Sonbhadra: सगी बहनों को अगवा कर दुष्कर्म के दोषी को उम्रकैद, 8 साल पहले हुआ था मुकदमा
नौ वर्ष पूर्व दो सगी बहनों के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/ विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट निहारिका चौहान की अदालत ने दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
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नौ वर्ष पूर्व दो सगी बहनों के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/ विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट निहारिका चौहान की अदालत ने दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। गुरुवार को मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने दोषी पर 50 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया। अर्थदंड न देने पर छह माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अर्थदंड की पूरी धनराशि दोनों पीड़िताओं को मिलेगी।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक, दुद्धी कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने अनपरा थाने में 27 जनवरी 2014 को दी तहरीर दी थी कि उसकी 18 और 10 साल की दो बेटियां 25 नवंबर 2013 से लापता हैं। दोनों बेटियां घर से अनपरा के लिए निकली थीं।
खोजबीन बाद जानकारी मिली कि अनपरा डी प्लांट में बिजली मैकेनिकल में कार्य करने वाले बिहार के जिला समस्तीपुर निवासी धनंजय सिंह उनको शादी के लिए बहला फुसलाकर ले गया है। तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज कर दोनों बहनों को बरामद किया। उनका बयान लेने के बाद धारा में बढ़ोतरी की।
विवेचक ने पर्याप्त सबूत मिलने पर न्यायालय में चार्जशीट दाखिल किया था। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषी धनंजय सिंह को सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की तरफ से सरकारी वकील दिनेश कुमार अग्रहरी, सत्य प्रकाश त्रिपाठी एवं नीरज कुमार सिंह ने बहस की।