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बांध भरा है तो सिंचाई को मिल सकेगा पानी
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सोनभद्र/रामगढ़। जिले में रुक-रुक कर लगातार हो रही बारिश से जलाशयों के जलस्तर में तेजी से इजाफा हो रहा है। नगवां और धंधरौल बांध का जलस्तर बढने से क्षेत्र के किसान खुश है। दोनों बांध जिले के नगवां, चतरा, रॉबट्र्सगंज और घोरावल ब्लाक के साथ-साथ मिर्जापुर जिले के मड़िहान तहसील के किसानों के लिए लाइफ लाइन माने जाते हैं। इन बांधों से ही किसान खरीफ एवं रबी की फसल की सिंचाई करते है। जलस्तर बढने से किसानों को खेती के लिए पानी मिल सकेगा।
16 जून से जिले में लगातार कभी झमाझम तो कभी रिमझिम बारिश हो रही है। लगातार बारिश होने से नदी, नालों के साथ जलाशयों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। सिंचाई विभाग के जेई गौरव प्रताप सिंह के अनुसार 16 जून के बाद हुई बारिश से धंधरौल बांध का जलस्तर बढ़कर 23.4 फीट पहुंच गया है। 16 जून से पहले बांध का जलस्तर 21.1 फीट था। धंधरौल बांध की कुल क्षमता 32 फीट तक है। यदि ऐसे ही बारिश होती रही तो बांध जल्द ही भर जाएगा। नगवां बांध का जलस्तर भी 53 फीट पहुंच गया है।
किरहुलिया गांव के सतीष खरवार का कहना है कि नगवां और धंधरौल बांध से हजारों एकड़ भूमि की सिंचाई होती है। इस वर्ष मौसम पूर्व बरसात होना और बांधों का जलस्तर बढना शुभ संकेत है। किसान सुनील पांडेय कहते हैं कि बांध भर जाने से खेती तो हो ही जायेगी। सबसे बड़ी समस्या गर्मी के दिनों में पानी की होती है। बरसात होने और बांध भरने के बाद जब नहर में पानी आता है तो जलस्तर बढ़ जाता है। इससे गर्मी के दिनों में पानी की भी समस्या दूर हो जाती है। पनिकप कलां के किसान संजय मौर्या ने बताया कि बांध भर जाना कि हम किसान यह मान लेते हैं कि धान और गेहूं दोनों फसल हो जायेगी। कोई दैवी आपदा न आवे तब और हम सब आगे आने वाले समय पर ध्यान देने लगते हैं। चतरा ब्लाक के शिवपुर निवासी किसान विवेक कुमार ने कहा कि नगवां बांध के भर जाने के बाद क्षेत्र का किसान आश्वस्थ हो जाता है कि अब हमारी फसल हो जायेगी।
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16 जून से जिले में लगातार कभी झमाझम तो कभी रिमझिम बारिश हो रही है। लगातार बारिश होने से नदी, नालों के साथ जलाशयों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। सिंचाई विभाग के जेई गौरव प्रताप सिंह के अनुसार 16 जून के बाद हुई बारिश से धंधरौल बांध का जलस्तर बढ़कर 23.4 फीट पहुंच गया है। 16 जून से पहले बांध का जलस्तर 21.1 फीट था। धंधरौल बांध की कुल क्षमता 32 फीट तक है। यदि ऐसे ही बारिश होती रही तो बांध जल्द ही भर जाएगा। नगवां बांध का जलस्तर भी 53 फीट पहुंच गया है।
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किरहुलिया गांव के सतीष खरवार का कहना है कि नगवां और धंधरौल बांध से हजारों एकड़ भूमि की सिंचाई होती है। इस वर्ष मौसम पूर्व बरसात होना और बांधों का जलस्तर बढना शुभ संकेत है। किसान सुनील पांडेय कहते हैं कि बांध भर जाने से खेती तो हो ही जायेगी। सबसे बड़ी समस्या गर्मी के दिनों में पानी की होती है। बरसात होने और बांध भरने के बाद जब नहर में पानी आता है तो जलस्तर बढ़ जाता है। इससे गर्मी के दिनों में पानी की भी समस्या दूर हो जाती है। पनिकप कलां के किसान संजय मौर्या ने बताया कि बांध भर जाना कि हम किसान यह मान लेते हैं कि धान और गेहूं दोनों फसल हो जायेगी। कोई दैवी आपदा न आवे तब और हम सब आगे आने वाले समय पर ध्यान देने लगते हैं। चतरा ब्लाक के शिवपुर निवासी किसान विवेक कुमार ने कहा कि नगवां बांध के भर जाने के बाद क्षेत्र का किसान आश्वस्थ हो जाता है कि अब हमारी फसल हो जायेगी।
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