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कैसे साफ होंगी नदियां, बिना ट्रीटमेंट ही गिर रहा नालों का पानी

Sat, 03 Sep 2022 10:18 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 03 Sep 2022 10:18 PM IST
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How will the rivers be cleaned, the water of the drains is falling without treatment
सोनभद्र। आवासीय इलाकों का गंदा पानी हो या औद्योगिक कचरा, नदियां ही इसके निस्तारण का माध्यम है लेकिन बिना ट्रीटमेंट के ही गंदा पानी नदियों में उड़ेला जा रहा है। इससे न सिर्फ नदियां प्रदूषित हो रही, बल्कि जनजीवन पर भी उसका असर पड़ रहा है। बेलन, सोन और रेणु नदियों में प्रदूषण के स्तर में निरंतर वृद्धि हो रही है। बावजूद किसी भी निकाय में ट्रीटमेंट प्लांट लगाने की कोई व्यवस्था नहीं है। यह हाल तब है जबकि गंगा और उसकी सहायक नदियों की स्वच्छता के लिए नमामि गंगे के रूप में विशेष अभियान चल रहा है। नगर पालिका परिषद राबर्ट्सगंज की बात करें तो यहां रोजाना करीब 20 एमएलडी गंदा पानी निकलता है। इस पानी की निकासी दो प्रमुख नालों के जरिए हो रही है। एक नाला के जरिए नगर का गंदा पानी सजौर गांव के पास प्राकृतिक नाले के माध्यम से सरोई (बेलन) नदी में गिर रहा है। दूसरा नाला चंडी तिराहे से होते हुए हिंदुआरी के पास बेलन नदी में मिलता है। नाले जो कुछ बहाकर ले जाते हैं, वह सीधे नदी में चला जाता है। इसमें घरों के गंदे पानी के अलावा दुकानों पर उपयोग होने वाले रसायनों का अपशिष्ट भी शामिल है। गनीमत है कि राबर्ट्सगंज नगर क्षेत्र ऊंचाई पर होने के कारण नालों का पानी नदी से होते हुए दूर निकल जाता है। जिले की दूसरी बड़ी निकाय ओबरा से निकलने वाला गंदा पानी रेणु नदी में जा रहा है। रेणुकूट और पिपरी में भी घरों से निकलने वाला गंदा पानी नालों के माध्यम से रेणु नदी में गिर रहा है। दुद्धी, घोरावल, डाला और अनपरा नगर पंचायत में भी सीवर ट्रीटमेंट प्लांट नहीं है। इससे नगर से निकलने वाला गंदा पानी आसपास के इलाकों में जमा हो रहा है। जिला मुख्यालय राबर्ट्सगंज से निकला नाला सजौर गांव में गिरने से खेती योग्य कई बीघा जमीन बंजर हो गई है। जिस खेत में किसान खरीफ एवं रबी की फसलें उगाकर आबाद रहते थे, अब उसी खेत से किसानों को कुछ भी हासिल नहीं हो रहा है। अलबत्ता गंदे पानी से उठने वाले दुर्गंध से ग्रामीणों की समस्याएं बढ़ गईं हैं। समस्या निस्तारण के लिए कई बार सजौर, मझिगांव एवं घुवास खुर्द के किसान प्रदर्शन करते हुए अधिकारियों को ज्ञापन दे चुके हैं, बावजूद नतीजा सिफर रहा।
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