सोनभद्र: अंगूठा लगवाने के बाद भी राशन नहीं देता कोटेदार, आक्रोशित ग्रामीणों ने किया चक्काजाम
सोनभद्र के बबुरी गांव के कार्डधारकों ने कहा कि कोटेदार पीओएस मशीन पर अंगूठा तो लगवाता है, लेकिन राशन देने के वक्त बहानेबाजी करने लगता है।
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सोनभद्र जिले के चुर्क क्षेत्र के बबुरी गांव में कार्डधारकों ने सोमवार को कोटेदार के खिलाफ हल्ला बोल दिया। पिछले दो माह से राशन न मिलने से नाराज ग्रामीणों ने बबुरी गांव के पास राबर्ट्सगंज-धधरौल मार्ग को जाम कर दिया। करीब एक घंटे तक जाम के दौरान ग्रामीणों ने कोटेदार के खिलाफ जमकर नारे लगाए।
ग्रामीण कोटे के दुकानदार पर वितरण में अनियमितता का आरोप लगाते हुए दुकान का लाइसेंस रद्द करने की मांग कर रहे थे। मौके पर पहुंचे चुर्क चौकी इंचार्ज ने किसी तरह समझा-बुझाकर जाम समाप्त कराया। बबुरी गांव के लोगों का कहना था कि उन्हें दो माह से कार्ड पर राशन नहीं दिया जा रहा। कोटेदार पीओएस मशीन पर अंगूठा तो लगवाता है, लेकिन राशन देने के वक्त बहानेबाजी करने लगता है।
कई दिनों की दौड़ लगाने के बाद भी राशन न मिलने से गुस्साए ग्रामीण लामबंद होकर सोमवार को सड़क पर उतर गए। गांव के सामने धधरौल-राबर्ट्सगंज मार्ग पर जाम लगा दिया। चक्काजाम से वाहनों का आवागमन थम गया। सूचना पाकर चुर्क चौकी इंचार्ज सुधीर सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से वार्ता की। उनकी समस्याओं से उच्चाधिकारियों को अवगत कराते हुए समाधान का आश्वासन दिया। करीब एक घंटे बाद जाम समाप्त हुआ।
राशन ले जाने वाले वाहनों में लगेंगे जीपीएस
अब सोनभद्र जिले में अनाज की कालाबाजारी करना आसान नहीं होगा। शासन के निर्देश पर आपूर्ति विभाग ने गोदामों से कोटे की दुकानों तक अनाज ले जाने वाले वाहनों में जीपीएस लगवाने की दिशा में पहल शुरू कर दी है। हर गोदाम पर जीपीएस से लैस ट्रैक्टर-ट्रॉली समेत अन्य वाहन लगाए जाएंगे। गोदामों से जीपीएस लगे वाहनों से राशन कोटेदारों के यहां पहुंचाया जाएगा। दफ्तर में बैठकर अधिकारी इन वाहनों की लोकेशन लेते रहेंगे।
आने वाले दिनों में सरकारी गोदामों से अब कोटेदार खुद राशन नहीं ले जा सकेंगे। उनकी दुकान तक ट्रैक्टर-ट्रॉली समेत अन्य वाहनों से राशन पहुंचाया जाएगा। इसके लिए प्रत्येक गोदाम पर जीपीएस से लैस वाहन लगाए जाएंगे। इनकी जिला मुख्यालय, लखनऊ समेत अन्य जगहों से निगरानी होगी।
वर्तमान व्यवस्था के अनुसार कोटेदार निर्धारित तिथियों में ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर गोदाम पहुंचते हैं और वहां उन्हें निर्धारित मात्रा के अनुसार राशन दिया जाता है। इसमें कई बार कोटेदारों पर रास्ते में ही राशन की कालाबाजारी करने का आरोप लगता है। शासन स्तर पर भी इस तरह की शिकायतें पहुंच रही हैं। इस वजह से अब जल्द ही इस व्यवस्था में बदलाव होने जा रहा है।
राशन की कालाबाजारी रोकने की पहल
गोदाम से राशन लेेने की जिम्मेदारी कोटेदार की नहीं रहेगी। खाद्य एवं विपणन विभाग ट्रैक्टर-ट्रॉली समेत अन्य वाहनों से प्रत्येक माह राशन कोटेदार की दुकान तक पहुंचाएगा, वहां कोटेदार राशन रिसीव करेगा। राशन की कालाबाजारी रोकने के लिए सरकार ने व्यवस्था में बदलाव करने की तैयारी शुरू कर दी है। उक्त निर्देश के क्रम में आपूर्ति विभाग ने तैयारियां तेज कर दी है।