{"_id":"6499da1e3bd06d6d260b218d","slug":"leopard-shown-with-cubs-made-goat-a-victim-sonbhadra-news-c-20-1-268997-2023-06-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sonebhadra News: शावकों के साथ दिखा तेंदुआ, बकरी को बनाया शिकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sonebhadra News: शावकों के साथ दिखा तेंदुआ, बकरी को बनाया शिकार
विज्ञापन
सोनभद्र। म्योरपुर वन रेंज के पड़री ग्राम पंचायत में तेंदुए की सक्रियता बरकरार है। अब तक अकेला देखा जा रहा तेंदुआ इस पर अपने दो शावकों के साथ जंगल में विचरण करते नजर आया है। लकड़ी लेने जंगल की ओर गई महिलाएं तेंदुए को देख भाग गईं। तेंदुए की धरपकड़ को लेकर ग्रामीणों ने ठोस पहल कर नियंत्रण करने की मांग की है।
म्योरपुर वन रेंज के पड़री ग्राम पंचायत में कारीडांड़ टोले में तेंदुए ने एक बकरी को सोमवार को दिन में दो बजे अपना शिकार बनाया। पशु पालक जगमत पत्नी सुघरमन यह सब देखकर डर गई। उसने मौके से भागकर जान बचाई। इसी तरह तेंदुए को फूलमती पत्नी ज्वाला ने दो शावकों के साथ देखा। वह जंगल में लकड़ी लेने गई थी। दो शावकों के साथ होने को लेकर कहा जा रहा है कि तेंदुए का पूरा परिवार जंगल में मौजूद है। अभी भी तेंदुआ गांव के आसपास ही है, इससे लोग सहमे हैं। इसके पूर्व भी तेंदुए ने कई जानवरों को अपना शिकार बनाया था। इसके बाद वन विभाग सक्रिय हुआ और गांव में बड़ा पिंजरा भी लाकर रख दिया, लेकिन अभी तक पिंजरा खाली पड़ा हुआ है। ग्रामीणों ने तेंदुए के आतंक से नियंत्रण की मांग की है।
- तेंदुआ के आने की सूचना आज भी मिली है लेकिन उसके साथ बच्चे हैं यह अभी स्पष्ट नहीं है। उनकी संख्या के बारे में जानकारी ली जा रही है। - शहजादा स्माइलुद्दीन, वन क्षेत्राधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन
म्योरपुर वन रेंज के पड़री ग्राम पंचायत में कारीडांड़ टोले में तेंदुए ने एक बकरी को सोमवार को दिन में दो बजे अपना शिकार बनाया। पशु पालक जगमत पत्नी सुघरमन यह सब देखकर डर गई। उसने मौके से भागकर जान बचाई। इसी तरह तेंदुए को फूलमती पत्नी ज्वाला ने दो शावकों के साथ देखा। वह जंगल में लकड़ी लेने गई थी। दो शावकों के साथ होने को लेकर कहा जा रहा है कि तेंदुए का पूरा परिवार जंगल में मौजूद है। अभी भी तेंदुआ गांव के आसपास ही है, इससे लोग सहमे हैं। इसके पूर्व भी तेंदुए ने कई जानवरों को अपना शिकार बनाया था। इसके बाद वन विभाग सक्रिय हुआ और गांव में बड़ा पिंजरा भी लाकर रख दिया, लेकिन अभी तक पिंजरा खाली पड़ा हुआ है। ग्रामीणों ने तेंदुए के आतंक से नियंत्रण की मांग की है।
विज्ञापन
- तेंदुआ के आने की सूचना आज भी मिली है लेकिन उसके साथ बच्चे हैं यह अभी स्पष्ट नहीं है। उनकी संख्या के बारे में जानकारी ली जा रही है। - शहजादा स्माइलुद्दीन, वन क्षेत्राधिकारी
विज्ञापन