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Sonebhadra News: निजी अस्पताल में उपचार के दौरान मासूम की मौत, हंगामा
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केकराही। स्थानीय बाजार में संचालित एक निजी अस्पताल में सोमवार को उपचार के दौरान मासूम की मौत हो गई। उसे उल्टी-दस्त की शिकायत पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मासूम की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा मचाया। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर अस्पताल पर ताला लगा दिया।
सदर कोतवाली क्षेत्र के पाडर गांव निवासी विजय कुमार की बेटी अर्पिता (3) की रविवार को अचानक तबीयत खराब हो गई। परिजन उसे लेकर केकराही स्थित निजी अस्पताल ले गए। वहां मासूम को भर्ती कर उपचार शुरू किया गया। परिजनों का आरोप है कि उपचार के दौरान स्थिति सुधरने की बजाय बिगड़ने लगी। देर शाम मासूम की मौत हो गई।
बच्ची की मौत की खबर मिलते ही परिजन उग्र हो गए और अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों ने चिकित्सक पर उपचार में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। हंगामा के दौरान चिकित्सक मौके से फरार हो गया। देर रात परिजन शव लेकर घर चले गए। मृतक की मां कर्मावति देवी का रो-रो कर बुरा हाल रहा। सोमवार को मामले की जानकारी होने पर निजी अस्पताल पंजीकरण के नोडल डॉ. जीएस यादव और सह नोडल डॉ. रामकुंवर केकराही पहुंचे। जांच के दौरान अस्पताल में कोई चिकित्सक नहीं मिला। इस पर स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल पर ताला लगा दिया।
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अस्पताल में होती है सर्जरी
केकराही स्थित जिस अस्पताल में बालिका की मौत हुई है, उसमें मानक के तहत चिकित्सक नहीं हैं। जांच के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम को क्षेत्र के कुछ अन्य लोगों ने अस्पताल के विरुद्ध शिकायत की। सर्जन न होने के बावजूद ऑपरेशन करने का आरोप लगाया। यह भी बताया कि अस्पताल में पूर्व में भी कई मौतें हो चुकी हैं।
केकराही स्थित एक निजी अस्पताल में मासूम की मौत की सूचना पर जांच की गई। यहां कोई चिकित्सक नहीं मिला। नोटिस जारी कर अस्पताल को बंद कराया गया है। चिकित्सक पर सर्जरी करने और पूर्व में भी कई मौत होने के आरोप लगे हैं। - डॉ. जीएस यादव, नोडल अधिकारी।
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सदर कोतवाली क्षेत्र के पाडर गांव निवासी विजय कुमार की बेटी अर्पिता (3) की रविवार को अचानक तबीयत खराब हो गई। परिजन उसे लेकर केकराही स्थित निजी अस्पताल ले गए। वहां मासूम को भर्ती कर उपचार शुरू किया गया। परिजनों का आरोप है कि उपचार के दौरान स्थिति सुधरने की बजाय बिगड़ने लगी। देर शाम मासूम की मौत हो गई।
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बच्ची की मौत की खबर मिलते ही परिजन उग्र हो गए और अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों ने चिकित्सक पर उपचार में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। हंगामा के दौरान चिकित्सक मौके से फरार हो गया। देर रात परिजन शव लेकर घर चले गए। मृतक की मां कर्मावति देवी का रो-रो कर बुरा हाल रहा। सोमवार को मामले की जानकारी होने पर निजी अस्पताल पंजीकरण के नोडल डॉ. जीएस यादव और सह नोडल डॉ. रामकुंवर केकराही पहुंचे। जांच के दौरान अस्पताल में कोई चिकित्सक नहीं मिला। इस पर स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल पर ताला लगा दिया।
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अस्पताल में होती है सर्जरी
केकराही स्थित जिस अस्पताल में बालिका की मौत हुई है, उसमें मानक के तहत चिकित्सक नहीं हैं। जांच के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम को क्षेत्र के कुछ अन्य लोगों ने अस्पताल के विरुद्ध शिकायत की। सर्जन न होने के बावजूद ऑपरेशन करने का आरोप लगाया। यह भी बताया कि अस्पताल में पूर्व में भी कई मौतें हो चुकी हैं।
केकराही स्थित एक निजी अस्पताल में मासूम की मौत की सूचना पर जांच की गई। यहां कोई चिकित्सक नहीं मिला। नोटिस जारी कर अस्पताल को बंद कराया गया है। चिकित्सक पर सर्जरी करने और पूर्व में भी कई मौत होने के आरोप लगे हैं। - डॉ. जीएस यादव, नोडल अधिकारी।