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चार साल पहले हो चुकी शादी, फिर भी सामूहिक विवाह में कर दिया आवेदन
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सोनभद्र। सरकारी अनुदान पाने के लिए लोग क्या-क्या जतन नहीं कर रहे। अब भले ही उन्हें दोबारा शादी ही क्यों न करनी पड़े। ऐसा ही मामला सदर ब्लाक में सामने आया है। समाज कल्याण विभाग की सामूहिक विवाह योजना के तहत मिलने वाले अनुदान के लोभ में एक दंपती ने फिर से शादी करने के लिए आवेदन कर दिया। सत्यापन हुआ तो आवेदक पहले से शादीशुदा निकले। उन्हें दो बच्चे भी हैं। अपात्र मानते हुए उनका आवेदन निरस्त कर दिया गया है।
गरीब परिवार की बेटियों की धूमधाम से शादी कराने के लिए प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना शुरू की है। समाज कल्याण विभाग के निर्देशन में संचालित इस योजना के तहत विवाह करने वाले दंपती को 51 हजार रुपये का अनुदान मिलता है। इसमें 35 हजार रुपये दंपती के खाते में भेजे जाते हैं, जबकि दस हजार रुपये का सामान दिया जाता है। छह हजार रुपये आयोजन पर खर्च होते हैं। जिले में इस योजना के तहत जून में कार्यक्रम होना है। इसके लिए सभी निकायों और ब्लाक कार्यालयों में आवेदन पत्र जमा कराए जा रहे हैं। आवेदनों का सत्यापन करने के बाद लाभार्थियों का चयन किया जाएगा।
सदर ब्लाक में आए आवेदनों के सत्यापन के दौरान चौंकाने वाला मामला सामने आया है। योजना का धन पाने के लिए एक ऐसे दंपती ने भी आवेदन किया है, जिनका विवाह चार वर्ष पहले ही हो चुका है। दोनों साथ रह भी रहे हैं। युवक सामान्य वर्ग का है, जबकि युवती पिछड़ी जाति की। दोनों एक ही गांव के रहने वाले हैं और उन्होंने प्रेम विवाह किया था। हैरानी तो यह रही कि दंपती को दो बच्चे भी हैं। ग्राम पंचायत अधिकारी ने उन्हें अपात्र घोषित करते हुए रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी है। इस बाबत सेक्रेट्री जितेंद्र ने बताया कि सामूहिक विवाह के लिए इस तरह का मामला संज्ञान में आया था, जिसे अपात्र घोषित कर दिया गया है। वहीं जिला समाज कल्याण अधिकारी रमाशंकर यादव का कहना था कि आवेदनों के सत्यापन के बाद ही पात्रों का चयन होता है। सत्यापन की प्रक्रिया ब्लाक स्तर पर ही होती है।
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गरीब परिवार की बेटियों की धूमधाम से शादी कराने के लिए प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना शुरू की है। समाज कल्याण विभाग के निर्देशन में संचालित इस योजना के तहत विवाह करने वाले दंपती को 51 हजार रुपये का अनुदान मिलता है। इसमें 35 हजार रुपये दंपती के खाते में भेजे जाते हैं, जबकि दस हजार रुपये का सामान दिया जाता है। छह हजार रुपये आयोजन पर खर्च होते हैं। जिले में इस योजना के तहत जून में कार्यक्रम होना है। इसके लिए सभी निकायों और ब्लाक कार्यालयों में आवेदन पत्र जमा कराए जा रहे हैं। आवेदनों का सत्यापन करने के बाद लाभार्थियों का चयन किया जाएगा।
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सदर ब्लाक में आए आवेदनों के सत्यापन के दौरान चौंकाने वाला मामला सामने आया है। योजना का धन पाने के लिए एक ऐसे दंपती ने भी आवेदन किया है, जिनका विवाह चार वर्ष पहले ही हो चुका है। दोनों साथ रह भी रहे हैं। युवक सामान्य वर्ग का है, जबकि युवती पिछड़ी जाति की। दोनों एक ही गांव के रहने वाले हैं और उन्होंने प्रेम विवाह किया था। हैरानी तो यह रही कि दंपती को दो बच्चे भी हैं। ग्राम पंचायत अधिकारी ने उन्हें अपात्र घोषित करते हुए रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी है। इस बाबत सेक्रेट्री जितेंद्र ने बताया कि सामूहिक विवाह के लिए इस तरह का मामला संज्ञान में आया था, जिसे अपात्र घोषित कर दिया गया है। वहीं जिला समाज कल्याण अधिकारी रमाशंकर यादव का कहना था कि आवेदनों के सत्यापन के बाद ही पात्रों का चयन होता है। सत्यापन की प्रक्रिया ब्लाक स्तर पर ही होती है।
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