{"_id":"604903308ebc3e592c73609a","slug":"many-people-may-get-strangled-in-fake-nsc-case-sonbhadra-news-vns579218329","type":"story","status":"publish","title_hn":"फर्जी एनएससी मामले में कई लोगों का फंस सकता है गला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फर्जी एनएससी मामले में कई लोगों का फंस सकता है गला
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सोनभद्र। मुख्य डाकघर राबर्ट्सगंज में चार लाख रुपये के फर्जी एनएससी बनाने के मामला तूल पकड़ने लगा है। अब तक की हुई जांच में डाक विभाग के कई कर्मचारी समेत अन्य लोगों का गला फंसता नजर आ रहा है। हालांकि अभी इस मामले में पोस्टमास्टर की तरफ से लिखित तहरीर पुलिस को नहीं दी गई है। इस नाते अभी तक केस दर्ज नहीं हो सका है। जबकि विभागीय सूत्रों का दावा है कि मामले की गंभीरता से जांच होने पर कई लोगों की भूमिका उजागर हो जाएगी।
गौरतलब हो कि राबर्ट्सगंज स्थित मुख्य डाकघर में चार लाख रुपये फर्जी एनएससी बनाये जाने का मामला वर्ष 2018 में प्रकाश में आया था। इस मामले में एक व्यक्ति की तरफ से कुछ लोगों के खिलाफ ऑनलाइन रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इस मामले में डाक विभाग के कई अधिकारी एवं कर्मचारी व कई अन्य लोगों की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है। हालांकि अभी जांच जारी है। मुख्य डाकघर के पोस्टमास्टर रमेश तिवारी का कहना है कि मामला संज्ञान में आने पर वह राबर्ट्सगंज कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए वार्ता करने पहुंचे थे। प्रभारी निरीक्षक ने लिखित रूप से नामजद तहरीर देने की बात कहीं। इसके बाद वे वापस चले गए। उन्होंने इस मामले से प्रधान डाकघर मिर्जापुर के उच्चाधिकारियों को अवगत करा चुके है।
विज्ञापन
गौरतलब हो कि राबर्ट्सगंज स्थित मुख्य डाकघर में चार लाख रुपये फर्जी एनएससी बनाये जाने का मामला वर्ष 2018 में प्रकाश में आया था। इस मामले में एक व्यक्ति की तरफ से कुछ लोगों के खिलाफ ऑनलाइन रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इस मामले में डाक विभाग के कई अधिकारी एवं कर्मचारी व कई अन्य लोगों की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है। हालांकि अभी जांच जारी है। मुख्य डाकघर के पोस्टमास्टर रमेश तिवारी का कहना है कि मामला संज्ञान में आने पर वह राबर्ट्सगंज कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए वार्ता करने पहुंचे थे। प्रभारी निरीक्षक ने लिखित रूप से नामजद तहरीर देने की बात कहीं। इसके बाद वे वापस चले गए। उन्होंने इस मामले से प्रधान डाकघर मिर्जापुर के उच्चाधिकारियों को अवगत करा चुके है।
विज्ञापन