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अपहृत किशोरी घर लौटी, थाने में पड़ी तहरीर
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कोतवाली क्षेत्र के एक गांव से एक नाबालिग लड़की का उसके बड़े पिता के द्वारा अपहरण का मामला प्रकाश में आया है। घटना पांच साल पहले की है। बंद कमरे से किसी तरह लड़की भागी तो दूसरे के चंगुल में फंस गई और उसका दूसरे समुदाय के युवक के साथ निकाह करा दिया गया। इस संबंध में पीड़िता की मां ने शुक्रवार को घोरावल कोतवाली में तहरीर देकर बताया कि पांच साल पहले उसकी 16 वर्षीय पुत्री घर से अचानक गायब हो गई, जिसके संबंध में 11 दिसंबर 2015 को मुकदमा दर्ज किया गया था।
पुलिस 14 मई 2021 को उसके घर आई और उसकी पुत्री के बारे में बताया कि वह हरदोई जिले में है। इसके बाद 26 मई को बेटी को घर लाया। पूछताछ में पीड़िता ने बताया कि कक्षा नौ में पढ़ाई के दौरान सात अक्टूबर 2015 को स्कूल में पढ़ने के लिए घर से निकली थी। रास्ते में दो नकाब पोशों ने अपहरण कर चार पहिया वाहन में बैठा लिया। छीना झपटी के दौरान एक व्यक्ति का नकाब हट गया। जिसमें दिखा की वह उसके बड़े पिता थे। उसे होश आया तो वह एक बड़े कमरे में बंद थी। एकदिन मौका मिलते ही वह वहां से भाग निकली। भागने दौरान वह गिरकर घायल हो गई। उसे एक अज्ञात पंजाबी व्यक्ति ने अस्पताल में भर्ती कराया जहां उसे पता चला कि वह मेरठ जिला में है। वहां हरदोई जिले के थाना शाहबाद के एक गांव का निवासी एक व्यक्ति उसे अपने घर ले गया। व्यक्ति और उसके परिवार द्वारा उसे घर में बंदी बनाकर रखा गया। उसे बेचने की तैयारी चल रही थी, लेकिन उसने अपनी जान बचाने के लिए अपने घर ले जाने वाले व्यक्ति से शादी कर ली। उसे चार वर्ष का पुत्र व दो वर्ष की पुत्री है। वह गर्भवती भी है। बीते 14 मई को उसके हाथ किसी तरह मोबाइल आया और उसने 112 नंबर डायल कर घोरावल कोतवाली का नंबर लेकर अपने बारे में बताया। पुलिस ने मेरे माता पिता को इसकी जानकारी दी। जिस पर परिवार के लोग हरदोई आये और मुझे अपने साथ घर ले आये। मेरा चार साल का बेटा तालिप के पास है। मुझे इस शर्त पर छोड़ा गया कि तुम फिर वापस आओगी। इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक बृजेश सिंह ने बताया कि अभी तहरीर नही मिली है। तहरीर मिलने पर कार्यवाही की जाएगी।
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पुलिस 14 मई 2021 को उसके घर आई और उसकी पुत्री के बारे में बताया कि वह हरदोई जिले में है। इसके बाद 26 मई को बेटी को घर लाया। पूछताछ में पीड़िता ने बताया कि कक्षा नौ में पढ़ाई के दौरान सात अक्टूबर 2015 को स्कूल में पढ़ने के लिए घर से निकली थी। रास्ते में दो नकाब पोशों ने अपहरण कर चार पहिया वाहन में बैठा लिया। छीना झपटी के दौरान एक व्यक्ति का नकाब हट गया। जिसमें दिखा की वह उसके बड़े पिता थे। उसे होश आया तो वह एक बड़े कमरे में बंद थी। एकदिन मौका मिलते ही वह वहां से भाग निकली। भागने दौरान वह गिरकर घायल हो गई। उसे एक अज्ञात पंजाबी व्यक्ति ने अस्पताल में भर्ती कराया जहां उसे पता चला कि वह मेरठ जिला में है। वहां हरदोई जिले के थाना शाहबाद के एक गांव का निवासी एक व्यक्ति उसे अपने घर ले गया। व्यक्ति और उसके परिवार द्वारा उसे घर में बंदी बनाकर रखा गया। उसे बेचने की तैयारी चल रही थी, लेकिन उसने अपनी जान बचाने के लिए अपने घर ले जाने वाले व्यक्ति से शादी कर ली। उसे चार वर्ष का पुत्र व दो वर्ष की पुत्री है। वह गर्भवती भी है। बीते 14 मई को उसके हाथ किसी तरह मोबाइल आया और उसने 112 नंबर डायल कर घोरावल कोतवाली का नंबर लेकर अपने बारे में बताया। पुलिस ने मेरे माता पिता को इसकी जानकारी दी। जिस पर परिवार के लोग हरदोई आये और मुझे अपने साथ घर ले आये। मेरा चार साल का बेटा तालिप के पास है। मुझे इस शर्त पर छोड़ा गया कि तुम फिर वापस आओगी। इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक बृजेश सिंह ने बताया कि अभी तहरीर नही मिली है। तहरीर मिलने पर कार्यवाही की जाएगी।
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