सोनभद्र। विभिन्न मांगों को लेकर एटक, इंटक, सीटू, बीएमएस और खेत मजदूर यूनियन ने संयुक्त रूप से बुधवार को वाराणसी शक्तिनगर राजमार्ग से जुलूस के रूप में कलेक्ट्रेट पर पहुंचे और अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। घंटों जद्दोजहद के बाद जिलाधिकारी ने संयुक्त संघर्ष समिति के प्रतिनिधि मंडल से वार्ता की। यह वार्ता लगभग आधे घंटे तक चली, जहां नेताओं ने कहा कि जिले के कल कारखानों में श्रम कानून के अनुपालन में हीलाहवाली की जा रही हैं। ओबरा, डाला एवं अन्य सभी कारखानों के मजदूरों को श्रम कानून के अंतर्गत मजदूरी का समय से भुगतान, वेतन पर्ची, नियुक्ति पत्र न दिए जाने, बोनस, ईपीएफ का समुचित रखरखाव तथा अन्य सुविधाओं पर आज भी सवाल बना हुआ है। इससे जनपद के औद्योगिक मजदूरों में आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। नेताओं ने कहा कि समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाए, अन्यथा जनपद में बड़े पैमाने पर संगठित एवं असंगठित मजदूर एकजुट होकर बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। इस दौरान श्रमिक महासंघ के नेता इंटर के प्रांतीय महामंत्री हरेंद्र पांडेय, इंटक के जिला अध्यक्ष हरदेव नारायण, तीरथ तिवारी, बीएमएस के वीडी विश्वकर्मा, रामप्रकाश पांडेय, मनोज सिंह, आरपी गुप्ता, अशोक उपाध्याय, सीटू के जिलाध्यक्ष अवध राज सिंह, लालचंद, एचएमएस के अशोक पांडेय, अजय कुमार सिंह, पशुपतिनाथ विश्वकर्मा, सुरेंद्र पाल, मोहम्मद हनीफ, शंकर, एडवोकेट अशोक कुमार कनौजिया, शमीम अख्तर, अमरनाथ, सूर्य, चंदन प्रसाद, बसावन गुप्ता, केदार श्रीवास्तव आदि रहे। अध्यक्षता एटा के जिलाध्यक्ष एवं श्रमिक महासंघ के संयोजक कामरेड लल्लन राय ने किया।