क के प्रेक्षक राजन सिंह ने बताया कि बुधवार को दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई।
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ऐसे रहा तापमान में उतार-चढ़ाव::
तारीख: न्यूनतम: अधिकतम
15 जनवरी: 3.8: 18.8
16 जनवरी: 4.1: 20.2
17 जनवरी: 7.2: 17.8
आठवीं तक के स्कूल 19 तक बंद
सोनभद्र। अत्यधिक ठंड एवं शीतलहर के मद्देनजर जिले में आठवीं तक के स्कूलों में 19 तक पढ़ाई बंद रहेगी। बीएसए नवीन कुमार पाठक ने बताया कि डीएम के निर्देश पर कक्षा 1 से 8 तक संचालित परिषदीय, राजकीय, मान्यता प्राप्त सभी बोर्ड के विद्यालयों में 18 व 19 जनवरी को बच्चों के लिए अवकाश घोषित किया गया है। इस दौरान विभागीय एवं प्रशासकीय कार्यों के लिए सभी शिक्षक, शिक्षामित्र व अनुदेशक उपस्थित रहेंगे।
ठंड से ठिठुर रहे मरीज, कंबल नहीं बन पा रहा सहारा
सोनभद्र। ठंड के कारण मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। कोल्ड डायरिया के मरीज बढ़े हैं। ओपीडी के अलावा वार्डों में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या में भी वृद्धि हुई है। बीमारों को अस्पताल के वार्डों में ठंड से राहत नहीं मिल पा रही। इसी कंबल में मरीज और उनके साथ तीमारदार दुबककर किसी तरह रात बीता रहे हैं। अस्पताल में डॉक्टरों के लिए कमरों में ब्लोअर व हीटर लगाए गए हैं, जबकि मरीजों के लिए ऐसा कोई प्रबंध नहीं है।
एक माह में कई बुजुर्गों ने तोड़ा दम, अलाव जलवाने की मांग
कोन। कड़ाके की ठंड से बच्चे, जवान तो परेशान हैं ही, बुजुर्गों का सबसे बुरा हाल है। तापमान में गिरावट के बीच उनका शरीर ठंडा पड़ रहा है। ग्राम पंचायत कुड़वा के विभिन्न टोलों में पिछले एक माह में कई बुजुर्गों ने दम तोड़ा है। ग्रामीण इसके लिए कड़ाके की ठंड को ही असर मान रहे हैं। क्षेत्र पंचायत सदस्य समोद ने बताया कि वंशरुप गोंड, तुमिया, जासमती पांडुचट्टान, मानकी, विरझू, पार्वती, नक्कू, बच्चन, सुकवरिया, गोपाल, जवाहिर की एक माह के अंदर जान गई है। बावजूद क्षेत्र में कंबल वितरण और पर्याप्त अलाव का इंतजाम नहीं है। ऐसे में लोग ठिठुरने को विवश हैं।
गांवों में नहीं जल रहे अलाव
केकराही/रामगढ़। नगरीय क्षेत्रों में अलाव की व्यवस्था निकायों के जिम्मे हैं। यहां रैन बसेरा भी स्थापित है। इसका लाभ लोगों को मिल रहा है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में अलाव की व्यवस्था नहीं हो पा रही। करमा ब्लॉक के केकराही, करकी, पापी, खैराही आदि गांवों व चट्टी चौराहों पर अलाव नहीं जलाए जा रहे। चंद्रबली विश्वकर्मा, ब्रह्मानंद सिंह, मुलायम यादव, मोहम्मद अफतर आलम आदि ने अलाव जलवाने की मांग की है। उधर, पन्नूगंज थाना क्षेत्र के रामगढ़ कस्बे में अलाव न जलने से आम नागरिक और सुरक्षा में लगे होमगार्ड और चौकीदार लकड़ी की जगह कूड़ा जलाकर ठंड में अपनी जान बचाने को विवश हैं।