UP: खौलते छोले में गिरने से डेढ़ वर्षीय बच्ची की मौत, दो साल पहले दाल में गिरकर बड़ी बहन ने जान गंवा दी थी
यूपी के सोनभद्र में दिल दहला देने वाले इस हादसे के बाद परिवार में कोहराम मच गया। दो साल पहले भी इसी तरह के हादसे में बड़ी बेटी की भी माैत हो गई थी। अब छोटी बेटी की माैत के बाद दंपती सदमे में आ गए हैं।
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Sonbhadra News: सोनभद्र के दुद्धी कस्बे में शुक्रवार को गर्म छोले में गिरने से डेढ़ वर्षीय मासूम झुलस गई थी। उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई। मूल रूप से झांसी के रहने वाले शैलेंद्र का परिवार पिछले चार साल से दुद्धी में किराए के मकान में रह रहा है। शैलेंद्र गोलगप्पे बेचता है। बताते हैं कि शुक्रवार को शैलेंद्र की पत्नी ने गोलगप्पे के लिए छोला उबालने के लिए रखा था।
वह किसी काम से बाहर गई। इसी दौरान बेटी प्रिया वहां खेलते हुए पहुंची और छोले में गिर गई। उसकी चीख सुनकर मां दौड़ी उसे तुरंत निकाल कर अस्पताल लेकर भागी। सीएचसी में डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत देख रेफर कर दिया।
जिला अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। बताते हैं प्रिया की बड़ी बहन सौम्या का भी दो साल पहले खौलते दाल में गिरने से मौत हुई थी। मौत की खबर सुनते ही मां बेहोश गई।
इस दर्दनाक हादसे के बाद मां की चीख-पुकार सुनकर पास-पड़ोस के लोग माैके पर जुट गए। पिता शैलेंद्र ने बताया कि दो साल पहले मैं अपनी बड़ी बेटी को भी इसी तरह के दर्दनाक हादसे में खो चुका हूं। मेरे बच्चे मेरी दुनिया का हिस्सा थे। दोनों खत्म हो गए। हादसे की खबर सुनकर पिता भी बेहोश हो गया था। पड़ोसियों ने पानी छिड़ककर उसे होश में लाया।
प्रिया की मां पूजा ने बताया कि चूल्हे पर छोला रखकर मैं दुकान के अन्य काम में उलझ गई। छोला करीब आधे घंटे से उब रहा था। तभी कुछ तेज आहट हुई। दाैड़कर कमरे में गई तो देखा मेरी बेटी भगोने में उल्टे मुंह गिरी हुई है। उसे तुरंत निकाला और कपड़े में लपेटकर सीएचसी ले गई, जहां डाॅक्टर ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। यहां से उसे जिला अस्पताल लेकर आई। यहां डाॅक्टरों ने बताया कि प्रिया 80 प्रतिशत से ज्यादा जल चुकी है। उसने दम तोड़ दिया है।
दो साल पहले घटी घटना का जिक्र करते हुए पिता शैलेंद्र ने बताया कि दो साल पहले उबलते दाल में गिरकर बड़ी बेटी साैम्या की भी माैत हो गई थी। इसके छह महीने बाद बेटी प्रिया ने जन्म दिया। हम उसमें अपनी बड़ी बेटी को देखते थे। यह हादसा मेरे लिए काल बन गया। मैं बहुत अभागा हूं..।