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बालक की हत्या के मामले में दोषी को उम्रकैद की सजा

Sat, 15 Oct 2022 11:30 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 15 Oct 2022 11:30 PM IST
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Life imprisonment to the guilty in the case of murder of the child
बालक की हत्या के मामले में दोषी को उम्रकैद की सजा
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बभनी में चार वर्ष पूर्व जमीन के विवाद में आठ वर्षीय बालक की हुई थी हत्या
दोषी पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी, न देने पर एक वर्ष की अतिरिक्त कैद
संवाद न्यूज एजेंसी
सोनभद्र। बभनी थाना क्षेत्र में चार वर्ष पूर्व जमीन विवाद में हुई आठ वर्षीय बालक की हत्या के मामले में सत्र न्यायाधीश अशोक कुमार यादव की अदालत ने दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। शनिवार को मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने उस पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड न देने पर एक वर्ष की अतिरिक्त कैद भुगतनी पड़ेगी। अर्थदंड में से 40 हजार रुपये मृतक के पिता को मिलेगा। दो आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त करार दिया गया।

अभियोजन पक्ष के मुताबिक बभनी थाने में छह जून 2018 को असनहर गांव निवासी विश्वनाथ ने तहरीर दी थी। आरोप लगाया था कि उसका आठ वर्षीय बेटा अतुल छह जून की शाम घर के बाहर खेल रहा था। इसी दौरान कल्पनाथ उर्फ छांगुर उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ साइकिल पर बैठाकर ले गया। उसके बाद से उसका कहीं पता नहीं चला। बालक को साइकिल पर बैठाकर ले जाते कल्पनाथ को कई लोगों ने देखा था। बेटे को हर संभावित जगह खोजबीन की गई, लेकिन कहीं पता नहीं चला। बाद में उसका शव बहरा में फेंका मिला। इस तहरीर पर आरोपी कल्पनाथ उर्फ छांगुर समेत तीन लोगों के विरुद्ध पुलिस ने अपहरण, हत्या सहित अन्य धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया। विवेचना के बाद आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया। अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर कल्पनाथ उर्फ छांगुर को दोषी करार देते हुए उम्रकैद एवं 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर एक वर्ष की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वहीं अर्थदंड जमा किए जाने के उपरांत उसमें से 40 हजार रुपये मृतक के पिता को बतौर प्रतिकर मिलेगा। वहीं दो आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त करार दिया। जिला शासकीय अधिवक्ता ज्ञानेंद्र शरण राय ने राज्य सरकार की ओर से अपने तर्क रखे।
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