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Sonebhadra News: 1597 परिषदीय स्कूलों में नहीं विकसित हो सके किचन गार्डन
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परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को मिड डे मील (एमडीएम) में ताजी और पौष्टिक सब्जियां देने के लिए शासन ने किचन गार्डन योजना संचालित की है। योजना के शुरू होने के चार साल बाद भी 1597 स्कूलों में पोषण वाटिका (किचन गार्डन) स्थापित नहीं हो सका है।
जिन स्कूलों में किचन गार्डन स्थापित हुआ भी था वह सूख चुका है या एक बार बनने के बाद उसकी देख-रेख नहीं हो सकी है। जिले में बेसिक शिक्षा विभाग के 2061 विद्यालय संचालित हैं। इनमें दो लाख से अधिक बच्चे पंजीकृत हैं।
वर्ष 2021-22, 2022-23 और 2023-24 में करीब 464 स्कूलों को ही किचन गार्डन के लिए बजट मिला। सत्र 2024-25 में किसी भी विद्यालय को बजट नहीं मिला। जिससे इन स्कूल में बच्चों को मिड-डे मील में शुद्ध और ताजी सब्जी मिल सके।
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इसके लिए किचन गार्डन बनाने की योजना तैयार की गई थी। किचन गार्डन बनाने के लिए एक स्कूल के लिए पांच हजार रुपये का बजट निर्धारित किया था, लेकिन शासन स्तर से अधिकतर स्कूलों को बजट नहीं मिल सका है।
यहां नहीं बने किचन गार्डन
ब्लॉक: संख्या
चतरा: 80
नगवां: 103
राबर्ट्सगंज: 214
घोरावल: 172
दुद्धी: 174
बभनी: 100
चोपन: 258
म्योरपुर: 260
करमा: 100
कोन: 136
जिले में बड़ी संख्या में स्कूलों मे किचन गार्डन स्थापित है। जहां मौसमी सब्जियां उगाई जाती हैं। गर्मी की छुट्टी में देखरेख के अभाव में जहां सूख गई हों, वहां दोबारा स्कूलों में सब्जियां उगाने का निर्देश प्रधानाध्यापकों को दिया जाएगा।
-मुकुल आनंद पांडेय, बीएसए।
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जिन स्कूलों में किचन गार्डन स्थापित हुआ भी था वह सूख चुका है या एक बार बनने के बाद उसकी देख-रेख नहीं हो सकी है। जिले में बेसिक शिक्षा विभाग के 2061 विद्यालय संचालित हैं। इनमें दो लाख से अधिक बच्चे पंजीकृत हैं।
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वर्ष 2021-22, 2022-23 और 2023-24 में करीब 464 स्कूलों को ही किचन गार्डन के लिए बजट मिला। सत्र 2024-25 में किसी भी विद्यालय को बजट नहीं मिला। जिससे इन स्कूल में बच्चों को मिड-डे मील में शुद्ध और ताजी सब्जी मिल सके।
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इसके लिए किचन गार्डन बनाने की योजना तैयार की गई थी। किचन गार्डन बनाने के लिए एक स्कूल के लिए पांच हजार रुपये का बजट निर्धारित किया था, लेकिन शासन स्तर से अधिकतर स्कूलों को बजट नहीं मिल सका है।
यहां नहीं बने किचन गार्डन
ब्लॉक: संख्या
चतरा: 80
नगवां: 103
राबर्ट्सगंज: 214
घोरावल: 172
दुद्धी: 174
बभनी: 100
चोपन: 258
म्योरपुर: 260
करमा: 100
कोन: 136
जिले में बड़ी संख्या में स्कूलों मे किचन गार्डन स्थापित है। जहां मौसमी सब्जियां उगाई जाती हैं। गर्मी की छुट्टी में देखरेख के अभाव में जहां सूख गई हों, वहां दोबारा स्कूलों में सब्जियां उगाने का निर्देश प्रधानाध्यापकों को दिया जाएगा।
-मुकुल आनंद पांडेय, बीएसए।