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Sonebhadra News: हथौड़ा-कुल्हाड़ी से निकलेगा रंग तो दादा की छड़ी भी होगी पिचकारी
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सोनभद्र। बाजार में होली की रौनक छाने लगी है। त्योहार के लिए रंग-गुलाल, पिचकारी की दुकानें सज गई हैं। बच्चों को लुभाने के लिए इस बार आकर्षक पिचकारी आई है। इसमें सुपर हीरो थोर का हथौड़ा और कुल्हाड़ी है तो दादा की छड़ी भी। तलवार, बंदूक, फावड़ा के मॉडल वाली पिचकारियां भी बाजार में उपलब्ध हैं। मोदी मार्का पिचकारी की कीमत 200 से 250 रुपये तक है। पिचकारियों को आकर्षक रंग-रूप के माध्यम से ही बच्चे पसंद कर रहे हैं।
दस मार्च को रंगभरी एकादशी के बाद से ही होली का रंग चढ़ने लगेगा। सोनांचल के आदिवासी बहुल कई इलाकों में दो-तीन दिन पहले ही होली खेली जाती है। त्योहार की तैयारी में लोग जुटने लगे हैं। घरों में चिप्स, पापड़, गुझिया, मिठाई बन रही है तो नए कपड़े, जूते भी खरीदे जा रहे हैं। बच्चों का सबसे ज्यादा रुझान रंग-बिरंगी पिचकारी, मुखौटों और अबीर-गुलाल पर है। बाजार भी इसके लिए तैयार हो गया है। रॉबर्ट्सगंज के मेन चौक, धर्मशाला चौक, गुरुद्वारा रोड, पन्नूगंज तिराहा, बढ़ौली चौराहा सहित अन्य स्थानों पर होली के सामानों की दुकानें सज गई हैं। ग्राहकों को लुभाने के लिए आकर्षक मॉडल के पिचकारी और मुखौटे मंगाए गए हैं। हथौड़ा, कुल्हाड़ी, फावड़ा पिचकारी 200 से 300 तक बाजार में बिक रही है। दो किलो का फायर सिलिंडर 800 और 6 किग्रा का 1800 सौ रुपये तक बाजार में बिक रहा है। मोदी मुखौटा 50 रुपये तो शेर, चिंपैंजी मुखौटा 50 से 100 रुपये में उपलब्ध है। फैंसी टोपी, फैंसी गुब्बारा, हर्बल गुलाल आदि से दुकानें पट गई हैं। दुकानदार हर्ष केशरी ने बताया कि ग्राहकों की भीड़ धीरे-धीरे बढ़ रही है। आगे बिक्री और तेज होगी। चंदन केशरी ने बताया कि बीते साल के मुकाबले रंग के दाम में कुछ तेजी आई है। केशरिया गुलाल की ज्यादा मांग है। यह 350 प्रति किलो तक है। वहीं गुलाल सिलिंडर युवाओं व बच्चों की पहली पसंद बना है। बच्चों के मन पसंद की सामान दुकानों पर उपलब्ध है।
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दस मार्च को रंगभरी एकादशी के बाद से ही होली का रंग चढ़ने लगेगा। सोनांचल के आदिवासी बहुल कई इलाकों में दो-तीन दिन पहले ही होली खेली जाती है। त्योहार की तैयारी में लोग जुटने लगे हैं। घरों में चिप्स, पापड़, गुझिया, मिठाई बन रही है तो नए कपड़े, जूते भी खरीदे जा रहे हैं। बच्चों का सबसे ज्यादा रुझान रंग-बिरंगी पिचकारी, मुखौटों और अबीर-गुलाल पर है। बाजार भी इसके लिए तैयार हो गया है। रॉबर्ट्सगंज के मेन चौक, धर्मशाला चौक, गुरुद्वारा रोड, पन्नूगंज तिराहा, बढ़ौली चौराहा सहित अन्य स्थानों पर होली के सामानों की दुकानें सज गई हैं। ग्राहकों को लुभाने के लिए आकर्षक मॉडल के पिचकारी और मुखौटे मंगाए गए हैं। हथौड़ा, कुल्हाड़ी, फावड़ा पिचकारी 200 से 300 तक बाजार में बिक रही है। दो किलो का फायर सिलिंडर 800 और 6 किग्रा का 1800 सौ रुपये तक बाजार में बिक रहा है। मोदी मुखौटा 50 रुपये तो शेर, चिंपैंजी मुखौटा 50 से 100 रुपये में उपलब्ध है। फैंसी टोपी, फैंसी गुब्बारा, हर्बल गुलाल आदि से दुकानें पट गई हैं। दुकानदार हर्ष केशरी ने बताया कि ग्राहकों की भीड़ धीरे-धीरे बढ़ रही है। आगे बिक्री और तेज होगी। चंदन केशरी ने बताया कि बीते साल के मुकाबले रंग के दाम में कुछ तेजी आई है। केशरिया गुलाल की ज्यादा मांग है। यह 350 प्रति किलो तक है। वहीं गुलाल सिलिंडर युवाओं व बच्चों की पहली पसंद बना है। बच्चों के मन पसंद की सामान दुकानों पर उपलब्ध है।
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