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Sonebhadra News: ड्रग लाइसेंस और स्टोर कोड मिला पर नहीं शुरू हो सका जन औषधि केंद्र
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जिले में संचालित 11 साधन सहकारी समितियां (बी-पैक्स) पर प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खोले जाने हैं। इसके लिए सहकारिता विभाग की तरफ से करीब एक साल से कवायद चल रही है। पांच साधन सहकारी समितियों को ड्रग लाइसेंस भी जारी हो गया है।
इसमें से विंढमगंज समिति को स्टोर कोड भी मिल गया है, बावजूद जन औषधि केंद्र का संचालन शुरू नहीं हो सका है। कहीं बी-फार्मा की अनुपस्थिति के कारण तो कहीं लाइसेंस की प्रक्रिया पूरी नहीं होने से काम अटका पड़ा है। इससे समितियों पर सस्ती दवा मिलने की लोगों की आस पूरी नहीं हो पा रही है।
सहकारिता विभाग के अधिकारियों के अनुसार 10 ब्लॉक वाले जनपद सोनभद्र में कुल 72 साधन सहकारी समितियां हैं। इसमें से शाहगंज, ससनई और कोरट में संचालित समितियां लंबे समय से निष्क्रिय हैं। अन्य 69 समितियों पर व्यवसाय हो रहा है। इन समितियों में भी 62 समितियां ऐसी हैं जो हमेशा फायदे में रही हैं।
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शासन के निर्देश पर इसमें से 11 साधन सहकारी समितियों पर प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खोलने की प्रक्रिया चल रही है। ताकि समितियों से जुड़े किसानों के साथ ही क्षेत्र के लोगों को सस्ते दर पर जेनेरिक दवा उपलब्ध कराई जा सके।
इन समितियों को मिल गया है ड्रग लाइसेंस
जिले में संचालित पांच साधन सहकारी समिति घोरावल ब्लॉक के बकौली, नगवां ब्लॉक में खलियारी, करमा ब्लॉक में केकराही साधन सहकारी समिति और करमा संघ के साथ ही दुद्धी ब्लॉक के विंढमगंज में संचालित समिति को ड्रग लाइसेंस मिल गया है। विंढमगंज समिति को स्टोर कोड भी मिल गया है। मगर, यहां के बी-फार्मा के पलायन कर जाने की वजह से अन औषधि केंद्र का संचालन शुरू नहीं हो सका। अभी अन्य चार समितियों को स्टोर कोड नहीं मिला है।
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इसमें से विंढमगंज समिति को स्टोर कोड भी मिल गया है, बावजूद जन औषधि केंद्र का संचालन शुरू नहीं हो सका है। कहीं बी-फार्मा की अनुपस्थिति के कारण तो कहीं लाइसेंस की प्रक्रिया पूरी नहीं होने से काम अटका पड़ा है। इससे समितियों पर सस्ती दवा मिलने की लोगों की आस पूरी नहीं हो पा रही है।
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सहकारिता विभाग के अधिकारियों के अनुसार 10 ब्लॉक वाले जनपद सोनभद्र में कुल 72 साधन सहकारी समितियां हैं। इसमें से शाहगंज, ससनई और कोरट में संचालित समितियां लंबे समय से निष्क्रिय हैं। अन्य 69 समितियों पर व्यवसाय हो रहा है। इन समितियों में भी 62 समितियां ऐसी हैं जो हमेशा फायदे में रही हैं।
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शासन के निर्देश पर इसमें से 11 साधन सहकारी समितियों पर प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खोलने की प्रक्रिया चल रही है। ताकि समितियों से जुड़े किसानों के साथ ही क्षेत्र के लोगों को सस्ते दर पर जेनेरिक दवा उपलब्ध कराई जा सके।
इन समितियों को मिल गया है ड्रग लाइसेंस
जिले में संचालित पांच साधन सहकारी समिति घोरावल ब्लॉक के बकौली, नगवां ब्लॉक में खलियारी, करमा ब्लॉक में केकराही साधन सहकारी समिति और करमा संघ के साथ ही दुद्धी ब्लॉक के विंढमगंज में संचालित समिति को ड्रग लाइसेंस मिल गया है। विंढमगंज समिति को स्टोर कोड भी मिल गया है। मगर, यहां के बी-फार्मा के पलायन कर जाने की वजह से अन औषधि केंद्र का संचालन शुरू नहीं हो सका। अभी अन्य चार समितियों को स्टोर कोड नहीं मिला है।