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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sonebhadra News ›   Judge Sir! I am accused of gangsterism, send me to jail..., 32 surrendered in eight months

Sonebhadra News: जज साहब! मैं गैंगस्टर का आरोपी हूं, मुझे जेल भेजिए..., आठ महीने में 32 ने किया सरेंडर

Sat, 13 Sep 2025 12:56 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 13 Sep 2025 12:56 AM IST
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Judge Sir! I am accused of gangsterism, send me to jail..., 32 surrendered in eight months
सोनभद्र। अपराधियों के खिलाफ पुलिस के सख्त रुख से हालात बदले हैं। पुलिस की कार्रवाई से भयभीत होकर बदमाश कोर्ट में पहुंचकर सरेंडर करना मुफीद मान रहे हैं। हाल यह है कि पिछले आठ महीने में गैंगस्टर एक्ट के 32 आरोपियों ने अदालत में समर्पण किया है। पुलिस उनकी सरगर्मी से तलाश कर रही थी। पुलिस उन तक पहुंचे, इससे पहले कि वह खुद जेल चले गए।
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हत्या, मादक पदार्थों, दुष्कर्म, अवैध खनन और गो तस्करी के मामले में गैंगस्टर एक्ट के तहत पुलिस सख्ती से कार्रवाई कर रही है। बदमाशों का मनोबल तोड़ने के लिए संपत्ति जब्ती, कुर्की के कदम भी उठाए जा रहे हैं। कई मामलों में पुलिस ने मुठभेड़ में भी बदमाशों को दबोचा है। ऐसे हालात में बदमाशों को काफी क्षति पहुंची है। उनके साथ अन्य लोगों को भी परेशानी झेलनी पड़ी। इस फजीहत से बचने के लिए वह अब खुद कोर्ट में हाजिर होने को मुफीद मान रहे हैं। जिले में महज आठ माह के भीतर 194 अपराधियों के खिलाफ जहां गैंगस्टर का केस दर्ज किया गया। वहीं 150 की गिरफ्तारी कर ली गई। लगातार कार्रवाई को देखते हुए पुलिस की सख्ती से बचने के लिए 32 ने न्यायालय पहुंचकर आत्मसमर्पण कर दिया। शेष 12 की भी गिरफ्तारी के लिए टीमें लगाई गई हैं।
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केस एक::
विंढमगंज पुलिस ने मई 2025 में गो तस्करी करने वाले जोरूखाड़ निवासी सगे भाइयों की अगुवाई वाले गिरोह को चिह्नित कर गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस का शिकंजा कसा तो छोटे भाई जितेंद्र ने आठ जुलाई को अदालत में समर्पण कर दिया। इसी तरह रायपुर पुलिस ने गो तस्करी करने वाले गिरोह के खिलाफ जुलाई 2025 में गैंगस्टर एक्ट का केस दर्ज किया था। गिरफ्तारी के लिए पुलिस सक्रिय हुई तो दुबेपुर निवासी सुनील ने पांच अगस्त को कोर्ट में सरेंडर कर दिया।
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केस दो::
घोरावल कोतवाली क्षेत्र में अंग्रेजी में देसी शराब मिलाकर ब्रांडेड कंपनियों का फर्जी रैपर-ढक्कन लगाते हुए तस्करी का मामला सामने आया था। पांच के खिलाफ 12 मई को गैंगस्टर का केस दर्ज किया गया। गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने दबिश देना शुरू किया तो महज सात दिन बाद 19 मई को गैंग लीडर अंशुमान प्रजापति ने सीधे न्यायालय जाकर आत्मसमर्पण कर दिया।
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केस तीन::
झारखंड की सियासत में ऊंची पैठ रखने वाले अंतरराज्यीय गो तस्करी गिरोह का खुलासा हुआ तो कोन पुलिस ने सियासी रसूख वाले दो व्यक्तियों सहित सात के खिलाफ सात अप्रैल को गैंगस्टर का मुकदमा लिखा। गिरफ्तारी के लिए दबिश शुरू हुई तो गिरोह के सक्रिय सदस्य बताए जा रहे कोन थाना क्षेत्र के चननी निवासी विजय चेरो ने न्यायालय पहुंचकर 28 मई को समर्पण कर दिया। उसे भय हो गया था कि पुलिस उसके खिलाफ बड़ा एक्शन ले सकती है।
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हाल के दिनों में चर्चा में रहे सजा के आदेश
वर्ष 2020 में बभनी थाना क्षेत्र में हत्या के जरिए खौफ बनाने वाले गिरोह के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की गई थी। एक की मृत्यु हो गई। वहीं, गैंग लीडर संजय खरवार को हत्या और गैंग संचालन दोनों में कठोर कैद की सजा सुनाई गई। इसी तरह, गिरोह बनाकर जंगल की जमीन से पत्थर खनन करने वाले पांच पर गैंगस्टर का केस दर्ज दिया गया था। पांचों को दोषी पाते हुए गत आठ सितंबर को कठोर कैद की सजा मुकर्रर की गई। चोपन थाना क्षेत्र में हत्या सहित कई आपराधिक घटनाओं में संलिप्त पाए गए गैंग लीडर आनंद उर्फ कल्लू समेत दो को पिछले महीने 10-10 साल कारावास की सजा सुनाई गई थी। राॅबटर्सगंज कोतवाली क्षेत्र में चोरी की वारदातों से पुलिस की नींद उड़ाने वाले गिरोह के नौ लोगों के खिलाफ 2007 में गैंगस्टर एक्ट का केस दर्ज किया गया था। लंबी सुनवाई के बाद 21 मार्च 2025 को सभी दोषियों चार-चार साल कैद की सजा सुनाई गई थी।
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वर्जन
हाल के वर्षों में गैंगस्टर से जुड़े मामलों में अदालतें खासी सख्ती बरत रही हैं। कई जटिल मामलों की भी सुनवाई तेजी से पूरी की गई है। यही कारण है कि कभी लंबे समय से फरार अपराधी अब आत्मसमर्पण करने में अपनी भलाई समझने लगे हैं। -धनंजय शुक्ला, शासकीय अधिवक्ता।

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अपराधियों और अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के लिए लगातार कार्रवाई जारी है। गैंगस्टर एक्ट के आरोपियों की गिरफ्तारी पर हमारा विशेष जोर है। इसके चलते कई अपराधी पुलिस से बचने के लिए न्यायालय में समर्पण कर दे रहे हैं। - अशोक कुमार मीणा, एसपी
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