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Sonebhadra News: झूठी निकली अपहरण की कहानी, मित्र के साथ मिलकर छात्रा ने रची थी साजिश
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दसवीं की छात्रा के अपहरण की कहानी फर्जी निकली है। छात्रा ने घरवालों से पैसे ऐंठने के लिए ही अपने मित्र के साथ मिलकर अपहरण की कहानी रची थी और वीडियो बनवाकर घरवालों को भेजा था। पुलिस ने छात्रा को बरामद कर लिया है।
उसके मित्र को भी बभनी क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। म्योरपुर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी दसवीं की छात्रा गत 19 नवंबर को अपनी सहेली के घर गई थी, लेकिन घर नहीं लौटी।
काफी तलाश के बाद भी कुछ पता ना चलने पर घरवालों ने 22 नवंबर को विंढमगंज के महुली गांव निवासी दो युवकों पर छात्रा को भगा ले जाने का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया था।
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मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। बावजूद छात्रा का पता नहीं चला। इस बीच सोमवार को छात्रा के पिता के मोबाइल पर एक वीडियो आया। इसमें छात्रा के हाथ-पैर बंधे हुए थे।
वह रोते हुए खुद को बचाने की गुहार लगाते कह रही थी कि यह लोग जो मांग रहे हैं, उसे दे दीजिए नहीं तो मुझे जान से मार देंगे। वीडियो के जरिए 26 नवंबर तक घरवालों से दस लाख रुपये देने और पुलिस को ना बताने की बात कही गई थी।
परिजनों से जानकारी मिलते ही पुलिस घटना की छानबीन में जुट गई। मंगलवार की सुबह पुलिस ने छात्रा को पास के एक गांव से बरामद कर लिया। पूछताछ में उसने बताया कि वह अपने मित्र पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) निवासी पंकज रोशन के साथ चली गई थी।
पंकज छात्रा के ही मोहल्ले में रहता था। मामला जब पुलिस तक पहुंचा तो दोनों ने मिलकर अपहरण और घरवालों से पैसे मांगने की योजना बनाई। पुलिस ने पंकज को मंगलवार को बभनी क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया।
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उसके मित्र को भी बभनी क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। म्योरपुर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी दसवीं की छात्रा गत 19 नवंबर को अपनी सहेली के घर गई थी, लेकिन घर नहीं लौटी।
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काफी तलाश के बाद भी कुछ पता ना चलने पर घरवालों ने 22 नवंबर को विंढमगंज के महुली गांव निवासी दो युवकों पर छात्रा को भगा ले जाने का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया था।
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मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। बावजूद छात्रा का पता नहीं चला। इस बीच सोमवार को छात्रा के पिता के मोबाइल पर एक वीडियो आया। इसमें छात्रा के हाथ-पैर बंधे हुए थे।
वह रोते हुए खुद को बचाने की गुहार लगाते कह रही थी कि यह लोग जो मांग रहे हैं, उसे दे दीजिए नहीं तो मुझे जान से मार देंगे। वीडियो के जरिए 26 नवंबर तक घरवालों से दस लाख रुपये देने और पुलिस को ना बताने की बात कही गई थी।
परिजनों से जानकारी मिलते ही पुलिस घटना की छानबीन में जुट गई। मंगलवार की सुबह पुलिस ने छात्रा को पास के एक गांव से बरामद कर लिया। पूछताछ में उसने बताया कि वह अपने मित्र पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) निवासी पंकज रोशन के साथ चली गई थी।
पंकज छात्रा के ही मोहल्ले में रहता था। मामला जब पुलिस तक पहुंचा तो दोनों ने मिलकर अपहरण और घरवालों से पैसे मांगने की योजना बनाई। पुलिस ने पंकज को मंगलवार को बभनी क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया।