सोनभद्र। सहारनपुर में पुरानी मस्जिद गिराने के विरोध में मंगलवार को वाम दलों ने जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और भाकपा (माले) के कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद राज्यपाल के नाम जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर मामले में कार्रवाई की मांग की। माकपा के जिला मंत्री का. नंदलाल आर्य ने कहा कि पांच सितंबर को भोर में सहारनपुर में गिराई गई मस्जिद की भूमि आकूब खां और वहीद खां के नाम बताई जा रही है। मस्जिद वर्ष 1911 से निर्मित होने का दावा किया गया है, जबकि सहारनपुर कलेक्ट्रेट का निर्माण इसके काफी बाद हुआ। उन्होंने कहा कि उपलब्ध साक्ष्यों को देखते हुए मामले की जांच कर गलतियों को ठीक किया जाना चाहिए। माले के जिला सचिव का. सुरेश कोल ने कहा कि प्रदेश सरकार को मस्जिद गिराने की कार्रवाई में शामिल अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करनी चाहिए। भाकपा के जिला सचिव मंडल सदस्य का. प्रेमचंद गुप्ता ने भी कार्रवाई की मांग की। किसान सभा के जिलाध्यक्ष पकड़ू सिंह की अध्यक्षता में वामदलों के प्रदर्शन का समर्थन किया। किसान सभा की ओर से मुख्यमंत्री के नाम 11 सूत्री मांगपत्र सौंपा गया। इसमें खाद्य वस्तुओं और रसोई गैस, चीनी, प्याज, तेल आदि की बढ़ती कीमतों पर रोक लगाने, आवश्यक वस्तुओं को राशन कार्ड के माध्यम से नियंत्रित दरों पर उपलब्ध कराने और चीनी का अधिकतम खुदरा मूल्य 40 रुपये प्रति किलोग्राम निर्धारित करने की मांग की गई। प्रदर्शन में माकपा जिला मंत्री नंदलाल आर्य, माले जिला सचिव सुरेश कोल, भाकपा के प्रेमचंद गुप्ता व नागेंद्र कुमार, राजनारायण सिंह, राजकुमार मौर्य, शंकर कोल, नंदलाल यादव, खेत मजदूर यूनियन के जिला मंत्री बच्चालाल, अशोक कुमार, किसान नेता महेंद्र आदि शामिल रहे।