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बिचौलियों के चक्कर में फंसी प्रसूता नवजात की मौत

Mon, 27 Jan 2020 11:51 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 27 Jan 2020 11:51 PM IST
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Maternal neonatal trapped in middleman's death
सोनभद्र। जिला अस्पताल परिसर में संचालित सौ शैय्या युक्त मातृ एवं शिशु अस्पताल से शनिवार की रात बिचौलिए एक गर्भवती महिला को अपने झांसे में लेकर उसे एक प्राइवेट अस्पताल ले गए। यहां प्रसव के दौरान शिशु की मौत हो गई। प्रसव ठीक से न कराए जाने के कारण घरवाले वापस सौ शैय्या युक्त मातृ एवं शिशु अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां बच्चे को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया जबकि जच्चा की हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने बीएचयू रेफर कर दिया।
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शनिवार की शाम करीब चार बजे जुगैल थाना क्षेत्र की रहने वाली गर्भवती सुनीता (33) को लेकर घरवाले सौ शैय्या युक्त मातृ एवं शिशु अस्पताल पहुंचे। स्वास्थ्य कर्मियों ने गर्भवती महिला की जांच की। इसी बीच कुछ बिचौलिए किस्म के लोग पहुंच गए और महिला के घरवालों को झांसे में लेकर निजी अस्पताल ले गए। वहां रविवार को प्रसव के दौरान बच्चे की मौत हो गई। हालत गंभीर देख निजी अस्पताल वालों ने जवाब दे दिया। इसके बाद शाम को घरवाले पुन: महिला को लेकर सौ शैय्या युक्त मातृ एवं शिशु अस्पताल पहुंचे। यहां डॉक्टर सुमन मिश्रा की टीम ने महिला की जान बचाई। इसके बाद तत्काल एंबुलेंस के जरिए प्रसूता को वाराणसी रेफर कर दिया गया। वहां उसे बीएचयू में भर्ती कराया गया है। सोमवार को भी उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि जिला अस्पताल में बिचौलियों का सिंडिकेट काम कर रहा है। इससे पूर्व भी बिचौलियों के चक्कर में मरीजों को जान गंवानी पड़ी है। बावजूद इसके अब तक अंकुश नहीं लग पाया है।
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बिचौलियों के अस्पताल में सक्रिय होने का मामला संज्ञान में आया है। फिलहाल जच्चा की जान बचा ली गई है। इस प्रकरण से सीएमएस को अवगत कराया जाएगा, ताकि मरीजों को झांसा देेने वाले बिचौलियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकें। - डॉ. सुमन मिश्रा, प्रभारी सौ शैय्या युक्त मातृ एवं शिशु अस्पताल।
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बिचौलियों के बारे में कई बार पुलिस को सूचित किया जा चुका है। इसके बावजूद उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं की जा सकी है। इससे उनका मनोबल बढ़ रहा है। इस प्रकरण से प्रशासन और पुलिस दोनों को अवगत कराएंगे।
- डॉ. पीबी गौतम, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला अस्पताल।
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