फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sonebhadra News ›   Kanahar irrigation project on the action of protest

कनहर सिंचाई परियोजना का विरोध होने पर की गई कार्रवाई

Fri, 26 Dec 2014 11:28 PM IST
ब्यूरो अमर उजाला, सोनभद्र
ब्यूरो अमर उजाला, सोनभद्र Updated Fri, 26 Dec 2014 11:28 PM IST
विज्ञापन
Kanahar irrigation project on the action of protest
कनहर सिंचाई परियोजना के निर्माण के विरोध में विस्थापितों का धरना शुक्रवार को चौथे दिन भी जारी रहा। शुक्रवार को तेतरी देवी की अध्यक्षता में धरना हुआ। परियोजना के बांध निर्माण स्थल पर विरोधियों को पहुंचने से रोकने के लिए वहां कटीले तारों से घेराबंदी कर दी गई है। 
विज्ञापन


एडीएम और एएसपी निर्माण कार्य की निगरानी में मौके पर  डटे हैं। कनहर सिंचाई परियोजना निर्माण को लेकर तनाव के बीच जिला प्रशासन और बांध परियोजना के अधिकारियों ने विरोधियों से निबटने का नया रास्ता अख्तियार किया है। विस्थापितों के विरोध के चलते निर्माण कार्य प्रभावित न हो, इसके लिए प्रशासन ने बांध निर्माण क्षेत्र की घेरेबंदी करा दी है।
विज्ञापन


दिन और रात काम कराकर दो दिन में प्रशासन ने पूरे बांध निर्माण क्षेत्र को कटीले तारों से घेरवा दिया है ताकि कोई भी व्यक्ति प्रतिबंधित क्षेत्र में बिना अनुमति प्रवेश न कर सके। मौके पर मौजूद एडीएम मनीलाल यादव के मुताबिक, निर्माण कार्य बिना किसी रोकटोक के कराया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


 सुरक्षा की दृष्टि से कटीले तार लगाए गए हैं। उनके मुताबिक, ब्लास्टिंग की सीमा निर्धारित कर दी गई है और ब्लास्टिंग लगातार कराई जा रही है। इस नाते घेरेबंदी कराई गई है। उधर, नदी के उस पर पांगन नदी के किनारे विस्थापितों का धरना शुक्रवार को चौथे दिन भी जारी रहा। धरना दे रहे विस्थापित पिछले दिनों प्रशासनिक अफसरों पर हुए हमले के मामले में दर्ज एफआईआर को वापस लेने की मांग पर अडे़ हुए हैं।

 शुक्रवार को धरने की अध्यक्षता कर रही तेतरी देवी का कहना था कि परियोजना का निर्माण असंवैधानिक है, इसलिए उसे तत्काल बंद कराया जाना चाहिए। विस्थापितों को वर्ष 2013 की नीति के अनुसार मुआवजा दिया जाए और विस्थापितों पर दर्ज मुकदमा वापस लिया जाए, तभी धरना समाप्त होगा।


धरना में रामआधार, मोती यादव, राजेश, राजू जायसवाल, फूलकूंवर, कलावती, रजमतिया समेत भारी संख्या में विस्थापित मौजूद रहे। उधर, अफसरों पर हुए मामले में अब तक एक भी आरोपी को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी है। निर्माण स्थल पर एडीएम मनीलाल यादव, एएसपी रामयज्ञ, एसडीएम सदर राजेंद्र प्रसाद तिवारी, सीओ सदर सच्चिदानंद, कोतवाल कपिलदेव यादव के साथ कई थानों की फोर्स मौजूद रही।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed