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बिना प्रस्ताव जर्जर भवन तोड़े जाने को लेकर डीएम को लिखा पत्र
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म्योरपुर। आरंगपानी ग्राम पंचायत के प्राथमिक विद्यालय बरवाटोला के जर्जर भवन को तोड़े जाने को लेकर लोगों ने नाराजगी जताई है। विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष समेत ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर बिना बोली के ही परिषदीय विद्यालय के जर्जर भवन तोड़ने का आरोप लगाया है।
ग्रामीणों ने तैनात अध्यापक द्वारा मनमानी किए जाने को लेकर आक्रोश जताते हुए कार्यवाही की मांग की है। म्योरपुर विकास खंड की आरंगपानी ग्राम पंचायत के प्राथमिक विद्यालय बरवाटोला के जर्जर भवन को बिना विद्यालय प्रबंध समिति के प्रस्ताव और अन्य खानापूर्ति के ही तोड़े जाने को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष उमा सिंह ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। जिलाधिकारी को भेजे पत्र में उन्होंने कहा है कि विद्यालय पर तैनात अध्यापक द्वारा मनमाने तरीके से अपने रिश्तेदार को बुलाकर जर्जर भवन को तोड़ने का काम किया जा रहा था, जिसे समिति के सदस्यों के सहयोग से रोक दिया गया है। इसकी शिकायत खंड शिक्षा अधिकारी के यहां की गई, लेकिन अध्यापक द्वारा खंड शिक्षाधिकारी को गुमराह कर विद्यालय प्रबंध समिति की बैठक का हवाला देते हुए तोड़े जाने की बात कह दी है। विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष उमा सिंह समेत जय सिंह, इंद्रमोल, हरदेव, शिवमूरत, मंगल, राजकुमार, छोटे गौरी, रामलखन, पवन कुमार यादव आदि ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की जांच की मांग की है। इस संबंध में खंड शिक्षाधिकारी सुरेंद्र सहाय ने कहा कि वह खुद अपने स्तर से जांच कर जो भी दोषी होगा कार्रवाई करेंगे।
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ग्रामीणों ने तैनात अध्यापक द्वारा मनमानी किए जाने को लेकर आक्रोश जताते हुए कार्यवाही की मांग की है। म्योरपुर विकास खंड की आरंगपानी ग्राम पंचायत के प्राथमिक विद्यालय बरवाटोला के जर्जर भवन को बिना विद्यालय प्रबंध समिति के प्रस्ताव और अन्य खानापूर्ति के ही तोड़े जाने को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष उमा सिंह ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। जिलाधिकारी को भेजे पत्र में उन्होंने कहा है कि विद्यालय पर तैनात अध्यापक द्वारा मनमाने तरीके से अपने रिश्तेदार को बुलाकर जर्जर भवन को तोड़ने का काम किया जा रहा था, जिसे समिति के सदस्यों के सहयोग से रोक दिया गया है। इसकी शिकायत खंड शिक्षा अधिकारी के यहां की गई, लेकिन अध्यापक द्वारा खंड शिक्षाधिकारी को गुमराह कर विद्यालय प्रबंध समिति की बैठक का हवाला देते हुए तोड़े जाने की बात कह दी है। विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष उमा सिंह समेत जय सिंह, इंद्रमोल, हरदेव, शिवमूरत, मंगल, राजकुमार, छोटे गौरी, रामलखन, पवन कुमार यादव आदि ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की जांच की मांग की है। इस संबंध में खंड शिक्षाधिकारी सुरेंद्र सहाय ने कहा कि वह खुद अपने स्तर से जांच कर जो भी दोषी होगा कार्रवाई करेंगे।
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