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हत्यारे को उम्रकैद, 50 हजार रुपये का अर्थदंड
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सोनभद्र। साढ़े नौ वर्ष पूर्व पत्थर से कूंचकर राम विचार की हुई नृशंस हत्या के मामले में बुधवार को सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम खलीकुज्ज्मा की अदालत ने दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई। उस पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर एक वर्ष की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। मृतक के पुत्र को अर्थदंड की आधी धनराशि दी जाएगी।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक बभनी थाना क्षेत्र के सागोबांध गांव निवासी राममनोहर ने 28 नवंबर 2012 को बभनी थाने में तहरीर दी थी। आरोप लगाया था कि 27 नवंबर 2012 को उसका भाई रामविचार सागोबांध बाजार करने गया था। वहां सागोबांध निवासी राजकुमार ने भाई को जान से मारने की धमकी दी। रात को भाई घर वापस नहीं आया तो वह सुबह पता लगाने निकला। पियहवा नाले के पास खेत में पत्थर से कूंचकर हत्या कर दी गई थी। इस तहरीर पर राजकुमार के विरुद्ध हत्या की एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस ने मामले की विवेचना की और पर्याप्त सबूत मिलने पर विवेचक ने न्यायालय में राजकुमार के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल किया। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध पाकर दोषी राजकुमार को उम्रकैद एवं 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर एक वर्ष की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी वहीं अर्थदंड की आधी धनराशि मृतक के पुत्र को मिलेगी। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी अपर जिला शासकीय अधिवक्ता कुंवर वीर प्रताप सिंह ने की।
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अभियोजन पक्ष के मुताबिक बभनी थाना क्षेत्र के सागोबांध गांव निवासी राममनोहर ने 28 नवंबर 2012 को बभनी थाने में तहरीर दी थी। आरोप लगाया था कि 27 नवंबर 2012 को उसका भाई रामविचार सागोबांध बाजार करने गया था। वहां सागोबांध निवासी राजकुमार ने भाई को जान से मारने की धमकी दी। रात को भाई घर वापस नहीं आया तो वह सुबह पता लगाने निकला। पियहवा नाले के पास खेत में पत्थर से कूंचकर हत्या कर दी गई थी। इस तहरीर पर राजकुमार के विरुद्ध हत्या की एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस ने मामले की विवेचना की और पर्याप्त सबूत मिलने पर विवेचक ने न्यायालय में राजकुमार के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल किया। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध पाकर दोषी राजकुमार को उम्रकैद एवं 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर एक वर्ष की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी वहीं अर्थदंड की आधी धनराशि मृतक के पुत्र को मिलेगी। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी अपर जिला शासकीय अधिवक्ता कुंवर वीर प्रताप सिंह ने की।
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