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जांच टीम ने प्रशासन की भूमिका पर उठाए सवाल
अमर उजाला संवाददाता सोनभद्र
Updated Sat, 27 Feb 2016 11:02 PM IST
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बिल्ली-मारकुंडी खनन हादसे की जांच करने आई खनन निदेशालय की तीन सदस्यीय टीम ने प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाया है। टीम का नेतृत्व कर रहे एसके सिंह ने कहा कि मजदूरों की सुरक्षा का सवाल स्थानीय प्रशासन का विषय है। निदेशालय टीम के साथ ही खान सुरक्षा निदेशालय की दो सदस्यीय टीम ने हादसे की बारीकियों को देखा।
बिल्ली-मारकुंडी में देव प्रकाश मौर्य की खदान में शुक्रवार की सुबह करीब साढ़े दस बजे विस्फोट से तीन मजदूरों की मौत और 11 घायल हो गए थे। मामले की जांच के लिए पूर्व खनन अधिकारी एसके सिंह, बरेली के खनन अधिकारी आशीष कुमार और चंदौली के खनन अधिकारी विकास सिंह परमार हादसा स्थल पर पहुंचे।
टीम ने यहां बारिश के दौरान विस्फोट के लिए होल भरे जाने, लोडिंग और गिट्टियों की तुड़ान के साथ ही ब्लास्ट के विभिन्न पहलुओं को देखा। वहां मौजूद लोगों से घटना के बारे में जानकारी ली। पत्रकारों से वार्ता के दौरान एसके सिंह ने बताया कि प्रथमदृष्टया यह घटना दैवीय आपदा है।
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फिर भी इस मामले से जुड़े सभी बिंदुओं की जांच की जा रही है। कहा कि खदान सहित क्रेशर में काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा, उनके उपकरण हेलमेट, जूता, मास्क आदि की व्यवस्था करना स्थानीय प्रशासन का विषय है। प्रशासन को देखना चाहिए कि मजदूरों के सुरक्षा का ख्याल खनन में रखा जा रहा है कि नहीं।
उधर, खान सुरक्षा निदेशालय वाराणसी के निदेशक यूवी सिंह और उप निदेशक पी. ठाकुर ने घटनास्थल का जायजा लिया। निदेशक यूवी सिंह ने बताया कि पूर्व में डीजीएमएस की टीम मजदूरों की सुरक्षा सहित मानक के अनुसार खनन कराने से संबंधित रिपोर्ट दे चुका है। जांच रिपोर्ट शासन को भेजेंगे।
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बिल्ली-मारकुंडी में देव प्रकाश मौर्य की खदान में शुक्रवार की सुबह करीब साढ़े दस बजे विस्फोट से तीन मजदूरों की मौत और 11 घायल हो गए थे। मामले की जांच के लिए पूर्व खनन अधिकारी एसके सिंह, बरेली के खनन अधिकारी आशीष कुमार और चंदौली के खनन अधिकारी विकास सिंह परमार हादसा स्थल पर पहुंचे।
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टीम ने यहां बारिश के दौरान विस्फोट के लिए होल भरे जाने, लोडिंग और गिट्टियों की तुड़ान के साथ ही ब्लास्ट के विभिन्न पहलुओं को देखा। वहां मौजूद लोगों से घटना के बारे में जानकारी ली। पत्रकारों से वार्ता के दौरान एसके सिंह ने बताया कि प्रथमदृष्टया यह घटना दैवीय आपदा है।
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फिर भी इस मामले से जुड़े सभी बिंदुओं की जांच की जा रही है। कहा कि खदान सहित क्रेशर में काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा, उनके उपकरण हेलमेट, जूता, मास्क आदि की व्यवस्था करना स्थानीय प्रशासन का विषय है। प्रशासन को देखना चाहिए कि मजदूरों के सुरक्षा का ख्याल खनन में रखा जा रहा है कि नहीं।
उधर, खान सुरक्षा निदेशालय वाराणसी के निदेशक यूवी सिंह और उप निदेशक पी. ठाकुर ने घटनास्थल का जायजा लिया। निदेशक यूवी सिंह ने बताया कि पूर्व में डीजीएमएस की टीम मजदूरों की सुरक्षा सहित मानक के अनुसार खनन कराने से संबंधित रिपोर्ट दे चुका है। जांच रिपोर्ट शासन को भेजेंगे।